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इनकम टैक्स ने बताया रिफंड पाने का नया तरीका, ये काम करने पर सीधे खाते में आएंगे पैसे

इनकम टैक्स ने बताया रिफंड पाने का नया तरीका, ये काम करने पर सीधे खाते में आएंगे पैसे

अगर आप IT रिटर्न भर रहे हैं तो आपको यह काम पहले कर लेना चाहिए क्योंकि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) सिर्फ ई-रिफंड (E-Refund) जारी करेगा.

अगर आप IT रिटर्न भर रहे हैं तो आपको यह काम पहले कर लेना चाहिए क्योंकि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) सिर्फ ई-रिफंड (E-Refund) जारी करेगा.

अगर आप IT रिटर्न भर रहे हैं तो आपको यह काम पहले कर लेना चाहिए क्योंकि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) सिर्फ ई-रिफंड (E-Refund) जारी करेगा.

    वित्त वर्ष 2018-19 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. अगर आप IT रिटर्न भर रहे हैं, तो आपको यह काम पहले कर लेना चाहिए, क्योंकि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) सिर्फ ई-रिफंड (E-Refund) जारी कर रहा है. यानी रिफंड सीधे टैक्सपेयर्स के बैंक खातों में भेजा जा रहा है. IT डिपार्टमें 1 मार्च 2019 से सिर्फ ई-रिफंड जारी कर रहा है. एसेसमेंट ईयर 2019-20 के लिए IT रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2019 है. आइए जानते हैं IT रिफंड पाने के लिए क्या करना होगा काम. (ये भी पढ़ें: बिना पैसे दिए आप बुक कर सकते हैं रेल टिकट, जानें IRCTC का खास ऑफर)

    बैंक खाते से PAN लिंक करें- इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की एडवाइजरी के मुताबिक, टैक्स रिफंड पाने के लिए टैक्सपेयर्स को अपने बैंक खाते को PAN से लिंक करना होगा. बैंक खाता सेविंग, चालू, नकद या ओवरड्राफ्ट अकाउंट हो सकता है. अगर आपने ने अपना बैंक अकाउंट PAN से नहीं लिंक किया है तो वो इनकम टैक्स की वेबसाइट https://www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाकर खाते को पैन से लिंक कर सकते हैं.



    सुरक्षित मिलेगा रिफंड- इससे टैक्सपेयर्स को टैक्स रिफंड सीधे बैंक खाते में मिल जाएगा जो सुरक्षित है. फिलहाल, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट टैक्सपेयर्स को रिफंड उनके बैंक खाते या बैंक पे चेक के द्वारा करता है.

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    आंकड़ों के मुताबिक इस महीने की शुरुआत तक आयकर विभाग ने अब तक 42 करोड़ पैन संख्या जारी की है, जिसमें से 23 करोड़ आधार से जुड़ चुके हैं.

    ITR फॉर्म में हुआ बड़ा बदलाव
    एसेसमेंट ईयर 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म में बदलाव हुए हैं. पिछले साल की तुलना में इस साल टैक्सपेयर्स से रिटर्न फॉर्म में ज्यादा जानकारी मांगी गई है. इन जानकारियों में टैक्सपेयर्स के भारत में निवास के दिनों की संख्या, अनलिस्टेड शेयरों की होल्डिंग और TDS होने पर किराएदार का PAN जैसी नई जानकारियां मांगी गई हैं.

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    ITR-1 के दायरे में आएंगे ये लोग
    कोई भी भारतीय नागरिक जिसकी टोटल इनकम 50 लाख रुपए तक है वो इसके दायरे में आएंगे. यह आय सैलरी इनकम हो सकती है, हाउस प्रॉपर्टी या कोई अन्य आय स्रोत हो सकता है. इसके अलावा एग्रीकल्चर इनकम 5 हजार से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. अगर आपके पास कोई भी बिजनेस इनकम है, तो आप ITR-1 के दायरे में नहीं आएंगे. फिर भले ही आप सैलरीड हों और आपकी आय 50 लाख रुपये के नीचे हो. अगर आपके पास कोई कैपिटल गेन है या आपकी कोई संपत्ति देश के बाहर है, तो भी आप इस फॉर्म के दायरे में नहीं आएंगे.

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    Tags: Business news in hindi, Income tax, Income tax department, Income tax india, Income tax latest news, Income tax return, Income tax slab, Taxpayer

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