विमानन कंपनियों पर फिर दिखने लगा कोरोना का असर, GoAir ने इस बार बनाया खास प्लान!

एविएशन सेक्टर की दिग्गज कंपनी गोएयर

एविएशन सेक्टर की दिग्गज कंपनी गोएयर

विमानन क्षेत्र कोविड की दूसरी लहर से जूझ रहा है. इस बीच वाडिया प्रवर्तित गोएयर (GoAir) नेटवर्क और अपने विमानों के बेड़े में बड़े विस्तार की योजना बनाई है.

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नई दिल्ली: विमानन क्षेत्र कोविड की दूसरी लहर से जूझ रहा है. इस बीच वाडिया प्रवर्तित गोएयर नेटवर्क और अपने विमानों के बेड़े में बड़े विस्तार की योजना बनाई है. एयरलाइन अब अत्यंत कम लागत के विमानन मॉडल पर दांव लगाने जा रही है. गोएयर बेहद प्रतिस्पर्धी और लागत की दृष्टि से संवेदनशील बाजार में उन कुछ भारतीय एयरलाइंस में हैं, जो मुनाफा कमा रही हैं.

गोएयर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कौशिक खोना ने पीटीआई- भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘हालांकि, क्षेत्र के समक्ष कुछ अस्थायी दिक्कतें आ रही है, लेकिन गोएयर में हमारा मानना है कि एयरलाइन अपने विरासत वाले अत्यंत कम लागत के ढांचे के साथ विशिष्ट स्थिति में है। इसकी वजह से हम हमेशा टिके रहे हैं.’’

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मार्च में एयरलाइन के प्रवर्तक परिवार के जेह वाडिया कंपनी के प्रबंधन से हट गए थे. एयरलाइन ने बेन बाल्डान्जा को पदोन्नत कर वाइस चेयरमैन नियुक्त करने की घोषणा की थी. बाल्डांजा को अमेरिका में स्पिरिट एयरलाइंस के पुनरुद्धार का श्रेय दिया जाता है. वह वैश्विक एयरलाइन पेशेवर हैं. इस तरह की भी चर्चाएं हैं कि गोएयर अपने विस्तार के लिए धन भी जुटा रही है.
खोना ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि अत्यंत कम लागत का (यूएलसीसी) मॉडल गोएयर के लिए विशिष्ट वृद्धि का मार्ग तैयार करेगा. ‘‘गोएयर में हम अपने यूएलसीसी मॉडल के जरिये भरोसे के साथ आगे बढ़ रहे हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इन सबसे हमें अपने परिचालन को सुगम और कुल लागत ढांचे को निचले स्तर पर रखने में मदद मिलती है. इसमें पायलटों और इंजीनियरिंग टीमों के लिए साझा कौशल सेट की जरूरत होती है.’’ खोना ने कहा कि भारतीय विमानन बाजार का अभी पूरा दोहन नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि एक बार महामारी समाप्त होने के बाद इसमें भारी मांग देखने को मिलेगी.

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उन्होंने कहा, ‘‘हम बड़ी संख्या में पहली बार उड़ान भरने वालों और गैर-बिजनेस श्रेणी के यात्रियों की मांग पूरी करते हैं. छोटे शहरों से हमें मजबूत वृद्धि देखने को मिल रही है. इन शहरों से लोग रेलवे की तुलना में कम समय में यात्रा पूरी करना चाहते हैं.’’ उन्होंने कहा कि इसके अलावा महामारी के बाद लोगों की थोड़े समय के लिए छुट्टियां बिताने की मांग भी बढ़ेगी.
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