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FY20 में टैक्स कलेक्शन 4.92 फीसदी घटा, इस वजह से सरकार की झोली में आए सिर्फ 12.33 लाख करोड़ रुपये

FY20 में टैक्स कलेक्शन 4.92 फीसदी घटा, इस वजह से सरकार की झोली में आए सिर्फ 12.33 लाख करोड़ रुपये

2. Self Assessment Tax की आखिरी तारीख: अगर वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए सेल्फ असेसमेंट (Self Assesment) एक लाख रुपये से ज्यादा का है तो फिर इसका भुगतान करने के लिए आखिरी तारीख 31 जुलाई है. अन्यथा आपको जुर्माना देना होगा. सीबीडीटी द्वारा जारी 24 जून को किए गए आदेश के मुताबिक बिना जुर्माना के सेल्फ असेसमेंट टैक्स जमा करने की आखिरी तारीख ये ही है. इसमें किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है.

2. Self Assessment Tax की आखिरी तारीख: अगर वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए सेल्फ असेसमेंट (Self Assesment) एक लाख रुपये से ज्यादा का है तो फिर इसका भुगतान करने के लिए आखिरी तारीख 31 जुलाई है. अन्यथा आपको जुर्माना देना होगा. सीबीडीटी द्वारा जारी 24 जून को किए गए आदेश के मुताबिक बिना जुर्माना के सेल्फ असेसमेंट टैक्स जमा करने की आखिरी तारीख ये ही है. इसमें किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है.

Direct Tax Collection: वित्त वर्ष 2019-20 में कुल डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 12.33 लाख करोड़ रुपये रहा, जोकि ​इसके पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 4.92 फीसदी कम है. कॉरपोरेट टैक्स में कटौती और पसर्नल इनकम टैक्स में सरकार द्वारा उठाए गए कदम की वजह से कुल टैक्स कलेक्शन में गिरावट आई है.

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    नई दिल्ली. केंद्र सरकार द्वारा कॉरपोरेट टैक्स में कटौती, स्टैंडर्ड डिडक्शन में इजाफा और व्यक्तिगत इनकम टैक्स में छूट की लिमिट बढ़ाने के बाद वित्त वर्ष 2019-20 में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन (Direct Tax Collection) घटकर 12.33 लाख करोड़ रुपये रहा. ​इनकम ​टैक्स डिपार्टमेंट (Department of Income Tax) ने रविवार को बताया कि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में यह 4.92 फीसदी कम है. अगर सरकार ने कॉरपोरेट टैक्स में कटौती और व्यक्तिगत इनकम टैक्स को लेकर यह फैसला नहीं लिया होता तो वित्त वर्ष 2019-20 में कुल टैक्स कलेक्शन 8 फीसदी बढ़कर 14.01 लाख करोड़ रुपये होता.

    पहले की तुलना में अधिक टैक्स रिफंड जारी
    वित्त वर्ष 2018-19 में कुल डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 12,97,674 करोड़ रुपये था. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने एक बयान में कहा, 'यह तथ्य है कि वित्त वर्ष 2019-20 में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन पिछले वित्त वर्ष की तुलना में घटा है. लेकिन टैक्स कलेक्शन में इस गिरावट की उम्मीद फैसले लेते समय ही थी. ऐतिहासिक टैक्स रिफॉर्म को देखते हुए यह तात्कालिक असर है. वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान पहले की तुलना में अधिक टैक्स रिफंड जारी किया गया है.'

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    कितना पड़ा सरकार के फैसलों का असर
    वित्त वर्ष 2019-20 में कॉरपोरेट टैक्स (Corporate Tax) ​में कटौती और व्यक्तिगत इनकम टैक्स में बदलाव का वास्तवितक से होने वाली कमाई क्रमश: 6.78 लाख करोड़ रुपये और 5.55 लाख करोड़ रुपये के रूप रहा. इस प्रकार कुल टैक्स कलेक्शन 12,33,720 रुपये रहा. इस वित्त वर्ष के दौरान कॉरपोरेट टैक्स में कटौती से सरकार की झोली पर 1.45 लाख करोड़ रुपये पड़ा जबकि व्यक्तिगत इनकम टैक्स लि​मिट (टैक्स रिबेट और स्टैंडर्ड रिडक्शन बढ़ने) से 23,200 करोड़ रुपये का असर पड़ा है. अगर सरकार ने ये फैसले नहीं लिए होते तो वित्त वर्ष 2019-20 में कुल टैक्स कलेक्शन 8.23 लाख करोड़ रुपये और व्यक्तिगत इनकम टैक्स 5.78 लाख करोड़ रुपये होता है.

    सही दिशा में डायरेक्ट टैक्स का ग्रोथ
    इस प्रकार कुल टैक्स कलेक्शन 14.01 लाख करोड़ रुपये होता जोकि वित्त वर्ष 2018-19 की तुलना में 8.03 फीसदी ज्यादा होता. वित्त वर्ष 2019-20 में नॉमिनल जीडीपी दर 7.20 (Nominal GDP Rate FY20) फीसदी था. अगर इन ऐतिहासिक टैक्स रिफॉर्म के असर का हटा दें तो कुल टैक्स कलेक्शन की बायोंसी 1.12 होती है. कॉरपोरेट टैक्स के मामले में यह करीब 1 और व्यक्गित इनकम टैक्स के मामले में यह 1.32 होती है. बायोंसी यह दर्शाता है कि डायरेक्ट टैक्स का ग्रोथ सही दिशा में है और इसमें इजाफा हो रहा है. सरकार के लिए यह अच्छे संकेत हैं.

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    CBDT ने कहा कि इस चुनौतीपीूर्ण समय में जीडीपी दर की तुलना में डायरेक्ट टैक्स ग्रोथ यह साबित करता है कि टैक्स आधार बढ़ाने के लिए उठाए गए कदम का बेहतर असर देखने को मिल रहा है. वित्त वर्ष 2019-20 में सीबीडीटी ने 1.84 लाख करोड़ रुपये का टैक्स रिफंड जारी किया है ताकि इसके पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 14 फीसदी ज्यादा है. वित्त वर्ष 2018-19 में कुल टैक्स रिफंड 1.61 लाख करोड़ रुपये रहा.

    कॉरपोरेट टैक्स का लाभ मिलना बाकी
    जब पूछा गया कि कॉरपोरेट टैक्स में कटौती के बाद की कुछ तिमाहियों से इन्वेस्टमेंट नहीं बढ़ा है तो इस पर सीबीडीटी ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी सेटअप करने में कई अन्य बातों को भी ध्यान में रखना होता है. भूमि अधिग्रहण, कंस्ट्रक्शन, ऑफिस और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने जैसे काम को भी पूरा करना होता है. सीबीडीटी ने कहा कि इन्हें कुछ महीनों में ही नहीं पूरा किया जा सकता है. कोई भी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट सरकार द्वारा रिफॉर्म के ऐलान के अगले दिन से ही निर्माण कार्य नहीं शुरू कर सकती हैं.

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    Tags: Business news in hindi, Central Board of Direct Taxes, Income tax, Tax collection

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