दिवाली: पटाखों पर बैन के बाद दुकानों पर लटके ताले, खाली बैठे नजर आए दुकानदार

दिल्‍ली के सदर बाजार से लेकर जामा मस्जिद इलाके की पटाखा दुकानों पर सन्‍नाटा पसरा है.
दिल्‍ली के सदर बाजार से लेकर जामा मस्जिद इलाके की पटाखा दुकानों पर सन्‍नाटा पसरा है.

दिल्‍ली सरकार (Delhi Government) ने 7 नवंबर से 30 नवंबर तक सभी तरह के पटाखों (Firecrackers) की खरीद-फरोख्‍त पर प्रतिबंध लगा दिया है. इससे राजधानी के जामा मस्जिद इलाके से लेकर सदर बाजार तक की दुकानों पर सन्‍नाटा पसरा हुआ है. अब रविवार यानी 8 नवंबर को पटाखा दुकानदार सीएम अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) के घर पर प्रदर्शन करेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 7, 2020, 7:56 PM IST
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नई दिल्ली. पटाखों (Firecrackers) पर बैन का दिल्ली में आज पहला दिन था. जामा मस्जिद (Jama Masjid) से लेकर सदर बाजार तक पटाखों की होलसेल और रिटेल दुकानों पर ताले लटके हुए थे. दुकान में काम करने वाला स्टाफ और दुकानदार दोनों ही खाली बैठे नजर आए. बाजार में सन्‍नाटा पसरा हुआ है. जामा मस्जिद इलाके में सिर्फ वो ही दुकानें खुली हुई थींं, जो पटाखे की नहीं हैं. वहीं, मजदूरों का कहना है कि लॉकडाउन (Lockdown) के बाद काम की तलाश में आए थे, लेकिन यहां पटाखों पर पाबंदी लग गई. दिल्‍ली में 7 नवंबर से 30 नवंबर तक सभी तरह के पटाखों की खरीद-फरोख्त और जलाए जाने पर पाबंदी रहेगी. अब रविवार को पटाखा दुकानदार दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) के घर पर प्रदर्शन करेंगे.

सरकार ग्रीन क्रेकर्स बेचने की इजाजत दे
जामा मस्जिद इलाके में पटाखे बेचने वाले एक दुकान के मालिक एहतेशाम खान ने बताया कि सरकार ने पहले ग्रीन क्रैकर्स की इजाजत दे दी थी. इसी के चलते पटाखों का 5 लाख रुपये का स्टॉक खरीदकर रख लिया था. अब इस नुकसान की भरपाई कैसे होगी. सरकार से मांग है कि कम से कम ग्रीन क्रैकर्स की खरीद-फरोख्त की अनुमति दे और हमारे नुकसान के लिए मुआवजा दे. उनका यह भी कहना है कि इस दुकान से सिर्फ हमारा ही पेट नहीं पलता है. हमारे यहां 20 मजदूर काम करते हैं. लॉकडाउन के बाद ये काम करने आए थे. एक तो पहले से बेरोज़गारी है और अब ये पाबंदी.

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यह बोले पटाखा मजदूर


एहतेशाम की दुकान पर काम करने वाले मज़दूर मोहम्मद सुबरु बिहार के किशनगंज के रहने वाले हैं. लॉकडाउन में बिहार चले गए थे. करीब डेढ़-दो महीने पहले ही वापस लौटे हैं. अब यहां काम ना होने से परेशान हैं. यही हाल हिमाचल के रहने वाले एक दूसरे मज़दूर मुन्ना का भी है. उनका कहना है कि काम ना होने से बहुत परेशानी हो रही है.
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