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बंद पड़े बैंक अकाउंट से भी निकाल सकते हैं पैसा, जानिए इसके नियम और प्रोसेस

किसी बैंक अकाउंट में लगातार 10 साल तक लेनदेन नहीं किया जाए तो यह निष्क्रिय हो जाता है.
किसी बैंक अकाउंट में लगातार 10 साल तक लेनदेन नहीं किया जाए तो यह निष्क्रिय हो जाता है.

Dormant Account: बंद पड़े बैंक अकाउंट से भी अपने पैसे निकाले जा सकते हैं. ​निष्क्रिय हो चुके बैंक अकाउंट को दोबारा एक्टिवेट करने की सुविधा मिलती है. बैंक इसके लिए RBI द्वारा तय किए गए नियमों का पालन करते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 11, 2021, 9:14 AM IST
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नई दिल्ली. बैंक अकाउंट को लंबे समय तक ऑपरेट नहीं किया जाए तो वा डॉरमेंट अकाउंट (Dormant Account) बन जाता है, यानी उस खाते को निष्क्रिय कर दिया जाता है. अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है तो चिंता करने की कोई बात नहीं है. आप इस बंद पड़े बैंक अकाउंट से भी अपने पैसे निकाल सकते हैं. इसके लिए आपको कुछ आसान से प्रोसेस पूरे करने होंगे. बैंकों के पास इस तरह के अकाउंट में अनक्लेम्ड पैसा लगातार बढ़ रहा है. बैंकों के अनक्लेम्ड रकम में सेविंग्स अकाउंट, करंट अकाउंट, एफडी, आरडी आदि में जमा रकम हो सकता है.

लगातार बढ़ रहा बैंकों में अनक्लेम्ड रकम
भारतीय रिज़र्व बैंक के अनुसार, अगर कोई ग्राहक अपने बैंक अकाउंट में लगातार 10 साल तक कोई लेन-देन नहीं करता है तो उस अकाउंट में जमा रकम अनक्लेम्ड हो जाता है. बैंकों के पास हर साल इस तरह के रकम बढ़ती जा रही है. वित्त वर्ष 2019 के अंत तक बैंकों में इस तरह की कुल रकम करीब 18,380 करोड़ रुपये हो गई है. जबकि, इसके पिछले वित्त वर्ष में यह रकम 14,307 करोड़ रुपये थी.

बैंक की वेबसाइट पर मिल जाएगी जानकारी
इस तरह का सारा पैसा आरबीआई के डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंंड में हर महीने ट्रांसफ कर दिया जाता है. नियमों के अनुसार, हर बैंक को अपने वेबसाइट पर अनक्लेम्ड रकम का ब्यौरा देना होता है. बैंक की वेबसाइट पर जाकर अपने निष्क्रिय अकाउंट के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है. इसके लिए जन्मतिथि, नाम, पैन नंबर, पासपोर्ट नंबर, पिनकोड ओर टेलीफोन नंबर आदि की मदद से सर्च कर सकते हैं.



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बैंकिंग मामले के जानकारों का कहना है कि कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) और लॉकडाउन (Lockdown) के चलते बैंकों ने ग्राहकों कई तरह की सुविधाएं देनी शुरू किया है. बैंकों ने यह कदम ​इसलिए उठाया है ताकि ऐसी कठिन परिस्थिति में लोगों को बैंकिंग सेवांए सुचारु रूप से मिलती रहें. बैंक अब ग्राहकों को निष्क्रिय अकाउंट को रिवाइव करने का मौका दे रहे हैं. इसके लिए नजीदीकी बैंक ब्रांच से संपर्क किया जा सकता है.

क्या है प्रोसेस?
इसके लिए बेहद सरल प्रक्रिया है. आपको केवल संबंधित बैंक ब्रांच को एक मेल भेजना होगा. इस मेल में आप बैंक से अनुरोध करेंगे कि आपका निष्क्रिय बैंक अकाउंट रिएक्टिवेट कर दिया जाए. इसके लिए आपको अपने पहचान पत्र, पता आदि के प्रूफ भेजना होगा. आपके द्वारा आवेदन भेजे जाने के चंद दिनों के अंदर ही बैंक आपके अकाउंट को रिएक्टिवेट कर देगा. हालांकि, इस समय साइबर क्राइम के बढ़ते मामले को देखते हुए कई बैंक रिमोटली केवाईसी अपडेट करने से मना भी कर सकते हैं.

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ऐसी​ स्थिति में बैंक चाहते हैं अकाउंटहोल्डर खुद ही बैंक ब्रांच जाकर अपने निष्क्रिय अकाउंट को एक्टिवेट कराएं. वरिष्ठ नागरिकों के लिए अपने ही एरिया के ब्रांच में जाना होगा. डोरस्टेप सर्विस की भी सुविधा मिलती है. डोरस्टेप सर्विस में संबंधित ऑफिशियल्स क्लांइट के घर जाकर केवाईसी अपडेट करते हैं. अगर कोई अकाउंटहोल्डर किसी दूसरे शहर में रहता तो भी वो अपने मौजूदा लोकेलिटी में नजदीकी ब्रांच में जाकर केवाईसी अपडेट करा सकता है.
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