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ऑनलाइन पेमेंट करते हैं तो हो जाएं अलर्ट, आपको बिना बताये ये बैंक वसूल रहे एक्स्ट्रा चार्ज

डिजिटल पेमेंट (प्रतीकात्मक तस्वीर)

डिजिटल पेमेंट (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Digital Transaction Charge: पिछले कुछ महीनों के दौरान देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन का वॉल्युम तेजी से बढ़ा है. सरकार द्वारा ऑनलाइन पेमेंट पर एमडीआर हटाये जाने के बाद अब प्राइवेट बैंक ग्राहकों से ट्रांजैक्शन चार्ज वसूल रहे है. यह चार्ज हर महीने एक तय लिमिट के बाद वसूला जा रहा है.

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    नई दिल्ली. कोविड-19 के मद्देनजर लॉकडाउन के बाद से ही डिजिटल पेमेंट (Digital Payment) में इजाफा हुआ है. लेकिन, ग्राहकों के लिए ध्यान देने वाली बात है कि डिजिटल पेमेंट के ट्रांजैक्शन पर प्राइवेट बैंक कई तरह के चार्ज वसूल रहे हैं. यहां तक की छोटे डिजिटल ट्रांजैक्शन पर भी यह चार्ज वसूला जा रहा है. जो प्राइवेट बैंक यह चार्ज वसूल रहे, उनमें एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) हैं. अब संभावना है कि इन प्रमुख प्राइवेट बैंकों के देखादेखी दूसरे बैंक भी ऐसे चार्ज वसूल सकते हैं. दरसअल, देश में बीते कुछ महीनों के दौरान डिजिटल लेनदेन का वॉल्युम तेजी से बढ़ा है. यही कारण है कि ये प्राइवेट बैंक डिजिटल लेनदेन पर होने वाले नुकसान की भरपाई का बोझ ग्राहकों पर डाल रहे हैं. ये बैंक अब हाई फ्रिक्वेंसी और छोटी रकम के लेनदेन पर भी अलग-अलग तरह का चार्ज वसूलना शुरू कर दिया है.

    एमडीआर खत्म करने के बाद बदल रही रणनीति
    एक रिपोर्ट में एक बैंक और पेमेंट बैंक के अधिकारी के हवाले से लिखा है कि पिछले साल ही सरकार ने यूनिफाइड पेमेंट सिस्टम इंटरफेस (UPI - Unified Payment System) पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को खत्म कर दिया था. सरकार के इस फैसले के बाद अब ये बैंक अपने डिजिटल रणनीति को इस आधार पर बदलाव कर रहे हैं. बैंक अब इस फीस से होने वाली कमाई का नुकसान का बोझ ग्राहकों पर डाल रहे हैं. इसके अतिरिक्त, बैंक एंड सिस्टम पर डिजिटल वॉल्युम में भारी बढ़ोतरी भी उन्हें पेमेंट के गणित के बारे में सोचने के लिए विवश कर रही है.

    क्या होता है एमडीआर
    वह फीस होती है, जो दुकानदार डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर आपसे लेता है. आप कह सकते हैं कि यह डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट की सुविधा पर लगने वाली फीस है. एमडीआर (Merchant Discount Rate) से हासिल रकम दुकानदार को नहीं मिलती है. कार्ड से होने वाले हर पेमेंट के एवज में उसे एमडीआर चुकानी पड़ती है.

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    कितना चार्ज वसूल रहे ये बैंक?
    एचडीएफसी बैंक अब अपने बैंकिंग सर्विसेज के लिए फ्लैट 10 रुपये का सरचार्ज लगा रहा है. इसे रकम को मोबाइल के बिल पेमेंट, प्रीपेड वॉलेट रिचार्ज और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को पेमेंट करने पर वसूला जा रहा है. इसी प्रकार आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक कोटक महिंद्रा बैंक भी यूपीआई पेमेंट पर प्रोसेसिंग फीस वसूल रहे हैं. इसे हर महीने 20 ट्रांजैक्शन की लिमिट खत्म होने के बाद वसूला जा रहा है. बैंकों 1,000 रुपये से कम कम के ट्रांसफर करने पर पीयर—टू—पीयर ट्रांसफर पर प्रति ट्रांजैक्शन 2.5 रुपये वसूल रहे हैं. जबकि, अन्य के लिए यह फीस 5 रुपये की है.

    बैंकों ने तय कर ली है हर महीने की ट्रांजैक्शन लिमिट
    बता दें कि अप्रैल में ही कोटक ​महिंद्रा बैंक ने प्रति महीने 20 ट्रांजैक्शन की लिमिट तय की किया था. इसके बाद में मई में आईसीआईसीआई बैंक और फिर जून में एक्सिस ने बैंक ने भी ऐसा ही कर लिया. ET ने अपनी रिपोर्ट में कोटक महिंद्रा बैंक के प्रवक्ता के हवाले से लिखा है कि यह फीस इसलिए वसूला जा रहा है ताकि यूपीआई सिस्टम का दुरुपयोग न किया जा सके. अधिकतकर ग्राहक एक महीने में 5 से 10 ट्रांजैक्शन ही करते हैं.

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    जानकारों का मानना है कि पिछले साल एमडीआर नहीं वसूलने के फैसले के बाद से पेमेंट बिजनेस में किसी का भी काम नहीं चल पा रहा है. इसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर लगाने या अपग्रेड करने का कोई फायदा नहीं है.

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