विश्व बैंक की चेतावनी! कोरोनावायरस की वजह से 15 करोड़ लोग हो जाएंगे बेहद गरीब, COVID के मामले जल्द रोकने की जरूरत

विश्व बैंक की चेतावनी! कोरोनावायरस की वजह से 15 करोड़ लोग हो जाएंगे गरीब
विश्व बैंक की चेतावनी! कोरोनावायरस की वजह से 15 करोड़ लोग हो जाएंगे गरीब

विश्व बैंक (World Bank) ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर चेताया है कि साल 2021 तक 88 से 150 मिलियन (15 करोड़) लोगों को अत्यंत गरीबी का सामना करना पड़ सकता है.

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  • Last Updated: October 7, 2020, 11:19 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोनावायरस (Coronavirus) महामारी ने दुनियाभर में सामाजिक और आर्थिक रूप से बड़ा नुकसान पहुंचाया है. विकासशील देशों के साथ विकसित देश की भी अर्थव्यवस्था वायरस की वजह से चरमरा गई है. अब विश्व बैंक (World Bank) ने महामारी के कारण 150 मिलियन (15 करोड़) लोगों के साल 2021 तक अत्यंत गरीबी से जुझने की संभावना जताई है.

विश्व बैंक ने महामारी के मद्देनजर चेताया है कि साल 2021 तक 88 से 150 मिलियन लोगों को अत्यंत गरीबी का सामना करना पड़ सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य-आय वाले देशों (Middle Income Countries) में 82 फीसदी लोगों को घर चलाने में समस्या आ सकती है. विश्व बैंक की द्विवार्षिक गरीबी एंव साझा समृद्धि रिपोर्ट के अनुसार, साल 2020 में गरीबी दर घटकर 7.9 प्रतिशत रहने की उम्मीद है.

1.4 फीसदी आबादी अत्यंत गरीबी से जूझ सकती है
वहीं, रिपोर्ट में महामारी और वैश्विक मंदी के कारण दुनिया की 1.4 फीसदी आबादी अत्यंत गरीबी से जूझ सकती है. विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष डेविड मलपास ने कहा, विकास की प्रगति और गरीबी पर पार पाने के लिए देशों को पूंजी, श्रम, कौशल और नवचार को नए व्यवसायों और क्षेत्रों में लाने के लिए एक अलग अर्थव्यवस्था के तैयार करने की आवश्यकता होगी.
रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी के अभिसरण को नहीं रोका गया तो गरीबी खत्म करने के लक्ष्य के लिए साल 2030 तक इंतजार करना पड़ सकता है और साल 2030 तक वैश्विक गरीबी दर लगभग सात प्रतिशत हो सकती है. विश्व बैंक ने कहा कि भारत की ओर से आंकड़ें जारी न करने पर वैश्विक गरीबी को पूर्ण रूप से पता लगाने में बाधा आ सकती है.





कम से कम 1.04 मिलियन लोगों की इस महामारी के चलते मौत हो चुकी है 
विश्व बैंक ने महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा कोरोना के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि मुंबई में लोगों के लिए आर्थिक रूप से परेशानी पैदा हो सकती है. बता दें कि मई से जुलाई तक राज्य में कोरोना के मामलों में 20 फीसदी की गिरावट आई है. इस दौरान धारावी निवासियों को लॉकडाउन के दौरान कई संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों और वॉलियंटर्स द्वारा राशन किट उपलब्ध कराई गई थी. जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार, वैश्विक स्तर पर कोरोनोवायरस ने 35 मिलियन से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं और कम से कम 1.04 मिलियन लोगों की इस महामारी के चलते मौत हो चुकी है.
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