कोरोना की दूसरी लहर से नहीं होगी वृद्धि दर प्रभावित, 10.5% की होगी शानदार बढ़ोतरी- RBI गवर्नर

आर्थिक वृद्धि में तेजी से होगा सुधार

आर्थिक वृद्धि में तेजी से होगा सुधार

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास (Reserve Bank Governor Shaktikanta Das) ने गुरुवार को भरोसा जताया कि कोरोना वायरस संक्रमण (COVID-19) की नई लहर से आर्थिक वृद्धि में सुधार की रफ्तार प्रभावित नहीं होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 3:27 PM IST
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नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास (Reserve Bank Governor Shaktikanta Das) ने गुरुवार को भरोसा जताया कि कोरोना वायरस संक्रमण (COVID-19) की नई लहर से आर्थिक वृद्धि में सुधार की रफ्तार प्रभावित नहीं होगी और आरबीआई ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 10.5 प्रतिशत के हालिया वृद्धि (GDP growth) लक्ष्य को बरकरार रखा है. कोविड-19 वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ने और कई शहरों में इसके चलते लॉकडाउन लगाने की आशंकाओं के बीच आरबीआई गवर्नर का आश्वासन महत्वपूर्ण है.

दास ने कहा- वृद्धि अनुमानों को घटाने की जरूरत नहीं

टाइम्स नेटवर्क इंडिया इकनॉमिक कॉन्क्लेव में दास ने कहा कि आर्थिक गतिविधियों का पुनरुद्धार निर्बाध रूप से जारी रहना चाहिए और मुझे वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आरबीआई के 10.5 प्रतिशत वृद्धि अनुमानों को घटाने की जरूरत नहीं लगती. साथ ही उन्होंने कहा कि इस समय किसी को भी पिछले साल जैसे लॉकडाउन की आशंका नहीं है.

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संक्रमण से निपटने के हैं अतिरिक्त उपाय

उन्होंने यह भी कहा कि आरबीआई कीमत और वित्तीय स्थिरता बनाये रखते हुए अर्थव्यवस्था में पुनरुद्धार के लिये अपने सभी नीतिगत उपायों के उपयोग को लेकर प्रतिबद्ध है. उन्होंने यह भी कहा कि देश में कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामले चिंता की बात है लेकिन इससे निपटने के लिये इस बार हमारे पास अतिरिक्त उपाय हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि इस समय किसी को भी पिछले साल जैसे लॉकडाउन की आशंका नहीं है.

फिच ने बढ़ाया वृद्धि दर का अनुमान



फिच रेटिंग्स ने अगले वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 12.8 प्रतिशत कर दिया है. पहले रेटिंग एजेंसी ने अगले वित्त वर्ष में वृद्धि दर 11 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था. फिच ने अपने ताजा वैश्विक आर्थिक परिदृश्य (जीईओ) में कहा है कि भारत लॉकडाउन की वजह से आई मंदी की स्थिति से उम्मीद से अधिक तेजी से उबरा है.

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रेटिंग एजेंसी ने कहा कि 2020 की दूसरी छमाही में पुनरुद्धार से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) अपने महामारी पूर्व के स्तर पर पहुंच गया है. ऐसे में हमने 2021-22 के वृद्धि दर के अनुमान को 11 प्रतिशत से संशोधित कर 12.8 प्रतिशत कर दिया है.
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