क्या आपने भी साेशल मीडिया पर अपलाेड किया है अपनी फाेटाे के साथ काेविड वैक्सीन का सर्टिफिकेट, तुरंत हटा ले, हाे सकते हैंं यह नुकसान

आपकाे सावधान हाेने की जरूरत है.

आपकाे सावधान हाेने की जरूरत है.

गृह मंत्रालय ने अपने साइबर सिक्याेरिटी अवेयरनेस वाले ट्विटर हैंडल से एक ट्विट शेयर कर लाेगाें से काेविड वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट अपलाेड नहीं करने की अपील की है, साथ ही उसकी वजह भी बताई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 20, 2021, 3:54 PM IST
  • Share this:

नई दिल्ली. साेशल मीडिया (Social media) पर एक्टिव रहना ज्यादातर लाेगाें काे अच्छा लगता है. लाेग अपने स्टेटस पर हर दिन की एक्टिविटी भी शेयर करते है. जाे भी लेटेस्ट ट्रेंड चल रहा हाे उसके हिसाब से अपना साेशल मीडिया का स्टेटस हमेशा अप टू डेट रखते है. इन दिनाें काेविड वैक्सीनेशन (Covid vaccination) के बाद लाेग साेशल मीडिया पर यह बता रहे है कि उन्हाेंने वैक्सीन लगवा ली. यह अच्छा है क्याेंकि इससे दूसराें काे भी प्रेरणा और हिम्मत मिलती है जाे शायद कहींं ना कहींं इस बात से डरते हैंं.



लेकिन यदि आप इस जानकारी के साथ काेविड वेक्सीनेशन के बाद जारी हुआ आपका सर्टिफिकेट (Certificate) भी साेशल मीडिया पर अपलाेड कर चुके है या करने का साेच रहे है ताे आपकाे सावधान हाेने की जरूरत है. गृह मंत्रालय ने लाेगाें काे ऐसा करने से मना किया है.



इसलिए रिस्क है इसे अपलाेड करने पर



गृह मंत्रालय (Home ministry ) ने हाल ही में अपने साइबर सिक्याेरिटी अवेयरनेस (Cyber security awareness) वाले ट्विटर हैंडल (Twitter) से एक ट्विट शेयर कर लाेगाें से काेविड वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट अपलाेड नहीं करने की अपील की है. जिसके पीछे तर्क देते हुए गृह मंत्रालय ने कहा है कि साेशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने काेविड टीकाकरण प्रमाणपत्राें काे पाेस्ट करने और प्राेफाइल चित्र या स्टेटस पर डालने से बचे. ऐसा इसलिए क्याेंकि इस प्रमाण पत्र में आपका नाम तथा अन्य व्यक्तिगत विवरण है एवं साइबर अपराधियाें द्वारा आपकाे धाेखा देने हेतु इसका दुरूपयाेग किया जा सकता है. 


ये भी पढ़े - सेविंग अकाउंट से भी कर सकते हैं कमाई, ये बैंक दे रहा 7.25% की दर से ब्याज





ये सारी जानकारी रहती है सर्टिफिकेट में





काेविड वैक्सीनेशन हाेने के बाद दिए जाने वाले सर्टिफिकेट काे किसी भी साेशल मीडिया पर शेयर नहीं करने की हिदायत इसलिए दी जा रही है क्याेंकि यह एक लीगल दस्तावेज है जिसमें वैक्सीन लगवाने वाले व्यक्ति का नाम, उसकी आईडेंटिटी, उसका रजिस्ट्रेशन आईडी दर्ज रहता है. वही वैक्सीन लगवाने की तारिख, डाेज व अन्य जानकारियां भी रहती है, जिसे साेशल मीडिया पर शेयर करना सही नहीं है.



जानिए क्या क्या हाे सकता है इसका नुकसान



साइबर एक्सपर्ट आकाश के अनुसार हालांकि अभी तक भारत में ऐसा काेई मामला सामने नहीं आ पाया है कि इस सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किसी गलत काम में किया गया. सभंवतः इसलिए क्याेंकि शायद काेई पकड़ा नहीं गया हाे पर यूएस जैसे देशाें में इसके इस्तेमाल से व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर लाेग नकली क्रेडिट कार्ड भी बनवा रहे है, जिसका बिल काेविड वैक्सीनेशन काे अपलाेड करने वाले के नाम पर हाेता है. वहीं कई लाेग इसके इस्तेमाल कर नकली सर्टिफिकेट भी बना रहे है. ताे आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ हाे जिसके पास नकली सर्टिफिकेट हाे ताे अंदाजा लगाइए यह भी कम खतरनाक नहीं है.


अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज