कोरोना संकट और तमाम विवादों के बीच भारत-चीन व्यापार में हुई बढ़ोतरी, देश से निर्यात में आई 27.5% की तेजी

कोरोना संकट के बीच भारत से चीन को निर्यात में वृद्धि दर्ज हुई है.

कोरोना संकट के बीच भारत से चीन को निर्यात में वृद्धि दर्ज हुई है.

कोरोना महामारी और तमाम विवादों के बाद भी भारत और चीन के बीच कारोबार (India-China Trade) नहीं थमा. इस दौरान भारत से चीन को निर्यात (Indian Export to China) में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. भारत चीन को लौह अयस्‍क, स्टील और ऑर्गेनिक केमिकल्स का निर्यात करता है. वहीं, इस दौरान चीन से मोबाइल कंपोनेंट्स के आयात में कमी आई है.

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नई दिल्‍ली. भारत और चीन के बीच काफी समय से हालात सामान्‍य (India-China Rift) नहीं हैं. लद्दाख सीमा विवाद के समय भारत ने चीन के खिलाफ कई सख्‍त फैसले भी लिए थे. इस दौरान कोरोना वायरस का प्रकोप पूरी दुनिया में फैला. भारत में भी कोविड-19 (Covid-19) ने जमकर बर्बादी फैलाई है. इन सबके बाद भी वित्‍त वर्ष 2020-21 (FY21) के दौरान भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्‍यापार (India-China Trade) में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. गौरतलब है कि ये वृद्धि ऐसे समय में हुई है, जब कोरोना संक्रमण के फैलने की रफ्तार को काबू करने के लिए भारत में सख्‍त लॉकडाउन (Lockdown) लगा दिया गया था.

भारत ने चीन को 21.19 अरब डॉलर का किया निर्यात

भारत में चीन के खिलाफ माहौल, सीमा विवाद और अन्य मुश्किलों के बाद भी दोनों देशों के बीच व्यापार वित्‍त वर्ष 2019-20 के मुकाबले ज्‍यादा रहा है. वाणिज्‍य व उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने 2020-21 में चीन से 65.21 अरब डॉलर का आयात किया है. वहीं, वित्‍त वर्ष 2019-20 में यह आंकड़ा 65.26 अरब डॉलर था. हालांकि, वित्‍त वर्ष 2021 के दौरान भारत से चीन को निर्यात में 27.5 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया है और ये 21.19 अरब डॉलर पर पहुंच गया. इस दौरान भारत का कुल आयात 17.1 फीसदी घटकर 393.60 अरब डॉलर रहा. कुल निर्यात में 7.2 फीसदी की कमी आई और यह 290.81 अरब डॉलर का था. इस वजह से भारत के आयात बिल में चीन की हिस्सेदारी 16.6 फीसदी की हो गई और निर्यात में हिस्सेदारी 5.3 फीसदी से बढ़कर 7.3 फीसदी पर पहुंच गई.

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लोकल मैन्‍युफैक्‍चरिंग को बढ़ावा देने से घटा आयात

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से मोबाइल फोन के पार्ट्स की लोकल मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली को बढ़ावा देने के कारण टेलिकॉम डिवाइसेज का आयात घटकर 6.48 अरब डॉलर रह गया, जो इससे पिछले वित्‍त वर्ष के दौरान 15.59 अरब डॉलर का था. भारत के लिए चीन केमिकल्स और इसमें भी खासतौर पर फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री के लिए इंग्रेडिएंट्स का बड़ा जरिया बना हुआ है. दवाओं की मांग बढ़ने के कारण इनके आयात में तेजी आई है. हालांकि, चीन से ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स का आयात घट गया है. देश से चीन को आयरन ओर, स्टील और ऑर्गेनिक केमिकल्स का ज्‍यदा निर्यात किया गया. आयरन ओर के साथ ही स्टील के ग्लोबल प्राइसेज बढ़ने से निर्यात ज्‍यादा रहा. भारत से चीन को निर्यात बढ़ने का यह भी बड़ा कारण है.

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