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Business Tips : अपने ऑफलाइन कारोबार को बनाना है ऑनलाइन तो 6 बातों का रखें ध्‍यान

देश की 50 फीसदी जनसंख्‍या इंटरनेट का इस्‍तेमाल करती है.

देश की 50 फीसदी जनसंख्‍या इंटरनेट का इस्‍तेमाल करती है.

ऑनलाइन खरीदारी हमेशा उपभोक्‍ताओं के लिए सुविधाजनक विकल्‍प रहती है. इसे देखते हुए ओ2ओ (ऑफलाइन टु ऑनलाइन) कॉमर्स प्‍लेटफॉर्म छोटे कारोबारियों/दुकानों को मार्केट बनाने का बेहतर विकल्‍प मुहैया कराते हैं. ओ2ओ प्‍लेटफॉर्म्‍स की मदद से कारोबारी एवं किराना स्‍टोर्स, थिएटर्स, रेस्‍टोरेंट, सैलून जैसे व्‍यवसाय अपनी ऑफलाइन दुकान को प्रभावशाली ढंग से ऑनलाइन बना सकते हैं.

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नई दिल्‍ली. बाजार में बढ़ती प्रतिस्‍पर्धा के बीच उपभोक्‍ताओं तक आसान पहुंच बनाने के लिए सबसे जरूरी है ऑनलाइन पैठ बनाना. अगर आप भी अपने मौजूदा कारोबार को ऑनलाइन बनाना चाहते हैं तो क्‍यूपे के सीईओ व को-फाउंडर मनीष कौशिक आपको कुछ बिजनेस टिप्‍स (Business Tips) दे रहे हैं. ई-कॉमर्स पर खुद की उपस्थिति दर्ज कराने और इस बदलाव प्रक्रिया के दौरान आपको 6 प्रमुख बातों का ध्‍यान रखना होगा.

शुरुआती दौर में बहुत ज्‍यादा खर्च न करें
ऑनलाइन कारोबार शुरू करने के दौरान शुरुआती स्‍तर पर ज्‍यादा खर्च नहीं करना चाहिए. आप सब्‍सक्रिप्‍शन-आधारित प्‍लेटफॉर्म के साथ शुरुआत कर सकते हैं, जहां कई विकल्‍प मिलेंगे. आपको ध्‍यान देना चाहिए कि ये प्‍लेटफॉर्म स्‍टोर्स बनाने, कस्‍टमर/इन-स्‍टोर ऑर्डर्स, सुचारू भुगतान, डिलीवरी और मार्केटिंग/प्रमोशंस जैसे क्षेत्रों में आने वाली समस्‍याओं का हल करने में सक्षम हों.

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ऑटोमेशन-आधारित ओ2ओ प्‍लेटफॉर्म चुनें
वर्ष 2022 में ऑटोमेशन यानी स्‍वचालन बहुत तेजी से बढ़ा है. कारोबार को ऐसे ओ2ओ (ऑफलाइन टु ऑनलाइन) प्‍लेटफॉर्म्‍स का चुनाव करना चाहिए जो ऑटोमेशन को सपोर्ट करते हैं, ताकि स्‍टाफ पर कम खर्च करना पड़े. ये प्‍लेटफॉर्म्‍स शानदार टूल्‍स और डाटा उपलब्‍ध कराते हैं, जिनकी मदद से बाजार का विश्‍लेषण किया जा सकता है और अपने ग्राहकों तक पहुंच भी आसान की जा सकती है.

भुगतान के विभिन्‍न विकल्‍पों तक पहुंच
कारोबारियों को यह जरूर जांचना चाहिए कि क्‍या वे यूपीआइ क्रेडिट, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, बाय नाउ पे लेटर आदि जैसे विभिन्‍न विकल्‍पों के जरिये भुगतान को शुरू कर सकते हैं. यह गौर करने लायक है कि 2021 में भारत में संपूर्ण ऑनलाइन ट्रांजेक्‍शन में 80 फीसदी की वृद्धि हुई है. टियर 2 एवं टियर 3 शहरों में यह वृद्धि 92 फीसदी रही है.

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डाटा आधारित कारोबारी निर्णय लेना
डाटा आधारित निर्णय लेने से कारोबार को नई ऊंचाई तक पहुंचाया जा सकता है. आपको ये ध्‍यान रखना चाहिए कि डाटा के लिए ध्‍यान कमीशन न देना पड़े और उस पर आपका पूरा नियंत्रण हो. बाजार में बने रहने के लिए ग्राहक के व्‍यवहार को समझना, उन्‍हें त्‍योहारी मौसम के दौरान डिस्‍काउंट/ऑफर्स भेजना या फिर पुराने स्‍टॉक को निकालना महत्‍वपूर्ण होता है. ग्राहकों का फीडबैक इसमें बड़ी भूमिका निभाता है, जो डाटा संग्रह से ही संभव होगा.

बिजनेस टूल का बेहतर इस्‍तेमाल
भारत की 49 फीसदी आबादी आज इंटरनेट का इस्‍तेमाल कर रही है. आपको भी ग्राहकों तक पहुंच बनाने के लिए इसका इस्‍तेमाल करना चाहिए. इससे कारोबार को 10 बढ़ाने के साथ खर्च घटाने में मदद मिलेगी. कारोबारियों को फेसबुक व इंस्‍टाग्राम जैसे सोशल मीडिया के माध्‍यम से अपने उत्‍पादों एवं सेवाओं की बिक्री करनी चाहिए.

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संकट में लोन की पहले से हो व्‍यवस्‍था
कुछ कंपनियां संकट के समय में छोटे कारोबारियों को लोन देती हैं. यदि महामारी फिर से आती है या किसी दूसरी इमरजेंसी में भी आप इन वित्‍तीय कंपनियों से मदद ले सकते हैं. लोन पाने के लिए आपका क्रेडिट स्‍कोर अच्‍छा होना जरूरी है और यह तभी संभव है जब आपके पास खुद का ऑनलाइन स्‍टोर होगा.

Tags: Business ideas, Online business

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