UPI के जरिए जुलाई में हुआ रिकॉर्डतोड़ ट्रांजैक्शन, पहुंचा 149 करोड़ की रिकॉर्ड ऊंचाई पर

UPI के जरिए जुलाई में हुआ रिकॉर्डतोड़ ट्रांजैक्शन, पहुंचा 149 करोड़ की रिकॉर्ड ऊंचाई पर
UPI ने किए अब तक के सबसे ज्यादा ट्रांजेक्शन

यूपीआई (Unified Payments Interface) से अब तक का सबसे अधिक कैश ट्रांजैक्शन (Cash Transaction) हुआ है. यूपीआई से जुलाई 2020 में कुल 149 करोड़ लेन-देन हुए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 4, 2020, 12:55 PM IST
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देश में फ़ैली कोरोना महामारी ने भारत में डिजिटल पेमेंट को काफी बढ़ा दिया है. लोग कैश की जगह ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं. यही कारण है कि जुलाई, 2020 में यूपीआई यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (Unified Payments Interface) से अब तक का सबसे अधिक कैश ट्रांजैक्शन (Cash Transaction) हुआ है. यूपीआई से जुलाई 2020 में कुल 149 करोड़ लेन-देन किये गए हैं. इस लेन-देन की कुल वैल्यू 2.91 लाख करोड़ रुपये रही है. अब तक का यह यूपीआई से पेमेंट की सबसे ज्यादा वैल्यू है.

जून में हुआ 2.61 लाख करोड़ रुपए का लेन-देन-
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के आंकड़ों के मुताबिक जून 2020 में 134 करोड़ लेन-देन किए गए थे. जिसकी कुल वैल्यू 2.61 लाख करोड़ रुपए थी. जुलाई 2019 में यह आंकड़ा 82.23 करोड़ था और इसकी वैल्यू 1.46 लाख करोड़ रुपए थी. अगर एक साल पहले की तुलना में जुलाई 2020 में यूपीआई ट्रांजेक्शन की बात करें तो इसमें वैल्यू में दोगुने से भी ज्यादा बढ़त हुई है. यह आंकड़ा 2.91 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है.

अप्रैल-जुलाई में 631 करोड़ ट्रांजेक्शंस-
वित्त वर्ष 2020-21 की अप्रैल-जुलाई अवधि में UPI पर कुल ट्रांजेक्शंस की संख्या 631 करोड़ हो गई. इनमें 6.31 लाख करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया. वित्त वर्ष 2019-20 में 1252 करोड़ UPI ट्रांजेक्शंस हुए थे, जिनकी रुपये में वैल्यू 21.32 लाख करोड़ रुपये रही थी. वित्त वर्ष 2019-20 की बात करें तो पूरे साल के दौरान यूपीआई से लेन-देन की संख्या 1,252 करोड़ रही है. इसकी कुल वैल्यू 21.32 लाख करोड़ रुपये रही है. एनपीसीआई की स्थापना साल 2008 में की गई थी.



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UPI के अलावा जुलाई, 2020 में इमिडिएट पेमेंट सर्विस (IMPS) के जरिये होने वाले लेनदेन में भी 11 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. जुलाई में IMPS के जरिये कुल 22.2 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए. इसके तहत दो लाख 25 हजार करोड़ रुपये के लेनदेन हुए.

साल 2016 में की गयी नोटबंदी के बाद देश भर में डिजिटल ट्रांजेक्शन का चलन बढ़ा है. एनपीसीआई देश में रिटेल पेमेंट और सेटलमेंट सिस्टम का काम करता है. यह रूपे कार्ड, आईएमपीएस, यूपीआई, भारत इंटरफेस फार मनी (भीम), आधार, एनईटीसी और भारत बिल पे के रूप में काम करता है.
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