केंद्र की विनिवेश योजना! एयर इंडिया और बीपीसीएल की बिक्री प्रक्रिया जुलाई-अगस्‍त 2021 तक होगी पूरी

एयर इंडिया.बीपीसीएल के बोलीदाताओं को अलग दो महीने में वित्‍तीय बोलियां सौंपनी होंगी.

एयर इंडिया.बीपीसीएल के बोलीदाताओं को अलग दो महीने में वित्‍तीय बोलियां सौंपनी होंगी.

डिपार्टमेंट ऑफ इंवेस्‍टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमें (DIPAM) ने सरकारी एयरलाइंस एयर इंडिया (Air India) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) में केंद्र सरकार की हिस्‍सेदारी बेचने (Disinvestment) की प्रक्रिया को जून 2021 तक पूरा करने का लक्ष्‍य रखा है. अब केंद्र सरकार बोलीदाताओं (Bidders) को राहत देते हुए इसे जुलाई-अगस्‍त 2021 तक पूरा करने की छूट दे रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 24, 2021, 7:17 PM IST
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नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार काफी समय सरकारी एयरलाइंस एयर इंडिया (Air India) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) में अपनी हिस्‍सेदारी बेचने की प्रक्रिया को पूरा करने की कोशिश कर रही है. हालांकि, अभी तक दोनों सरकारी कंपनियों की हिस्‍सदोरी बिक्री (Disinvestment) प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है. डिपार्टमेंट ऑफ इंवेस्‍टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने जून 2021 तक बिक्री प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्‍य तय किया था. अब केंद्र सरकार बोलीदाताओं (Bidders) को राहत देते हुए इस अवधि को कुछ समय के लिए आगे बढ़ा सकती है.

बोलीदाताओं से दो महीने में बोलियां सौंपने को कह सकता है केंद्र

केंद्र सरकार बोलीदाताओं से एयर इंडिया और बीपीसीएल में सरकारी हिस्‍सेदारी की बिक्री के लिए अगले दो महीने में वित्‍तीय बोलियां सौंपने को कह सकती है. केंद्र चाहता है कि दोनों कंपनियों में सरकारी हिस्‍सेदारी की बिक्री प्रक्रिया जुलाई-अगस्‍त 2021 तक पूरी कर ली जाए. बता दें कि सरकार ने इस बिक्री प्रक्रिया को वित्‍त पर्ष 2020-21 में पूरा करने का लक्ष्‍य रखा था, लेकिन कोरोना संकट के चलते विनिवेश योजना पूरी नहीं हो पाई. वित्‍त मंत्रालय ने संशोधित बजट अनुमान में वित्‍त वर्ष 2020-21 के दौरान विनिवेश लक्ष्‍य को 32,000 करोड़ रुपये कम कर दिया है, जो पहले 2.1 लाख करोड़ रुपये था.

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विदेशी विशेषज्ञों से संपत्तियों का मूल्‍यांकन कराना चाहते हैं बोलीदाता

वित्‍त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि कोरोना संकट के कारण यात्रा पाबंदियां लागू करनी पड़ीं. ऐसे में एविएशन सेक्‍टर पर खासा असर पड़ा. इस दौरान विदेश से हवाई संपर्क भी काटना पड़ा. कुछ बोलीदाता विदेश से विशेषज्ञों को इस प्रक्रिया में शामिल करना चाहते हैं. विदेशी विशेषज्ञ संपत्तियों का मूल्‍यांकन और प्‍लांट्स व उपकरणों का फिजिकल वेरिफिकेशन करेंगे ताकि उनका वास्‍तविक मूल्‍य निकाला जा सके. बता दें कि सरकार को बीपीसीएल की हिस्‍सेदारी के लिए तीन प्रारंभिक बोलियां मिली हैं. इन तीन बोलीदाताओं में एक वेदांता है. वहीं, टाटा समूह ने एयर इंडिया में हिस्‍सेदारी खरीदने के लिए एक्‍सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्‍ट सौंप दिया है.
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