खुशखबरी: नया माल आने के बाद दिवाली पर और सस्ते हुए काजू-बादाम, फटाफट चेक करें नए रेट्स

90 साल में पहली बार सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स के  दाम गिर रहे हैं.
90 साल में पहली बार सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स के दाम गिर रहे हैं.

बादाम, अखरोट और काजू के कारोबार से जुड़े कारोबारी बताते हैं कि 90 साल में पहली बार सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स के दाम गिर रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 10, 2020, 5:55 AM IST
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नई दिल्ली. काजू-बादाम हो या फिर किशमिश और अखरोट, हर तरह की मेवा की नई फसल बाज़ार में आ चुकी है. बढ़िया फ्रेश माल की बाज़ार में कोई कमी नहीं है. बावजूद इसके मेवा (Dry fruits) बीते डेढ़ से दो महीने से सस्ती बनी हुई है. नई फसल आने के बाद भी अमेरिकन (American) बादाम थोक में 525 रुपये किलो बना हुआ है. अगर दो-तीन रुपये के मामूली उतार-चढ़ाव को छोड़ दें तो बादाम का यह रेट अक्टूबर से यही चला आ रहा है. यह हाल बादाम ही नहीं काजू-किशमिश और अखरोट का भी है. मेवा कारोबारियों को समझ नहीं आ रहा कि दिवाली (Diwali) जैसे त्योहार में भी मेवा के दामों में सुस्ती बनी हुई है.

सस्ते हुए काजू बादाम- जानिए नए रेट्स- मेवा कारोबारी राजीव बत्रा के अनुसार बादाम अमेरिकन 525 से 580 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है. वहीं, काजू 660 से 710 रुपये प्रति किलोग्राम है. किशमिश 200 से 230 रुपये प्रति किलोग्राम (किशमिश की कई वैराइटी होती हैं.) इसके अलावा अखरोट की गिरी 800 से 850 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही हैं.

छुहारा भी जनवरी के 300 रुपए प्रतिकिलो से घटकर अक्टूबर में 280 रुपए पर आ गया था. अब यह भी 260-270 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है. पिस्ते का भाव 1150 से 1170 रुपए किलो के बीच चल रहा है. बाज़ार में पिस्ता का रेट 20 से 25 रुपए किलो के मामूली अंतर के साथ बिक रहा है.



मेवा कारोबारी राजीव ने बताई यह बड़ी वजह-दिल्ली के थोक मेवा कारोबारी राजीव बत्रा का कहना है, बीते साल तक होता यह था कि सर्दियां शुरु होने से पहले ही पुराने माल को खत्म कर लिया जाता था. गोदामों को नए माल के लिए साफ-सफाई कर तैयार करते थे. इस दौरान कुछ व्यापारी पुराने माल को कुछ मामूली रेट कम कर ज़ल्द से ज़ल्द निकाल देते थे. लेकिन इस बार गोदामों से लेकर दुकान तक हर तरह की मेवा भरी पड़ी हुई है. नया माल भी पूरी तरह से आ चुका है. लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि दिवाली के मौके पर भी मेवा खरीदने वाला ग्राहक नहीं है.
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ऐसा बाज़ार तो हमने 90 साल के कारोबार में कभी नहीं देखा-चित्ती कब्र, जामा मस्जिद के पास मसालों और मेवा का थोक-रिटेल दोनों कारोबार करने वाले नूरी मसाले के संचालक मौहम्मद आज़म ने न्यूज18 हिंदी से बातचीत में बताया, हम 90 साल से इस कारोबार में हैं. लेकिन ऐसा बाज़ार हमने आजतक नहीं देखा है. सर्दियों की आमद और दीवाली को देखते हुए यह वक्त पूरी तरह से मेवा का बाज़ार का हुआ करता था. दूसरा इस समय पर शादी-ब्याह के ऑर्डर भी आते थे. लेकिन बड़े ही अफसोस की बात है कि सीजन में मेवा के दाम गिर रहे हैं. मेवा पर इतना फर्क तो गर्मी में भी नहीं आता है.
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