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इस वजह से सस्ता होगा दिवाली के बाद सोना खरीदना! जानिए धनतेरस पर गोल्ड से जुड़ी जरूरी बातें

News18Hindi
Updated: October 25, 2019, 10:46 AM IST
इस वजह से सस्ता होगा दिवाली के बाद सोना खरीदना! जानिए धनतेरस पर गोल्ड से जुड़ी जरूरी बातें
बीते 10 साल में सोने ने डबल डिजिट में रिटर्न दिया है, जो कि शेयर बाजार में किए गए निवेश के मुकाबले का है.

पिछले साल ​के मुकाबले इस साल दिवाली (Diwali 2019) पर सोने में निवेश से करीब 30 फीसदी से भी अधिक का रिटर्न मिला है. दिवाली के ठीक के बाद सोने की कीमतों में गिरावट का फायदा उठाकर निवेश किया जा सकता है.

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  • Last Updated: October 25, 2019, 10:46 AM IST
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नई दिल्ली. आर्थिक सुस्ती (Economic Slowdown) और इक्विटी बाजार (Equity Market) में भारी गिरावट के बाद सोने की कीमतों मे लगातार तेजी का दौर जारी है. धनतेरस (Dhanteras 2019) से एक दिन पहले घरेलू बाजार में सोना 75 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा होकर 38,945 रुपये रहा. पिछले साल दिवाली से इस साल तक की बात करें तो सोने की कीमतों में करीब 30 फीसदी से भी अधिक का रिटर्न मिला है. पिछले साल धनतेरस के समय सोने का भाव 30 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था.

वैश्विक बाजार के मुकाबले भारत में 10 फीसदी महंगा सोना-बाजार में जानकारों का मानना है कि वैश्विक सुस्ती और दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों (Central Banks) द्वारा गोल्ड​ रिजर्व (Gold Reserve) बढ़ाने की वजह से सोने में तेजी का दौर जारी है. भारतीय बाजार की बात करें तो यहां वैश्विक बाजार की तुलना में यहां सोने का भाव करीब 10 फीसदी अधिक है. इसका कारण भारत में सोने के आयात पर लगने वाला 10 फीसदी आयात शुल्क है. बता दें कि भारत में सोने पर 3 फीसदी का जीएसटी भी देय होता है.

दिवाली के बाद 3-4 फीसदी सस्ता होगा सोना-केडिया कमोडिटी के प्रबंध निदेशक अजय केडिया बताते हैं कि वैश्विक सुस्ती की वजह से सोने की कीमतों को सपोर्ट मिला है. वहीं, दुनियाभर में भू​-राजनीतिक तनाव (Geo-Political Tension) की वजह से भी सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है.

केडिया का कहना है कि अगले साल दिवाली तक सोने के आउटलुक की बात करें तो यह 43,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव तक जा सकता है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि दिवाली के ठीक बाद सोने की कीमतों में करीब 3 से 4 फीसदी की गिरावट देखने को मिलेगी. ऐसे में निवेशकों के साथ-साथ आम लोगों को भी इस समय सोने की खरीदारी में अधिक तेजी नहीं दिखानी चाहिए.

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सोना

सोने में पारंपरिक निवेश के अलावा भी विकल्प-हालांकि, धनतेरस के दिन और फिर शादियों के सीजन में सोने की मांग को छोड़ दें तो साल 2013 के बाद लोगों में फिजिकल गोल्ड के अलावा भी दूसरे विक्लपों में रूचि देखने को मिली है. इसका सबसे बड़ा कारण है कि लोगों को फिजिकल गोल्ड से इतर पेपर गोल्ड (Paper Gold) में निवेश के कई विकल्प मिल रहे हैं.

यही नहीं, सोने में निवेश से कमाई के अलावा भी लोगों को गोल्ड डिलीवरी का विकल्प भी मिल रहा है. निवेशकों के अलावा आम लोग भी पेटीएम गोल्ड, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, गोल्ड ETF जैसे निवेश के विकल्प का भरपूर फायदा उठा रहे हैं.

