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दीवान हाउसिंग मामला: FD कराने वालों की बढ़ी टेंशन! सरकार ने दिए कंपनी की जांच के आदेश

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Updated: November 2, 2019, 1:34 PM IST
दीवान हाउसिंग मामला: FD कराने वालों की बढ़ी टेंशन! सरकार ने दिए कंपनी की जांच के आदेश
DHFL पर आरोप है कि उसने 31 हजार करोड़ रुपये के बैंक कर्ज की हेरा-फेरी की है.

DHFL पर कुल 84,000 करोड़ रुपये का कर्ज है. म्यूचुअल फंडों की हिस्सेदारी इसमें काफी कम है. बैंकों की इसमें 40,000 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी है, जबकि बाकी रकम रिटायरमेंड फंड, बीमा फंड और बॉन्ड धारकों की है.

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  • Last Updated: November 2, 2019, 1:34 PM IST
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मुंबई. केंद्र सरकार ने डीएचएफएल यानी दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड में  वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर मामले को देखते हुए SFIO को जांच के आदेश दिए है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डीएचएफएल पर आरोप है कि उसने कई मुखौटा कंपनियों (Shell Companies) के जरिये 31 हजार करोड़ रुपये के बैंक लोन की हेरा-फेरी की है. कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने कंपनियों के रजिस्ट्रार के जरिये डीएफएफल के मालिकों के खिलाफ वित्तीय अनियमितता के आरोपों की विस्तार से जांच कराई है. इस जांच में पैसों के संदिग्ध हेर-फेर के संकेत मिले हैं. इसके बाद अब मंत्रालय ने एसएफआईओ को इस मामले की जांच करने को कहा है. माना जा रहा है कि डीएचएफएल में जिनकी एफडी है उनमें से करीब एक लाख लोगों की एफडी फंसने का खतरा पैदा हो गया है.

अब क्या होगा- लाइव मिंट में छपी खबर के मुताबिक, DHFL ने बैंकों और बकाएदारों के पैसे चुकाने के लिए नई स्कीम पेश की है. इसके तहत 10 साल में बिना ब्याज के लोगों का फंड वापस किया जा सकता है. इसमें भी उन लोगों को प्रायोरिटी दी जाएगी, जिनकी एफडी है और वो रिटायर होने वाले हैं या हो चुके हैं. DHFL कॉर्पोरेट एफडी की स्कीम चलाती है.



DHFL पर कुल 84,000 करोड़ रुपये का कर्ज है. म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी इसमें काफी कम है. बैंकों की इसमें 40,000 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी है, जबकि बाकी रकम रिटायरमेंड फंड, बीमा फंड और बॉन्ड धारकों की है.

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आपको बता दें कि पिछले एक साल के दौरान DHFL की मार्केट कैप 90 फीसदी से ज्यादा गिर गई है. कंपनी का शेयर 91 फीसदी गिरकर 18 रुपये के भाव पर आ गया है.

आइए जानें क्या है मामला...
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>> डीएचएफएल पर आरोप है कि उसने कई मुखौटा कंपनियों के जरिये 31 हजार करोड़ रुपये के बैंक लोन की हेरा-फेरी की है. 29 अक्टूबर को कंपनी रजिस्ट्रार ने मुंबई ऑफिस में कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय को डीएचएफएल के बारे में रिपोर्ट सौंपी है.

>> डीएचएफएल पर कुल 84 हजार करोड़ रुपये की देनदारी या बकाया है जिसमें में नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर का कंपनी पर 41,431 करोड़ रुपये बकाया है.

>> इसके अलावा बैंकों का 27,527 करोड़ रुपये का बकाया है. वहीं कमर्शियल पेपर 100 करोड़ रुपये के हैं. नेशनल कमर्शियल बैंक यानी एनसीबी का भी डीएचएफएल पर 2350 करोड़ रुपये का बकाया है.

>> वहीं कुछ एक्सटरनल कमर्शियल बॉरोइंग भी हैं वहीं कुछ अन्य बकाया भी हैं.कंपनी की एफडी वालों के लिए निपटान स्कीम पेश की गई.

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First published: November 2, 2019, 1:06 PM IST
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