दिल्ली-NCR में बदले जाएंगे डीजल जनरेटर, अब उनकी जगह होगा ये विकल्प

दिल्ली-एनसीआर में आईजीएल डीजल जनरेटर को गैस जनरेटर में बदलने में करेगी मदद.
दिल्ली-एनसीआर में आईजीएल डीजल जनरेटर को गैस जनरेटर में बदलने में करेगी मदद.

इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (Indraprastha Gas Limited) का दावा है कि गैस जेनसेट (Gas genset) की ऑपरेशनल लागत काफी कम होगी. अगर गैस (Gas) से चलने वाले जेनसेट को पूरी क्षमता से चलाया जाता है. तो 50 फीसदी तक लागत (Cost) बचाई जा सकती हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 24, 2020, 7:34 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब से खतरनाक होती जा रहा है. लोगों को सांस लेने में काफी दिक्कते आ रही है. प्रदूषण को कम करने के लिए कई उपाय किए जा रहे है. इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने भी डॉमेस्टिक,कमर्शियल और औद्योगिक इकाइयों में डीजल से चलने वाले जनरेटरों के बजाय गैस से चलने वाले जनरेटरों को बढ़ावा देने का मेगा प्लान तैयार किया है. दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरूग्राम के कुछ हिस्सों के रेसिडेंशियल कॉम्पलेक्स, कमर्शियल कॉम्पलेक्सों और औद्योगिक क्षेत्रों में प्राकृतिक गैस से जनरेटर चलाने की सुविधा देने जा रही है.

ग्राहक ऐसे कर सकते है आवेदन- आईजीएल का दावा है कि दिल्ली एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान को लागू किए जाने से बड़ी संख्या में लोग डीजल जनरेटरों को प्राकृतिक गैस जनरेटर में बदल रहे है. ऐसे ग्राहकों को आईजीएल की टेक्निकल टीम मदद कर रही है. इसके लिए रुचि रखने वाले ग्राहक कंपनी की वेबसाईट www.iglonline.net पर आवेदन कर सकते है. आवेदनकर्ता को जनरेटर बदलने संबंधी पूरी जानकारी देनी होगी. इसके अलावा कंपनी ने 24 घंटे काम करने वाली एक हेल्पलाईन नंबर 18001025109 और 18001805109 भी जारी किया है.

यह भी पढ़ें: इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्ज कराने पर कितने रुपये देने होंगे? यहां देखें लिस्ट



गैस जेनसेट से ग्राहकों को मिलेंगे ये फायदे- डीजल जेनसेट के बजाय गैस जेनसेट लगाने से दिल्ली एनसीआर में खतरनाक स्तर पर पहुंच गई वायु गुणवत्ता से काफी राहत मिल सकती है. पर्यावरण को भी स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी. यहीं नहीं कंपनी का दावा है कि गैस जेनसेट की ऑपरेशनल लागत काफी कम होगी. अगर गैस से चलने वाले जेनसेट को पूरी क्षमता से चलाया जाता है तो 50 फीसदी तक लागत बचाई जा सकती है.
आईजीएल ने कहा कि डीजल से गैस में बदलने पर ग्राहकों का जितना खर्च होगा, उसे वह एक या डेढ़ साल में ही वसूल कर लेगा. जिन रेसिडेंसियल कॉम्पलेक्सों में आईजीएल पाईपलाईन गई है वहां के जेनसेट को आसानी से गैस से जोड़ा जा सकता है. इसके अलावा ग्राहकों को और कई फायदे मिलेंगे. ग्राहकों को डीजल स्टोर करने की जरूरत नहीं होगी. ऑनलाईन सप्लाई होने की वजह से डीजल या गैस खरीदने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं होगी. इंस्टॉलेशन क्षेत्र भी पहले से काफी साफ-सुथऱा रह पायेगा.

यह भी पढ़ें: NTPC को मिली ड्रोन इस्तेमाल करने की अनुमति, होगा यह काम

सीएनजी वाहनों का भी प्रचलन लगातार बढ़ रहा है- आईजीएल ने कहा है कि प्रति माह 8000 वाहन सीएनजी फ्लीट से जुड़ रहे हैं. रनिंग कोस्ट कम होने की वजह से यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत की तुलना में सीएनजी से ग्राहकों को 62 फीसदी तक बचत होती है.

वहीं इनकी डीजल वाहनों से तुलना करे तो सीएनजी वाहनों की रनिंग कोस्ट 40 फीसदी कम होती है. दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, रेवाडी, गुरूग्राम, करनाल, कैथल, फतेहपुर और मुज्जफरनगर में आईजीएल ने सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया है. यहीं नहीं एनसीआर क्षेत्र में 560 सीएनजी स्टेशन लगाए गये है. जिससे करीब 12 लाख वाहन ईंधन भराते है. कंपनी ने जानकारी दी है कि आने वाले दिनों में राजस्थान में अजमेर, पाली और राजसंमद, उत्तर प्रदेश में शामली, मेरठ का कुछ भाग, हमीरपुर और कानपुर के कुछ भाग में भी पाईपलाईन नेटवर्क बिछाने जा रही है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज