कोरोना के खिलाफ लड़ाई में मजबूत होगी ताकत, DRDO की दवा 2-DG की एक महीने में सप्लाई!

इस दवा को ग्लूकोज की तरह पानी में मिलाकर दिया जाएगा

दवा को 2-DG कहा जा रहा है. इसे 2-DG की लैब, इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड अलाइड साइंसेज (INMAS) ने बनाया है. इस दवा से कोरोना के अधिकतर लक्षणों को कम करने में मदद मिलेगी और शरीर के अंदर वायरस का बढ़ना रुक जाएगा.

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    नई दिल्ली. भारत में तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस (Corona virus) के बीच एक अच्छी खबर भी आई है. वैक्सीनेशन ड्राइव (vaccination drive ) को और मजबूती देने के लिए डिफेंस रिसर्च एंड डिवेलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) की ओर से डिवेलप की गई दवा एक महीने के अंदर मरीजों के लिए उपलब्ध हो सकती है. इस दवा को 2-DG कहा जा रहा है. इसे 2-DG की लैब, इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड अलाइड साइंसेज (INMAS) ने बनाया है. NMAS के साइंटिस्ट सुधीर चांदना ने न्यूज18 को बताया कि इस दवा से कोरोना के अधिकतर लक्षणों को कम करने में मदद मिलेगी और शरीर के अंदर वायरस का बढ़ना रुक जाएगा.  उन्होंने कहा कि दवा को अगले महीने तक उपलब्ध कराने की कोशिश हो रही है.


    एक महीने के अंदर मरीजों के लिए दवा उपलब्ध होगी


    इस दवा को INMAS ने देश की बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनियों में से एक डा. रेड्डीज लैबोरेट्रीज के साथ मिलकर बनाया है. चांदना ने बताया, "डा. रेड्डीज लैबोरेट्रीज हमारी इंडस्ट्री पार्टनर है. हम दवा का प्रोडक्शन तेज करने की कोशिश कर रहे हैं. कुछ सप्ताह या एक महीने के अंदर मरीजों के लिए दवा उपलब्ध होगी.


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    दवा से ऑक्सिजन पर निर्भरता कम 


    ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने इस दवा के इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए अनुमति दे दी है. डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा है कि क्लिनिकल ट्रायल में दिखा है कि 2-DG दवा से बड़ी संख्या में मरीजों की इलाज के तीसरे दिन ऑक्सिजन पर निर्भरता समाप्त हो गई. इसके साथ ही मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट भी जल्द नेगेटिव आई है.


    दवा को ग्लूकोज की तरह पानी में मिलाकर दिया जाएगा


    इस दवा को ग्लूकोज की तरह पानी में मिलाकर दिया जाएगा. इसे दिन में दो बार सुबह और शाम को मरीज को देना होता है. इस दवा की सफलता से ऑक्सिजन की खपत में कमी हो सकती है. देश के कई राज्यों में ऑक्सिजन की भारी कमी के कारण कोरोना के मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. ऑक्सिजन की बड़े पैमाने पर काला बाजारी की रिपोर्ट भी मिल रही हैं.