ओला, उबर या अपनी गाड़ी, जानें किसमें चलना है फायदेमंद?

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Updated: September 12, 2019, 3:19 PM IST
ओला, उबर या अपनी गाड़ी, जानें किसमें चलना है फायदेमंद?
ओला, उबर या अपनी गाड़ी, जानें किसमें चलना है फायदेमंद?

क्या वाकई ओला, उबर के चलते नहीं बिक रहीं कारें? कैलकुलेशन से समझें कौन सी राइड है सस्ती.

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  • Last Updated: September 12, 2019, 3:19 PM IST
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नई दिल्ली. वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में ऑटो सेक्टर (Auto Sector) में मंदी के लिए मिलेनियल्स माइंडसेट को जिम्मेदार बताया था. सीतारमण के अनुसार, देश के युवा अपना व्हीकल खरीदकर EMI भरने की बजाए ओला, उबर और अन्य कैब सर्विस का इस्तेमाल कर रहे हैं. उनके इस बयान ने मिलेनियल (Millennial) और इंडस्ट्री (Industry) में खलबली मचा दी, जिन्होंने कहा कि ओला (Ola), उबर (Uber) और राइड-हेलिंग सर्विसेज का मौजूदा ऑटो सेक्टर में मंदी के साथ कोई लेना-देना नहीं है.

भारत की सबसे बड़ी ऑटोमेकर मारुति सुजुकी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के दावे का खंडन किया है. मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) के सेल्स एंड मार्केटिंग विभाग के कार्यकारी निदेशक शशांक श्रीवास्तव ने कहना है कि पिछले 6-7 वर्षों के दौरान ओला और उबर अस्तित्व में आई है. इस दौरान, ऑटो इंडस्ट्री ने अपने सबसे बेहतर समय को देखा है. तो, पिछले कुछ महीनों के दौरान ऐसा क्या हुआ कि हालत इतनी गंभीर हो गई? मुझे नहीं लगता कि यह केवल ओला और उबर की वजह से है.

1) राइड-हेलिंग ऐप्स बहुत सारे हैं, लेकिन लेकिन संदर्भ के लिए, हम भारत की अपनी ओला कैब लेंगे.
2) चूंकि अधिकांश यात्री सस्ती दरों के लिए माइक्रो टैक्सी पसंद करते हैं, वे ज्यादातर मारुति सुजुकी वैगन आर हैं. इसलिए वैगन आर के मालिक के साथ माइक्रो टैक्सी किराया की तुलना करना बेहतर होगा.

3) हम 5 साल के लिए, 30 किमी प्रतिदिन चलाने के लिए महीने में 22 दिन यात्रा पर विचार करेंगे.
4) कैलकुलेशन घर से ऑफिस और वापस यात्रा करने पर आधारित है. किसी भी वीकेंड यात्रा या आउटडोर रन को शामिल नहीं किया गया है.
5) चूंकि ओला ऑपरेटरों ने ज्यादातर बुनियादी वाहनों का उपयोग किया है, इसलिए हम तुलना के लिए वैगन आर के बेस वर्जन पर विचार करेंगे.
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ओला के जरिए यात्रा
अगर आप ओला से यात्रा करते हैं और 30 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं और आप औसतन 500 रुपये का भुगतान करते हैं. 22 दिन ऑफिस जाने पर आपका महीने का कुल खर्च 500x22= 11,000 रुपये होगा. वहीं 5 साल का खर्च 11000x60 महीना= 6.6 लाख रुपये होगा.

पर्सनल कार से यात्रा करने पर खर्च
मारुति सुजुकी वैगन आर के बेस मॉडल LXI 1.0 लीटर की कीमत 4.34 लाख रुपये (एक्स-शोरूम, दिल्ली) से शुरू होती है. दिल्ली में इसकी ऑन-रोड कीमत 4.80 लाख रुपये होगी.

