सालों में एक बार मिलता है मौका, पैसा कमाना चाहते हैं तो तुरंत करें यह काम

अगर आप कुछ काम इन दिनों में कर लेते हैं तो इससे आप फायदे में रहेंगे.

अगर आप कुछ काम इन दिनों में कर लेते हैं तो इससे आप फायदे में रहेंगे.

विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोनावायरस संक्रमण की दूसरी लहर से डरें नहीं, शेयर बाजार की गिरावट का फायदा उठाकर कर निवेश करने का मौका है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2021, 5:13 PM IST
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नई दिल्ली. 2008 की मंदी हो या बीते साल कोरोना संक्रमण (Coronavirus Pandemic) का फैलाव. दोनों ही ऐसे बिरले मामले हैं जब शेयर मार्केट में गिरावट से लोगों ने अच्छा पैसा बनाया है. बीते साल मार्च में लॉकडाउन के वक्त बीएसई का सेंसेक्स 30 हजार से नीचे आ गया था. लेकिन महज एक साल में ही इसने लोगों को दोगुने का मुनाफा दे दिया.

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार भी कोरोनावायरस संक्रमण की दूसरी लहर (Second wave of Corona) से डरना नहीं चाहिए, बल्कि इसे मौके के तौर पर लेना चाहिए. उनके मुताबिक देश की अर्थव्यवस्था के फंडामेंटल बहुत मजबूत हैं. इसलिए जल्द ही मार्केट रिकवरी करेगा. लिहाजा अभी सस्ते के भाव में खरीदे गए शेयर जमकर मुनाफा देंगे. आईए विशेषज्ञों से समझते हैं कि कैसे बाजार में निवेश करना फायदे का सौदा हो सकता है.

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अमेरिकी बाजारों में जोश भर दिया
सीए हरिगोपाल पाटीदार बताते हैं कि बीते हफ्ते सेंसेक्स करीब 1.5 फीसदी टूट कर बंद हुआ था. जबकि, इस बीच अमेरिकी बाजार मजबूत आर्थिक आंकड़ों के दम पर फ्रेश हाई लगाते नजर आए. Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को S&P 500 और Dow रिकॉर्ड स्तर पर क्लोज हुए थे. मजबूत इकोनॉमिक आंकड़ों और बैंकों के अच्छे नतीजों ने अमेरिकी बाजारों में जोश भर दिया है. Reuters का एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार रूस की स्पुटनिक 5 वैक्सीन इस महीनें से इंपोर्ट करना शुरू कर देगी जिससे 12.5 करोड़ लोगों का टीककरण किया जाएगा.

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लोग और सरकार दोनों पहले की तुलना में ज्यादा तैयार



पाटीदार कहते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए इस बार लोग और सरकार दोनों पहले की तुलना में ज्यादा तैयार हैं इसलिए बाजार में एक बार फिर मार्च 2020 का निचला स्तर दिखने की संभावना नहीं है. बाजार को कोरोना टीककरण से राहत मिल सकती है और शॉर्ट टर्म में कुछ कंसोलीडेशन के बाद बाजार में एक बार फिर ऊपर की तरफ गति आती दिख सकती है. जानकारों की राय है कि बाजार कोरना से जुड़ी सबसे खराब संभावना को पचा चुका है.

सुधार के बाद बाजार में बुल्स का दौर लौटता दिखा

विशेषज्ञों के मुताबिक, दुनिया भर के बाजार इस स्थिति से गुजरे थे. लेकिन शुरुआती गिरावट के बाद स्थितियों में सुधार के बाद बाजार में बुल्स का दौर लौटता दिखा था. बाजार जानकारों का कहना है कि दुनिया ने कोरोना की पहली लहर से बहुत कुछ सीखा है. अब दुनिया कोरोना की दूसरी या तीसरी लहर से निपटने के लिए ज्यादा बेहतर तरीके के तैयार हैं. भारत भी इसका अपवाद नहीं है. यही वजह है कि बाजार में हालिया गिरावट से बाउंसबैक देखने को मिला है.

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ग्लोबल मार्केट का ट्रेंड भी भारतीय बाजारों की दिशा तय करेगा

निर्मल बंग के आंकड़ों से पता चलता है कि दूसरे देशों में शुरुआती कुछ हफ्तों में ही बाजार गिरावट खत्म होती दिखी थी. कोरोना की दूसरी लहर के अलावा ग्लोबल मार्केट का ट्रेंड भी आगे कुछ सप्ताहों में भारतीय बाजारों की दिशा तय करेगा. अमेरिका में कोविड की दूसरी लहर अक्टूबर के मध्य में शुरू हुई और जनवरी 2021 के मध्य में ये पीक पर पहुंच गई. शुरुआती 15 दिनों में अमेरिकी इक्विटी बाजारों में कोरोना की दूसरी लहर के चलते गिरावट देखने को मिली थी. लेकिन जनवरी तक अमेरिकी बाजारों में 8 तक की बढ़त देखने को मिली.

केवल कुछ दिनों तक ही बाजार दबाव में रहे

च्वाइस ब्रोकिंग के सुमित बगाड़िया ने मनीकंट्रोल से बात करते हुए कहा कि दुनिया के बाजारों पर नजर डालें तो जब दुनिया की बड़ी इकोनॉमीज पर कोरोना की दूसरी लहर ने अपना असर डाला तो केवल कुछ दिनों तक ही बाजार दबाव में रहे उसके बाद बाजार नए हाई लगाते दिखे. दुनिया ने कोरोना की पहली लहर से बहुत कुछ सीखा है. अब दुनिया कोरोना की दूसरी या तीसरी लहर से निपटने के लिए ज्यादा बेहतर तरीके के तैयार हैं. भारत भी इसका अपवाद नहीं है. यही वजह है कि बाजार में हालिया गिरावट से बाउंसबैक देखने को मिला है.

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गिरावट की अस्थाई दौर समाप्ति की तरफ

भारतीय बाजार नीचे की तरफ 14,250 -14,300 और ऊपर की तरफ 14,850-14,900 के बीच बड़े दायरे में घूमते नजर आ रहे हैं. Yes Securities के आदित्य अग्रवाल का कहना है कि निफ्टी ने वीकली चार्ट पर इस रेंज के निचले छोर पर एक हैमर कैंडलिस्टिक पैटर्न (Hammer candlestick pattern) बना लिया है. इससे संकेत मिल रहा है कि गिरावट की अस्थाई दौर समाप्ति की तरफ है और अब हमें इस रेंज के ऊपरी छोर की तरफ 14900 तक की रैली देखने को मिल सकती है. उन्होंने आगे कहा कि दूसरे टेक्निकल इंडीकेटरों से भी इस बात का संकेत मिल रहा है कि सबसे बुरा दौर गुजर चुका है.
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