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Stock Market: स्‍मॉलकैप शेयरों पर रिटेल निवेशक और म्‍यूचुअल फंड बुलिश, क्‍या आगे भी जारी रहेगा यह ट्रेंड?

Stock Market: स्‍मॉलकैप शेयरों पर रिटेल निवेशक और म्‍यूचुअल फंड बुलिश, क्‍या आगे भी जारी रहेगा यह ट्रेंड?

स्मॉलकैप शेयरों को ज्यादा जोखिम वाला माना जाता है.

स्मॉलकैप शेयरों को ज्यादा जोखिम वाला माना जाता है.

साल 2022 की पहली छमाही में 2 लाख रुपये से कम पूंजी वाले इंडिविजुअल निवेशकों ने निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स (Nifty Smallcap 100 Index) में शामिल 100 शेयरों में से 68 शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है.

हाइलाइट्स

जनवरी में रिकॉर्ड हाई हिट करने के बाद निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 30 फीसदी टूटा है.
स्मॉलकैप स्‍टॉक में गिरावट के चलते घरेलू निवेशकों को सस्ते में क्वालिटी शेयर खरीदने के मौके मिले.
कि घरेलू फंड मैनेजर लॉर्ज कैप की तुलना में स्मॉल और मिडकैप शेयरों पर ज्यादा बुलिश हैं.

नई दिल्‍ली. शेयर बाजार (Stock Market) में कमजोरी के बावजूद 2022 की पहली छमाही में रिटेल निवेशकों (Retail Investors) और म्यूचुअल फंडों (Mutual funds) ने स्मॉलकैप शेयरों (small cap stocks) की जमकर खरीदारी की है. पहली छमाही में स्मॉलकैप शेयरों में हुई जोरदार खरीदारी इस बात का संकेत है कि निवेशकों का विश्वास बाजार और देश की इकोनॉमी पर कायम है.

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार AceEquity के आंकड़ों से पता चलता है कि साल 2022 की पहली छमाही में 2 लाख रुपये से कम पूंजी वाले इंडिविजुअल निवेशकों ने निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में शामिल 100 शेयरों में से 68 शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. इसी तरह 31 दिसंबर से 30 जून तक की दो तिमाहियों में घरेलू म्यूचुअल फंडों ने निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में शामिल 100 शेयरों में से 54 शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है.

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क्‍यों बढ़ाई हिस्‍सेदारी?
स्मॉलकैप शेयरों को ज्यादा जोखिम वाला माना जाता है. आम तौर में इनमें लिक्विडिटी की कमी होती है. इसके बावजूद कैलेंडर ईयर 2022  की पहली छमाही में इन शेयरों को जमकर खरीदा गया है. जनवरी में रिकॉर्ड हाई हिट करने के बाद निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 30 फीसदी टूटा है.गौर करने वाली बात यह है कि भारत के स्मॉलकैप शेयरों में आई गिरावट दुनिया के दूसरे बड़े देशों में इस स्पेस में आई गिरावट के अनुरूप रही है. अब इनमें आने वाला उछाल भी कुछ वैसा ही है जैसा की दूसरे ग्लोबल बाजारों में देखने को मिल रहा है.

मार्केट एनालिस्ट का कहना है कि साल की पहली छमाही में स्मॉलकैप स्‍टॉक में गिरावट के चलते घरेलू निवेशकों को सस्ते में क्वालिटी शेयर खरीदने के मौके मिले. सागावन इनवेस्‍टमेंट मैनेजर्स  के सामी वर्तक  का कहना है कि भारत में कॉर्पोरेट सेक्टर और देश की मैक्रो कंडीशन सबसे बेहतर स्थिति में है. इसी ने घरेलू निवेशकों को हौसला दिया है और उन्‍होंने गिरावट में खरीदारी की.

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आगे कैसी रहेगी स्मॉलकैप की चाल?
घरेलू एसेट मैनेजर स्मॉलकैप शेयरों पर फिदा हैं. उनका कहना है कि आगे कंपनियों की आय में वृद्धि होगी. मनीकंट्रोल द्वारा जुलाई में कराए गए एक सर्वे में सामने आया था कि घरेलू फंड मैनेजर लॉर्ज कैप की तुलना में स्मॉल और मिडकैप शेयरों पर ज्यादा बुलिश हैं. हाल में एक टीवी इंटरव्यू में मशहूर निवेशक शंकर शर्मा ने भी कहा था कि अगले 12 महीने में लॉर्जकैप की तुलना स़्मॉलकैप में ज्यादा कमाई की उम्मीद है.

(Disclaimer: यहां बताए गए स्‍टॉक्‍स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्‍टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)

Tags: Business news in hindi, Mutual fund, Stock market, Stock tips

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