अगर आपर 5 साल के लिए 9 फीसदी ब्याज दर पर लोन लेते हैं तो आपको 82,000 रुपये ब्याज के रूप में अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा. 1 लाख रुपये डाउन पेटमेंट, 3.34 लाख रुपये का लोन पर आपका EMI 6,933 रुपये बनेगा. इसलिए कार का फाइनल कॉस्ट 5.62 लाख रुपये होगा.

मारुति सुजुकी वैगन आर 1.0 लीटर पेट्रोल इंजन 22.5 किमी प्रति लीटर का माइलेज देती है. रोजाना 30 किमी, 22 दिन और 60 महीने में कार 39,600 किमी तक चलेगी.

दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 75 रुपये प्रति लीटर है और 39600 किमी चलाने का खर्च 1.32 लाख रुपये होगा. सिटी में वैगन आर 17-18 किमी प्रति लीटर का माइलेज देती है, जिससे इसको चलाने का कुल खर्च 1.60 लाख रुपये होगा.

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5 साल बाद वैगन आर की कीमत फ्यूल कॉस्ट के साथ 5.6 लाख रुपये+1.60 लाख रुपये= 7.20 लाख रुपये होगी. वहीं इसमें इंश्योरेंस कॉस्ट 4 साल का 60,000 रुपये औऱ जोड़ दें.

पहले तीन फ्री सर्विस के बाद कार का मेंटेनेंस कॉस्ट 10,000 रुपये होगा. इसमें सर्विसिंग, डैमेज रिपेयर और अन्य कंज्यूमेबल्स जैसे ब्रेक पैड और लुब्रिकेंट्स शामिल हैं. 5 साल का मेंटेनेंस कॉस्ट 50,000 रुपये होगा.

सेकेंड हैंड कार बेचने वाली कंपनी ड्रूम के मुताबिक 5 साल पुरानी और 40,000 किमी चली वैगन आर की कीमत 3 लाख रुपये होगी.

आपने कार खरीदने पर खर्च किए 7.20 लाख रुपये + 50,000 रुपये (इंश्योरेंस) + 60,000 रुपये (मेंटेनेंस कॉस्ट) - रिसेल वैल्यू (3 लाख रुपये) = 5.30 लाख रुपये.

टिप्पणी-

राइड-हेलिंग सर्विस का उपयोग करते हुए यात्रा करना कम से कम 50,000 रुपये सस्ता है, इसका उपयोग ट्रांसपोर्टेशन के लिए रोजाना नहीं किया जा सकता. पिक आवर (डिमांड बढ़ने के दौरान) में कारों को खोजने का झंझट होता है, कारें पर्याप्त साफ नहीं होती हैं और ड्राइवरों के साथ तालमेल बनाने का प्रयास होता है.

इसके साथ, हमारा कैलकुलेशन पूरी तरह रोजना ऑफिस जाने और आने पर आधारित है और इसमें वीकेंड में ट्रैवल को शामिल नहीं किया गया है. अगर आप समान यात्रा करते हैं और साल में एक बार ट्रिप पर जाते हैं तो आपके लिए पर्सनल कार ज्यादा बेनिफेसियल है.

हालांकि राइड-हेलिंग ऐप का उपयोग करने के खिलाफ सबसे बड़ी नकारात्मक कार की ओवरऑल ओनरशिप कॉस्ट है और जैसा कि हमने पाया है, कार खरीदना कम से कम 1.30 लाख रुपये सस्ता है.

इसलिए, जबकि निर्मला सीतारमण यह कहने में गलत नहीं हैं कि मिलेनियल यात्रा के लिए राइड-हेलिंग सर्विसे को प्राथमिकता दे रहे हैं, वह यह कहने में गलत हैं कि यह इंडस्ट्री में सुस्ती के कारण है

1) इन सेवाओं का फायदा ज्यादातर मेट्रो शहरों के निवासियों द्वारा लिया जाता है, और

2) कोई भी एक सही सवारी कार के इंतजार में वाहन खरीदने के अपने निर्णय को टाल देगा और इस बीच राइड-हेलिंग सर्विस का उपयोग करेगा, लेकिन केवल उसी पर निर्भर नहीं होगा.

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First published: September 12, 2019, 3:03 PM IST
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