SBI Gold Deposit Scheme में जमा करें घर में रखा सोना, होगी मोटी कमाई जानें क्या है तरीका?

SBI Gold Deposit Scheme में जमा करें घर में रखा सोना, होगी मोटी कमाई जानें क्या है तरीका?
SBI गोल्ड डिपाजिट स्‍कीम (R-GDS) के बारे में जानें सबकुछ

अगर आपके घर में सोने के सिक्‍के (Gold Coin) या सोने की ज्‍वेलरी (Gold Jewellery) रखी हुई है तो ये आपके लिए एक्स्ट्रा कमाई का जरिया बन सकती है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) एक खास स्कीम देता है जिसके तहत आप गोल्ड रखकर ब्याज ले सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 3, 2019, 8:01 AM IST
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नई दिल्ली. अगर आपके घर में सोने के सिक्‍के या सोने की ज्‍वेलरी रखी हुई है तो ये आपके लिए एक्स्ट्रा कमाई का जरिया बन सकती है. दरअसल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) एक खास स्कीम देता है, जिसके तहत आप गोल्ड रखकर ब्याज ले सकते हैं. इस स्कीम का नाम है SBI गोल्ड डिपाजिट स्‍कीम (R-GDS) इसके स्कीम के तहत सोना जाम करने पर आपको ब्याज के साथ-साथ कई फायदें मिल सकते हैं.

SBI आपकी ज्‍वेलरी या सोने की शुद्धता के आधार पर आपको सोने का जमा प्रमाण पत्र देता हैं. वहीं, जब जमा की अवधि खत्‍म हो जाती है, तब 3, 4, 5 या 6 साल बाद आप उस सोने को या तो गोल्‍ड के रुप में या कैश के रुप में ब्‍याज के साथ उस समय के दाम के आधार पर ले सकते हैं. आइए आपको बताते हैं इस खास स्कीम के बारे में पूरी जानकारी...

कितना मिलेगा ब्याज- STBD स्कीम में फिलहाल एक साल के लिए 0.50 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है. दो साल के लिए 0.55 फीसदी और तीन साल के लिए 0.60 फीसदी है. वहीं, लॉन्ग टर्म यानी 5-7 साल के लिए 2.25 फीसदी/सालाना ब्याज मिलेगा. 12-15 साल के लिए 2-5 फीसदी/सालाना का ब्याज मिलेगा.



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स्कीम को बीच में तोड़ने पर- एक साल के तय समय से पहले पैसा निकालने पर ब्याज दर पर पैनल्टी लगेगी. वहीं, मीडियम टर्म वाली अवधि में निवेशक 3 साल के बाद स्कीम से बाहर हो सकते हैं. लॉन्ग टर्म वाली स्कीम से 5 साल के बाद ही बाहर निकला जा सकता हैं. इन अवधी के बीच में पैसा निकाला तो पैनल्टी लगेगी.

किस शाखा में मिलेगा स्कीम का फायदा- SBI की दिल्ली में पीबी ब्रांच, SME ब्रांच चांदनी चौक, कोयम्बटूर ब्रांच, हैदराबाद की मेन ब्रांच, मुंबई की बुलियन ब्रांच में इसका फायदा उठाया जा सकता है.

कौन कर सकता हैं इसमें निवेश- एसबीआई की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, भारत में रहने वाला कोई भी व्यक्ति इस स्कीम में शामिल हो सकता हैं. सिंगल, जाइंट अकाउंट भी खुलवाया जा सकता हैं. एचयूएफ, पार्टरशिप फर्म भी इसमें निवेश कर सकती हैं.

कम से कम कितना सोना जमा करना होगा- इस स्कीम के तहत 30 ग्राम सोना जमा करना अनिवार्य है, ज्यादा की कोई लिमिट नहीं है.

कितने साल के लिए होता है जमा- इस स्कीम में 1-3 साल के लिए जमा किया जाता है. एसबीआई में इस स्कीम का नाम शॉर्ट टर्म बैंक डिपॉजिट (STBD) रखा हैं. वहीं, मीडियम और लॉन्ग टर्म के लिए जमा अवधि 5-7 और 12-15 साल है.

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ये हैं स्कीम के फायदे

लोन की सुविधा- आप SBI की किसी भी शाखा में गोल्‍ड के मौलिक मूल्य के 75 प्रतिशत तक रुपये के ऋण का लाभ उठा सकते हैं. यानी आपको एसबीआई की गोल्‍ड डिपॉजिट स्‍कीम से लोन में भी फायदा मिलेगा.

लॉकर की फीस और चोरी की कोई टेंशन नहीं आपको अपने सोने और आभूषणों को स्टोर करने के लिए लॉकर की लागतों के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है और चोरी की कोई चिंता भी नहीं है. जारी किए गए प्रमाण पत्र अत्यंत सुरक्षित होते हैं.

निष्क्रिय सोने पर मिलेगा ब्‍याज- लॉकर में रखे सोने में आपको कुछ नहीं मिलता है. तो वहीं निष्क्रिय सोना यानी की बहुत दिनों से घर पर पड़े हुए सोने पर आपको ब्‍याज भी मिलेगी. एसबीआई गोल्ड डिपॉजिट स्कीम के अंतर्गत, ब्याज, गोल्ड मुद्रा में गणना की जाती है और रुपये के बराबर में भुगतान किया जाता है.

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टैक्‍स में छूट- अगर आपके पास कमाई से ज्‍यादा का सोना है तो आपको इसके लिए संपत्ति कर के तहत टैक्‍स भरना पड़ेगा. हालांकि, एसबीआई गोल्ड डिपॉज़िट योजनाओं पर कोई संपत्ति कर, पूंजीगत लाभ कर या आयकर देय नहीं है. यानी कि आपको टैक्‍स में छूट मिल जाएगी.

सोने के दाम बढ़ने पर मिलेगा ज्यादा फायदा- जब आपकी सोना जमा योजना परिपक्व होती है, तो आप मौजूदा दरों पर रिडीम करते हैं, जिसका मतलब है कि सोने की कीमतों में इजाफा हुआ है, तो आप लाभ हासिल कर सकते हैं. आप इसे लॉकर में रखे सोने की कीमत से तुलना करें आपको यहां पर डिपॉजिट स्‍कीम में ब्‍याज मिलेगा लेकिन लॉकर में रखे सोने पर नहीं मिलेगा.

 
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