डॉमिनोज इंडिया पर साइबर अटैक! 10 लाख क्रेडिट कार्ड डिटेल्स के साथ कस्टमर्स की ये जानकारियां भी डॉर्क वेब पर

हैकर्स काे 18 कराेड़ ऑर्डर डिटेल्स की मदद से मिली है जानकारी

हैकर्स काे 18 कराेड़ ऑर्डर डिटेल्स की मदद से मिली है जानकारी

डॉमिनोज इंडिया की इस सूची में उन ग्राहकाें के नाम भी हैं, जिन्हाेंने ऐप से ऑर्डर किया था. इजरायली साइबरक्राइम इंटेलिजेंस के काे-फाउंडर एलन गल (Alon Gal) ने इसका खुलासा किया है. हालांकि, डॉमिनोज इंडिया ने इस मामले में काेई बयान नहीं दिया है और ना ही इसकी पुष्टि की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 20, 2021, 3:12 AM IST
  • Share this:

नई दिल्ली. डॉमिनोज इंडिया ( Domino's India) पर बड़ा साइबर अटैक (Cyber attack) हुआ है. मशहूर पिज्जा आउटलेट डॉमिनोज इंडिया पर साइबर अटैक कर 13 जीबी का इंटरनल डेटा (Internal Data) चाेरी हाे चुका है. इसमें आईटी, लीगल, फाइनेंस, मार्केटिंग, कर्मचारियाें की जानकारी के साथ ऑपरेशन्स की भी जानकारी थी. हैकर्स का दावा है कि यह जानकारी उन्हें 18 कराेड़ ऑर्डर डिटेल्स की मदद से मिली है, जिसमें ग्राहकाें के (Customers) फाेन नंबर्स (Phone numbers), ई-मेल आईडी (Email id), पेमेंट डिटेल्स (Payments details), डिलीवरी के साथ डेबिड (Debit) और क्रेडिट (Credit) कार्ड की जानकारी शामिल है.



इस सूची में उन ग्राहकाें के नाम भी हैं, जिन्हाेंने डॉमिनोज इंडिया ऐप से ऑर्डर किया. इजरायली साइबर क्राइम इंटेलिजेंस के काे फाउंडर एलन गल (Alon Gal) ने इसका खुलासा किया है. हालांकि डॉमिनोज इंडिया ने इस मामले में काेई बयान नहीं दिया है और ना ही इसकी पुष्टि की है कि उनके सर्वर से ऐसा कुछ लीक हुआ है. Alon Gal का दावा है कि डॉमिनोज इंडिया का हैक किया हुआ डाटा डार्क वेब पर ऑन सेल है और हैकर्स इसके एवज में चार कराेड़ रुपये की डिमांड कर रहे है. हैकर्स इसे सिर्फ एक विक्रेता काे ही बेचना चाहते है जिसके लिए ऐसा सर्च पाेर्टल भी बना रहे है जहां से डेटा के बारे में जानकारी ली जा सके.



बिटक्‍वाइन के जरिये अघोषित कीमत पर बेचा जाता है डाटा



जानकार बताते है कि इस तरह का डाटा डार्क वेब पर क्रिप्‍टो करेंसी बिटक्‍वाइन के जरिये अघोषित कीमत पर बेचा जा रहा है. इस डाटा के लिए हैकर भी टेलीग्राम के जरिये संपर्क कर रहे हैं. जसपे यूजर्स के डाटा स्टोर करने में पेमेंट कार्ड इंडस्ट्री डाटा सिक्योरिटी स्टैंडर्ड (PCIDSS) का पालन करती है. अगर हैकर कार्ड फिंगरप्रिंट बनाने के लिए हैश अल्गोरिदम का इस्तेमाल कर सकते हैं तो वे मास्कस्ड कार्ड नंबर को भी डिक्रिप्ट कर सकते हैं. इस स्थिति में सभी कार्डधारकों के अकाउंट को खतरा हो सकता है


ये भी पढ़ें -  रेल मंत्री पीयूष गोयल का बड़ा ऐलान! रेलवे देशभर में कर रहा 3 लाख आइसोलेशन बेड का इंतजाम, 4000 कोच तैयार





चार साल में दस गुना बढ़े साइबर अटैक





भारत दूसरा ऐसा देश है जिसके पास सबसे बड़ा इंटरनेट यूजर बेस है, पिछले दिनाें इंटरनेट साइट स्टेटिस्टा जारी की गई रिपाेर्ट के अनुसार भारत में वर्ष 2020 तक इंटरनेट यूजर्स की संख्या करीब 70 करोड़ थी जाे आने वाले पांच सालाें में बढ़कर  97.4 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है. भारत दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन बाजार है दिलचस्प बात यह है कि इसकी संख्या इतनी है कि दुनिया के कई विकसित देशों की आबादी तक नहीं है.



चार सालाें में दस गुना बढ़े मामले



रिपाेर्ट के अनुसार वर्ष 2017 में जहां भारत में कुल 53,117 साइबर अटैक के मामले हुए थे वहीं अगले साल यानि वर्ष 2018 में यह बढ़कर 2,08,456 हाे गए, इसके अगले साल वर्ष 2019 में इनकी संख्या 3,94,499  थी ताे अगस्त 2020 तक ही यह 6,96,938 हाे गई. देखा जाए चार सालाें में भारत में कुल 13,53,010 अटैक हुए जाे कि दस गुना वृद्दि की ओर संकेत दे रहे है.


अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज