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कैश के लिए पुरानी ज्वेलरी बेचना नहीं है आसान, रिटेल ज्वेलर्स खरीदने में करते आनाकानी

देशभर में पुरानी ज्वेलरी बेचना आसान नहीं है. ज्यादातर रिटेल ज्वेलर इनकार कर देते हैं.

देशभर में पुरानी ज्वेलरी बेचना आसान नहीं है. ज्यादातर रिटेल ज्वेलर इनकार कर देते हैं.

यदि आपके पास पुरानी ज्वेलरी है और आप इन्हें बेचना चाहते हैं, तो यह आसान नहीं है. कई रिटेलर्स पुरानी ज्वेलरी नहीं लेते हैं. कुछ खास ज्वेलर्स हैं, जो पुरानी ज्वेलरी लेते हैं और वे यह जानकारी अपने स्टोर के बाहर डिस्प्ले करते हैं.

नई दिल्ली. 43 साल की सुधा इंटीरियर डिजाइनर हैं. गोल्ड के दाम 48,000 प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा तो वह अपनी पुरानी ज्वेलरी बेचने के लिए लोकल ज्वेलर के पास जातीं हैं. उन्होंने इसे 2004 में उस वक्त खरीदा था, जबकि सोने की कीमत 6400 रुपए प्रति 10 ग्राम था. भले ही 18 वर्षों में इसकी कीमत सालाना 11.87 फीसदी की दर से बढ़ी, लेकिन इन्हें बेचना आसान नहीं था. उनके पास 82 ग्राम की गोल्ड नेकलेस और कुछ बैंगल्स थे. सुधा के मुताबिक, उनकी मां ने ज्वेलरी का बिल संभालकर नहीं रखा था, इसी वजह से यह पता नहीं चला कि इन्हें किस दुकान से खरीदा गया था. वह कुछ दुकानों में इन्हें बेचने की कोशिश करतीं हैं, लेकिन ज्वेलर्स इनके बदले कैश देने से साफ इनकार कर दिया.

वैसे, सुधा ऐसी दिक्कतों का सामना करने में इकलौती नहीं हैं. गोल्ड जिस दिन 48,840 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा, मनीकंट्रोल डॉट कॉम की टीम ने उस दिन टियर 1 और टियर 2 शहरों की 25 ज्वेलरी शॉप में स्थिति को जाना. कोई भी ज्वेलर पुराने सोने के बदले कैश देने के लिए तैयार नहीं हुआ. हालांकि, वे पुरानी ज्वेलरी के बदले नई ज्वेलरी देने के लिए तैयार थे. मनीकंट्रोल डॉट कॉम के रिपोर्टर ने कुछ पुराने कॉइन बेचने की कोशिश की, लेकिन वह भी बेकार गया. यहां तक कि चांदी के बदले भी कोई कैश देने के लिए तैयार नहीं हुआ. वैसे, यदि आप पुरानी ज्वेलरी बेचना चाहते हैं, तो पहले उसका बिल तलाशें. फिर उसी ज्वेलर के पास जाएं, जहां से आपने उसे खरीदा था. इससे आपको पुरानी ज्वेलरी के बदले अच्छी रकम मिलने की उम्मीद है.

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रिटेलर ज्वेलर्स नहीं खरीदते
भारत में अधिकांश ज्वेलर्स रिटेलर हैं. जैसे रोजमर्रा के सामान दुकानदार वापस नहीं लेते, उसी प्रकार ये ज्वेलर्स भी पुरानी ज्वेलरी वापस नहीं लेते हैं. पीपल ग्रुप ऑफ ज्वेलर्स के डायरेक्टर राजीव पोपली का कहना है कि रिटेलर्स पुरानी ज्वेलरी नहीं लेते हैं. कुछ चुनिंदा ज्वेलर्स ही इन्हें लेते हैं और वे इसकी जानकारी अपने स्टोर के बाहर डिस्पले करते हैं. मुंबई में झावेरी बाजार और ओपेरा हाउस के आसपास ज्वेलर्स पुरानी ज्वेलरी के बदले कैश भुगतान करते हैं. उनका कहना है कि इन स्टोर्स पर भी पुरानी ज्वेलरी का सही वैल्यू नहीं मिलती है.

यह है वजह
मनीकंट्रोल डॉट कॉम ने जब एक ज्वेलर से पुरानी ज्वेलरी स्वीकार नहीं करने के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि सोने के दाम बाहरी कारणों से बढ़ा है. इसमें यूक्रेन संकट, क्रूड ऑयल में तेजी जैसे कारण शामिल हैं. उनके अनुसार, यह ट्रेंड जल्द बदल जाएगा और सोने के दाम कम होने से उन्हें घाटा उठाना होगा.

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अलग-अलग प्राइस
पुरानी ज्वेलरी खरीदने और बेचने की प्राइस अलग-अलग होती हैं, जिससे इनकी सही कीमत पाना मुश्किल होता है. आप ज्वेलरी की सेलिंग और परचेजिंग रेट इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट और ट्विटर हैंडल से पता कर सकते हैं. यही नहीं, आप 8955664433 पर मिस्ड कॉल देकर भी इसकी जानकारी ले सकते हैं.

सही इनवेस्टमेंट नहीं
कई ज्वेलर्स के मुताबिक, ज्लेवरी खरीदने का अर्थ सोने में निवेश नहीं है. यदि आप भविष्य में बच्चों की शादी या इनवेस्टमेंट के मकसद से सोना खरीदना चाहते हैं, तो आपको गोल्ड ईटीएफ, म्यूचुअल फंड की गोल्ड स्कीम, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड आदि में निवेश करना चाहिए.

Tags: Business news in hindi, Gold, Gold jewelery merchant

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