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गेहूं की रिकॉर्ड कीमतों ने बढ़ाई सरकार की चिंता, खत्म हो सकती है इंपोर्ट ड्यूटी

गेहूं की रिकॉर्ड कीमतों ने बढ़ाई सरकार की चिंता, खत्म हो सकती है इंपोर्ट ड्यूटी

केंद्र सरकार ने भीषण गर्मी के कारण फसल के नुकसान को देखते हुए मई में गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी थी.

केंद्र सरकार ने भीषण गर्मी के कारण फसल के नुकसान को देखते हुए मई में गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी थी.

गेहूं की बढ़ी हुई कीमतों को देखते हुए भारत सरकार गेहूं के आयात पर 40 फ़ीसदी ड्यूटी शुल्क को खत्म कर सकती है. साथ ही देश में रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंची कीमतों को नीचे लाने के लिए ट्रेडर्स के लिए भंडार पर लिमिट लगा सकती है.

नई दिल्ली. भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक है. वर्तमान में यहां गेहूं की कीमतें आसमान छू रही है. गेहूं की बढ़ी हुई कीमतों को देखते हुए सरकार जल्द ही कुछ बड़े फैसले ले सकती है. केंद्र सरकार गेहूं के आयात पर 40 फीसदी ड्यूटी शुल्क को खत्म कर सकती है. साथ ही देश में रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंची कीमतों को नीचे लाने के लिए ट्रेडर्स के लिए भंडार पर लिमिट लगा सकती है. यह जानकारी रायटर्स को सरकार और ट्रेड से जुड़े लोगों के द्वारा सोमवार को मिली है.

मई में लगाई थी निर्यात पर रोक
केंद्र सरकार ने भीषण गर्मी के कारण फसल के नुकसान को देखते हुए मई में गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी थी. इसके बावजूद भी गेहूं की घरेलू कीमतें रिकॉर्ड उच्च पर बनी हुई है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें घरेलू बाजार से भी ऊंची होने के कारण ट्रेडर्स के लिए विदेश से आयात का कोई मतलब नहीं रह गया है.

ये भी पढ़ें- राज्यों को मिलने वाले गेहूं में कटौती और अनाज आवंटन क्यों बदला गया? क्या है देश में गेहूं की खपत का ट्रेंड?

फेस्टिवल सीजन के दौरान हो सकता है आयात
ट्रेडर्स ने कहा कि अगर सरकार गेहूं पर इंपोर्ट(आयात) ड्यूटी हटाती है और अंतर्राष्ट्रीय कीमतें भी कम होती है तो वे फेस्टिवल सीजन के दौरान आयात शुरू कर सकते हैं. पिछले हफ्ते इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों से बात करने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, हम गेहूं की कीमतों को नीचे लाने के लिए सभी संभावित विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. अधिकारी ने कहा, सरकार 40 फ़ीसदी इंपोर्ट ड्यूटी हटा सकती है और होलीसेलर्स और ट्रेडर्स पर स्टॉक लिमिट लगा सकती है. इससे सरकार हर किसी को यह दिखने की कोशिश करेगी कि वह कीमतों को नीचे रखना चाहती है.

कितनी बढ़ी है कीमतें
उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के आंकड़ों यह पता चलता है कि उच्च रिकॉर्ड स्तर को छू रही है. पूरे देश में 6 अगस्त को गेहूं के आटे की खुदरा और थोक कीमतें सालाना आधार पर क्रमश: 14 फ़ीसदी और 19 फ़ीसदी अधिक थी. वहीं इसके विपरीत, जुलाई में मासिक आधार पर गेहूं की कीमतों में 14.5 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई.

Tags: Wheat, Wheat crop

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