1 जून से महंगा होगा हवाई सफर, लोअर प्राइस बैंड में 13 से 16 फीसदी का इजाफा

हवाई सफर

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मार्च महीने में भी सिविल एविएशन मिनिस्ट्री (Ministry of Civil Aviation) ने डोमेस्टिक फ्लाइट्स किराए की लोअर लिमिट को 5 फीसदी बढ़ाने का फैसला किया था.

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नई दिल्ली. हवाई सफर फिर से महंगा होने जा रहा है. दरअसल, सरकार ने डोमेस्टिक फ्लाइट्स किराए की लोअर लिमिट को 13 से 16 फीसदी बढ़ाने का फैसला किया है. इससे पहले मार्च में सिविल एविएशन मिनिस्ट्री (Ministry of Civil Aviation) ने डोमेस्टिक फ्लाइट्स किराए की लोअर लिमिट को 5 फीसदी बढ़ाने का फैसला किया था. फरवरी में लोअर प्राइस बैंड में 10 फीसदी और हायर बैंड में 30 फीसदी का इजाफा किया गया था.

हवाई यात्रा किराए में यह वृद्धि एक जून से प्रभाव में आ जाएगी. हवाई किराये की ऊंची सीमा को हालांकि, पूर्ववत रखा गया है सरकार के इस कदम से एयरलाइन कंपनियों को मदद मिलेगी. कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण हवाई यात्रियों की संख्या में भारी कमी आई है जिसकी उनकी आय घटी है.

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40 मिनट तक के उड़ान के लिए कम से कम 2600 रुपये किराया
सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के शुक्रवार को जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया कि 40 मिनट तक की अवधि की हवाई उड़ान के लिए किराए की निचली सीमा को 2,300 रुपये से बढ़ाकर 2,600 रुपये यानी 13 फीसदी की वृद्धि कर दी गई है. इसी प्रकार 40 मिनट से लेकर 60 मिनट की उड़ान अवधि के लिए किराए की निचली सीमा 2,900 रुपये की जगह अब 3,300 रुपये प्रति व्यक्ति होगी.

ये हैं 7 प्राइस बैंड

देश में हवाई उड़ान अवधि के आधार पर हवाई यात्रा किराए की निचली और ऊंची सीमा तय की गई. यह सीमा पिछले साल दो माह चले लॉकडाउन के 25 मई को खुलने के समय तय की गई. डीजीसीए ने पिछले साल मई में डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए कुल 7 फेयर बैंड की घोषणा की थी. ये 7 प्राइस बैंड यात्रा के समय पर आधारित हैं. पहला बैंड उन फ्लाइट के लिए हैं, जो 40 मिनट तक की यात्रा करती हैं. बाकी के बैंड क्रमशः 40-60 मिनट, 60-90 मिनट, 90-120 मिनट, 120-150 मिनट, 150-180 मिनट और 180-210 मिनट के हैं.

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