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12वीं पास हायर एजुकेशन के लिए बैंक से ले सकते हैं Education Loan, जानें शर्तें

कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए ऐसे जुटाएं पैसा, ये है बेस्ट ऑप्शन...

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    सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) के 12वीं के नतीजे आ गए हैं. 12वीं परीक्षा पास करने वाले छात्र-छात्राएं अब हायर एजुकेशन के लिए अग्रसर होंगे. वे प्रोफेशनल कोर्सेस के साथ मेडिकल और इंजीनियरिंग या फिर वोकेशनल कोर्स करना चाहेंगे. ऐसे में पैरेंट्स और स्टूडेंट्स को इसके खर्च के बारे में भी काफी सोचना पड़ेगा. लेकिन इस समस्या का भी एक बड़ा सॉल्यूशन है. बैंकों से एजुकेशन लोन (Education Loan) लिया जा सकता है. भारतीय बैंक उन छात्रों को एजुकेशन लोन देते हैं, जो यहां के नागरिक हैं और देश या विदेश में ग्रेजुएट, पोस्ट-ग्रेजुएट या प्रोफेशनल कोर्सेज की पढ़ाई करना चाहते हैं. इन लोन की रीपेमेंट कोर्स समाप्त होने के एक साल बाद या छात्र को नौकरी मिलने के छह महीने बाद (जो भी पहले हो) शुरू होती है. भारत में पढ़ने के लिए किसी छात्र को अधिकतम 10 लाख रुपये और विदेश में पढ़ाई के लिए 20 लाख रुपये का लोन मिल सकता है.

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    अगर आप देश में रहकर या फिर विदेश में जाकर उच्च शिक्षा हासिल करना चाहते हैं तो फटाफट अपने काम की बातें जान लीजिए.

    योग्यता की शर्तें:
    एजुकेशन लोन स्कीम का फायदा उठाने के लिए स्टूडेंट को भारतीय होना चाहिए. साथ ही, अप्रूव्ड प्रोफेशनल या टेक्निकल कोर्स में वह एडमिशन ले चुका हो. कुछ बैंकों ने एजुकेशन लोन के लिए उम्र की सीमा भी तय की है. यह 16-35 साल है. कुछ मामलों में पिछले क्वालिफाइंग एग्जाम में मिनिमम मार्क्स की शर्त भी होती है.

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    >> 4 लाख रुपये से ज्यादा के लोन के लिए भारत में पढ़ाई करने पर बैंक 5 फीसदी और विदेश में 15 फीसदी मार्जिन मनी काटते हैं. जो स्टूडेंट्स इतनी रकम का इंतजाम खुद नहीं कर सकते, उनकी लोन एप्लिकेशन अपने आप रिजेक्ट हो जाती है.

    >> मार्जिन मनी वह रकम होती है, जो एप्लिकेंट को डाउन पेमेंट के तौर पर देनी पड़ती है. क्या स्कॉलरशिप को मार्जिन मनी माना जा सकता है? इस बारे में लीडिंग इंस्टीट्यूशंस से सवाल करना न भूलें. एजुकेशन लोन के लिए जरूरी बात यह भी है कि इसमें कमाने वाले पैरेंट, पत्नी या अभिभावक को को-एप्लिकेंट बनना पड़ता है.

    क्या होता है शामिल
    एजुकेशन लोन में एकोमोडेशन चार्जेज, बुक्स और इक्विपमेंट खरीदने का खर्च, एग्जामिनेशन और लाइब्रेरी फीस, ट्रैवल का खर्च और छात्र के लिए इंश्योरेंस प्रीमियम शामिल होता है.


    डॉक्युमेंट्स
    ऐप्लिकेशन फॉर्म के साथ फीस स्ट्रक्चर और एडमिशन लेटर, केवाईसी डॉक्युमेंट्स, उम्र, पहचान और पते का सबूत, बैंक स्टेटमेंट, सेलरी स्लिप और आईटी रिटर्न जैसे इनकम डॉक्युमेंट्स जमा करने होते हैं.

    >> 4 लाख रुपये तक के लोन के लिए सिक्योरिटी की जरूरत नहीं पड़ती. 4 से 7.5 लाख रुपये तक के लोन के लिए लोन वैल्यू की 100 फीसदी थर्ड-पार्टी गारंटी की जरूरत होती है. अगर आपके लोन की वैल्यू 7.5 लाख रुपये से ज्यादा है, तो इसके लिए सिक्योरिटी देनी होगी.

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    इनका ध्यान रखें
    एजुकेशन लोन के लिए प्रोसेसिंग चार्ज नहीं है. इनके लिए इंटरेस्ट रेट्स बैंक के संबंधित बेस रेट्स और एक विशेष मार्क-अप से तय होते हैं, जिनका फैसला बैंक करता है. महिलाओं को कम से कम इंटरेस्ट रेट पर आधा फीसदी की छूट मिलती है. बॉरोअर या को-बॉरोअर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80 (ई) के तहत टैक्स बेनेफिट ले सकता है.

    Tags: Bank Loan, Loan offers, Loan seekers, University education

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