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इन तरीकों से करें कमाई, नहीं देना होगा 1 रुपए का भी Tax! जानें नियम और शर्तें

News18Hindi
Updated: January 22, 2020, 11:49 AM IST
इन तरीकों से करें कमाई, नहीं देना होगा 1 रुपए का भी Tax! जानें नियम और शर्तें
इनकम जिस पर कोई टैक्स नहीं देना होता

आमातैर पर किसी भी सरकारी या निजी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को अपनी कमाई पर टैक्स देना होगा. उन्हें तभी टैक्स देना होता है, जब उनकी सालाना कमाई 2.5 लाख रुपये से अधिक हो. लेकिन, कुछ ऐसे भी कमाई के स्त्रोत होते हैं, जिसपर कोई टैक्स नहीं देनी होती है.

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  • Last Updated: January 22, 2020, 11:49 AM IST
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नई दिल्ली. मौजूदा टैक्स स्लैब (Tax Slab) के हिसाब से अगर किसी भी व्यक्ति की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से अधिक है तो वो टैक्स (Income Tax) के दायरे में आते हैं. अगर कोई व्यक्ति नौकरीपेशा है तो उनके वेतन से ही ये टैक्स काट लिया जाता है. हालांकि, इसके अलावा भी कई अन्य स्त्रोतों से होने वाली कमाई भी आयकर के दायरे में आता है. इसमें बचत पर ब्याज, रेंट से कमाई, बिजनेस जैसे स्त्रोत शामलि हैं. लेकिन, कुछ स्त्रोत ऐसे भी हैं जहां से अगर आपकी कमाई होती है तो आपको कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है. आइए जानते हैं इनके बारे में.

खेती से होने वाली कमाई: अगर आप खेती करते हैं तो इससे होनी वाली कमाई पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होता है. ऐसे में अगर आप खेती से कितनी भी कमाई कर लें, आप पर टैक्स देयता नहीं बनेगी.

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शा​दी में मिलने वाले गिफ्ट्स: आयकर अधिनियम के तहत गिफ्टस देने पर भी टैक्स देयता बनती हैं. लेकिन, अगर आपको शादी पर दोस्तों या रिश्तेदारों से कोई गिफ्ट मिलता है तो इसपर कोई टैक्स देय नहीं होगा. हालांकि, इसमें एक शर्त ये है कि ये गिफ्टी 50 रुपये से अधिक के नहीं होने चाहिए. आपको इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि गिफ्टी देने की तारीख शादी के दिन या उसके आसपास की होनी चाहिए.

इन गिफ्ट्स पर कोई टैक्स नहीं देना होगा: आयकर नियमों के मुताबिक, अगर आपको पति या पत्नी, भाई या बहन, पति या पत्नी के भाई-बहन, माता-पिता, विरासत या वसीयत, पति या पन्ती के किसी निकटतम पूर्वज या वंशज, हिंदु अनडिवाइडेड फैमिली के मामले में किसी सदस्य, लोकल अथॉरिटी जैसे पंचायत, म्यूनिसपलिटी, म्यूनिसपल कमेटी और डिस्ट्रिक्ट बोर्ड, कैंटोनमेंट बोर्ड से मिले गिफ्ट पर कोई टैक्स नहीं देना होता है. भले ही यह गिफ्ट 50 हजार रुपये से अधिक की हो.



यह भी पढ़ें: छोटे टैक्सपेयर्स को मिल सकती है राहत, बजट में इस टैक्स को हटा सकती है सरकारग्रैच्युटी पर 5 लाख तक की कमाई पर छूट: अगर आप किसी संस्था में 5 साल से अधिक समय तक काम कर चुके हैं तो उसके बाद नौकरी छोड़ने पर ग्रैच्युटी (Gratuity) मिलती है, जोकि टैक्स छूट के दायरे में आती है. हालांकि, इसके लिए भी कुछ शर्त हैं. अगर आप सरकारी कर्मचारी हैं तो 20 लाख रुपये तक की ग्रैच्युटी और अगर आप किसी प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं तो 10 लाख रुपये तक की ग्रैच्युटी पर ही टैक्स छूट मिलती है.

EPF निकासी: अगर कोई भी व्यक्ति 5 साल तक नौकरी करने के बाद एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) से पैसे​ निकासी करता है तो इस पर भी उन्हें कोई टैक्स नहीं देनी होगी. अगर कोई 5 साल से पहले ईपीएफ की निकासी करता है तो इस पर उन्हें टैक्स देना होगा.

NRI को मिलती है टैक्स छूट: NRI को NRE (नॉन रेजिडेंट एक्सटर्नल) खाते पर मिलने वाला ब्याज भारत में पूरी तरह टैक्स फ्री है. इसमें NRE सेविंग अकाउंट और NRE FD (फिक्स डिपॉजिट) दोनों तरह के अकाउंट पर मिलने वाला ब्याज शामिल है.

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VRS: अगर कोई व्यक्ति स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी वीआरएस लेता है तो उन्हें मिलने वाले 5 लाख रुपये पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. वहीं, 5 लाख रुपये से अधिक जो भी रकम होगी. उस पर उन्हें टैक्स देना होगा. यह टैक्स छूट केवल सरकारी कर्मचारियों को ही मिलती हैं.



फर्म पार्टनरशिप पर: अगर आप किसी के साथ पार्टनरशिप में कोई फर्म चला रहे हैं तो आपके शेयर के तौर पर मिलने वाली रकम पर भी कोई टैक्स नहीं देना होता है. दरअसल, फर्म पहले ही टैक्स छूट दे चुकी होती है. इसमें भी आपको ध्यान देना होगा ये टैक्स छूट आपके मुनाफे पर ही है, सैलरी पर नहीं.

PPF अमाउंट: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक ऐसा निवेश विकल्प है, जो पूरी तरह टैक्स फ्री है. इसमें निवेश किया जाने वाला पैसा, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने पर मिलने वाली रकम तीनों टैक्स फ्री हैं. इसे EEE कैटेगरी कहा जाता है.

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स्कॉलरशिप: स्टडी या रिसर्च के लिए सरकार या प्राइवेट ऑर्गेनाइजेशन से मिली स्कॉलरशिप टैक्स के दायरे में नहीं आती. स्कूल से लेकर कॉलेज लेवल और विदेशों में पढ़ाई के दौरान मिलने वाली हर तरह की एजुकेशनल स्कॉलरशिप टैक्स फ्री है.

विरासत में मिली संपत्ति: अगर आपको अपने माता-पित से पारिवारिक विरासत में कोई प्रॉपर्टी, ज्वेलरी या कैश मिलता है तो भी इसपर आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा. वसीयत के माध्यम से मिलने वाली प्रॉपर्टी या कैश पर भी आयकर नहीं बनता है. हालांकि आयकर विभाग करदाता से इस ट्रांजेक्शन को लेकर सवाल कर सकता है. तब करदाता को साबित करना होगा कि रकम या प्रॉपर्टी आदि माता-पिता से या वसीयत से या खानदानी विरासत के तौर पर मिले हैं.

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First published: January 22, 2020, 11:30 AM IST
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