एमसीएक्स गोल्ड निवेशकों को कम से कम 1 ग्राम सोना खरीदने का विकल्प दे रहा है. एमसीएक्स गोल्ड में इस निवेश की खास बात है कि न्यूनतम 1 ग्राम सोने को भी अपने डीमैट अकाउंट में रखा जा सकता है. जरूरत पड़ने पर इसकी डिलीवरी भी ली जा सकती है.

सोना ​दे रहा बेहतर रिर्टन
केडिया बताते हैं कि पेपर गोल्ड के दौर से पहले निवेशक अपने कुल पोर्टफोलियों में 4 फीसदी तक ही सोने में निवेश करते थे. लेकिन, पेपर गोल्ड आ जाने के बाद उन्होंने अपने निवेश को बढ़ाया है.

इसका एक कारण यह भी है कि बीते 10 साल में सोने ने डबल डिजिट में रिटर्न दिया है, जो कि शेयर बाजार में किए गए निवेश के मुकाबले का है. बीते 10 साल में निफ्टी ने भी औसतन 10 फीसदी का ही रिटर्न दिया है.

देशभर में लोगों के घर में कुल 20 हजार टन सोना
ज्वेलरी बाजार में दुकानदारों का कहना है कि सोने की कीमतों में तेजी की वजह बार्टर सिस्टम भी देखने को मिल रहा है यानी आम लोग पुराने सोने को बदलकर नए सोने की खरीदारी कर रहे हैं.

ज्वेलर्स के मुताबिक, औसतन 30 से 40 फीसदी लोग बार्टर सिस्टम को महत्व दे रहे हैं. वहीं, करीब 60 फीसदी लोग नए सोने की खरीदारी कर रहे हैं. आंकड़े तो यह भी बताते हैं कि मौजूदा समय में लोगों के घरों में करीब 20 हजार टन सोना रखा है.

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सोना



क्यो लोगों को पसंद आ रहा सोना
सोने को लेकर लोगों के बढ़ते सोने भरोसे का एक बड़ा कारण यह भी है कि एलटीसीजी लगने के बाद से लोग इक्विटी बाजार से बच रहे हैं. वहीं, नीतिगत ब्याज दरों में कटौती के बाद बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट पर भी ब्याज दरों को घटा दिया है.

पीएमसी बैंक मामले के सामने आने के बाद बैंकों के बचत की सुरक्षा को लेकर लोगों असमंजस की स्थि​ति भी रही है. प्रॉपर्टी बाजार में भी कुछ खास तेजी नहीं देखने को मिल रही है. नवंबर 2016 में नोटबंदी के दौर में सोना ने ही लोगों को बचाया था. ऐसे में इन सभी फैक्टर्स को देखते हुए सोने पर लोगों का भरोसा कायम है.

​कैसे बनाया जा सकता है मुनाफा
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि मौजूदा ​परिस्थितियों को देखते को हुए कहा जा सकता है कि घाटे से बचने के लिए निवेशकों से लेकर आम लोगों तक के लिए गोल्डेन एस्केप बन रहा है. पारंपरिक निवेश के अलावा भी लोगों के पास सोने में निवेश के कई विकल्प है.

सोने में निवेश से बचत के साथ—साथ फिजिकल गोल्ड डिलिवरी का विकल्प लोगों को भा रहा है. ऐसे में पिछले साल की तुलना में इस साल का रिटर्न भी निवेश का एक बेहतर कारण बताता है. दिवाली से ठीक बाद सोने में गिरावट के समय में खरीदारी कर अगले साल धनतेरस के मौके पर इसस निकलने में बेहतर रिटर्न मिल सकता है.

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 (आशुतोष वर्मा, न्यूज18 हिंदी)

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First published: October 25, 2019, 5:11 AM IST
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