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झटका! 20 साल में पहली बार डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में आ सकती है बड़ी गिरावट

रॉयटर्स
Updated: January 24, 2020, 6:12 PM IST
झटका! 20 साल में पहली बार डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में आ सकती है बड़ी गिरावट
20 साल में पहली बार डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में आ सकती है गिरावट

सुस्त अर्थव्यवस्था (Economic Slowdown) और पिछले साल कॉरपोरेट टैक्स (Corporate Tax) में कटौती के बाद चालू वित्त वर्ष में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन (Direct Tax Collection) बीते दो दशक में पहली बार लुढ़कने का अनुमान है.

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नई दिल्ली. सुस्त अर्थव्यवस्था (Economic Slowdown) और पिछले साल कॉरपोरेट टैक्स (Corporate Tax) में कटौती के बाद चालू वित्त वर्ष में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन (Direct Tax Collection) बीते दो दशक में पहली बार लुढ़कने का अनुमान है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से यह बात कही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में कॉरपोरेट और इनकम टैक्स कलेक्शन बीते 20 साल में पहली बार गिरने वाला है.चालू वित्त वर्ष में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का अनुमान करीब 13.5 लाख करोड़ रुपये लगाया गया था.​

पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले यह अनुमान 17 फीसदी अधिक है. हालांकि, बीते कुछ समय में मांग और खपत में कमी की वजह से कंपनियों के कारोबार पर असर पड़ा है. यही कारण रहा है कि कंपनियों ने निवेश से लेकर नौकरियों में भी कटौती की है. इससे टैक्स कलेक्शन पर भी असर पड़ा है.

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अब तक कितना हुआ कलेक्शन- 23 जनवरी तक प्राप्त जानकारी के मुताबिक, टैक्स​ डिपार्टमेंट (Department of Tax) ने अभी तक 7.3 लाख करोड़ रुपये ही जुटाया है जो कि पिछले वित्त वर्ष में समान अवधि से यह 5.5 फीसदी कम है.



 

बीते तीन साल के आंकड़ों से पता चलता है कि पहली तीन तिमाहियों में कंपनियों से एडवांस टैक्स वसूल लिया जाता है. इसके बाद अंतिम तीन महीने में करीब 30 से 35 फीसदी तक ही डायरेक्ट टैक्स आ पाता है. 

पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 10 फीसदी कम होगा कलेक्शन- रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में वरिष्ठ टैक्स अधिकारियों ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन पिछले वित्त वर्ष 11.5 लाख करोड़ रुपये से कम रह सकता है.  अधिकारियों ने कहा, 'टैक्स कलेक्शन का टार्गेट तो भूल जाइए, ऐसा पहली बार होगा कि हमें इसमें गिरावट देखने को मिलेगी.' उनके अनुमान के मुताबिक, इस वित्त वर्ष के लिए डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले करीब 10 फीसदी कम रहेगा.

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क्या कॉरपोरेट टैक्स में कटौती करना पड़ा भारी?
बता दें कि सरकार के सालाना रेवेन्यू में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का हिस्सा करीब 80 फीसदी होता है. ऐसे में इसमें गिरावट की वजह से सरकार को अपना खर्च पूरा करने के लिए कर्ज लेना पड़ सकता है. अधिकारियों ने यह भी बताया कि पिछले साल कॉरपोरेट टैक्स में कटौती की गई थी ताकि उत्पादन और निवेश को बढ़ावा मिल सके. लेकिन, टैक्स कलेक्शन में कमी होने का यह प्रमुख कारणों में से एक है. एक अन्य अधिकारी ने कहा, 'अगर हम पिछले साल जितना भी कलेक्ट कर लेते हैं तो यह बहुत बड़ी बात होगी.'

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First published: January 24, 2020, 5:04 PM IST
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