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इस औषधी की खेती से हर साल होगी 5 लाख रुपये की कमाई, खर्च करने होंगे सिर्फ 50 हजार रुपये, जानें सबकुछ

किसान आजकल पारंपरिक खेती के बजाय अलग-अलग चीजों के उत्‍पादन से अच्‍छी कमाई कर रहे हैं.

किसान आजकल पारंपरिक खेती के बजाय अलग-अलग चीजों के उत्‍पादन से अच्‍छी कमाई कर रहे हैं.

कोरोना वायरस महामारी के दौर में ऐलोवेरा (Aloe Vera) की मांग भारत ही नहीं, विदेश में भी बढ़ गई है. ऐसे में ऐलोवेरा की खेती (Aloe Vera farming) में बहुत मुनाफा है. इसका इस्‍तेमाल दवाइयों, खाद्य पदार्थों और सौंदर्य प्रसाधनों में खूब किया जा रहा है.

  • News18Hindi
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    नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी के कारण लाखों लोगों की नौकरी छूटी (Job Loss) तो बहुत बड़ी संख्‍या में लोगों का रोजगार (Employment) पूरी तरह ठप हो गया. इसके बाद रही सही कसर महामारी की दूसरी लहर में पूरी हो गई. अगर आपके साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है. हम आपको सिर्फ 50 हजार रुपये लगाकर 5 लाख रुपये सालाना तक की आमदनी कराने वाली खेती (Earn from Farming) के बारे में बता रहे हैं. इसके लिए आपके पास कृषि भूमि (Agriculture Land) और शुरुआती लागत के लिए मामूली रकम होनी चाहिए. औष‍धीय गुणों वाले ऐलावेरा (Aloe Vera) की डिमांड आजकल बहुत ज्‍यादा है. ऐलोवेरा का इस्‍तेमाल दवाइयों और सौंदर्य उत्‍पादों (Medicines and Beauty Products) में जमकर किया जा रहा है. लिहाजा इसकी खेती बड़े मुनाफा करा सकती है.

    किस तरह से की जा सकती है ऐलोवेरा से कमाई
    ऐलोवेरा की मांग इस समय भारत के साथ ही विदेश में भी काफी ज्यादा है. इस कारण ऐलोवेरा की खेती में बहुत मुनाफा है. इसका इस्‍तेमाल खाद्य पदार्थों में भी खूब किया जा रहा है. भारत में इस समय बड़े पैमाने पर ऐलोवेरा की खेती हो रही है. कई कंपनियां इसके प्रोडक्ट बना रही हैं. देश के लघु उद्योगों से लेकर मल्‍टीनेशनल कंपनियां ऐलोवेरा प्रोडक्‍ट बेचकर करोड़ों कमा रही हैं. ऐसे में आप भी ऐलोवेरा की खेती कर हर साल लाखों की कमाई कर सकते हैं. ऐलोवेरा का बिजनेस दो तरह से कर सकते हैं. पहला, इसकी खेती करके और दूसरा इसके जूस या पाउडर के लिए प्‍लांट लगाकर. यहां हम आपको ऐलोवेरा की खेती और प्रोसेसिंग प्‍लांट की लागत समेत उससे जुड़ी कई जानकारियां दे रहे हैं.

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    कितनी लागत लगाने पर कितनी होगी कमाई
    ऐलोवेरा की खेती के लिए प्रति हेक्‍टेयर 50 हजार रुपये की लागत आती है. इसे एक साल लगाने के बाद आप तीन साल तक फसल ले सकते हैं. हर साल इसकी लागत भी कम होती जाती है, जबकि कमाई बढ़ती जाती है. ऐलोवेरा की फसल तैयार होने पर आप इसे मैन्युफैक्‍चरिंग कंपनियों के साथ ही सीधे मंडियों में भी बेच सकते हैं. इसके अलावा अगर आप अपने बिजनेस को बढ़ाना चाहते हैं तो ऐलोवेरा की प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर ज्‍यादा मुनाफा कमा सकते हैं. प्रोसेसिंग यूनिट से ऐलोवेरा जेल या जूस बेचकर आप मोटी कमाई कर सकते हैं. छोटे आकार की एक प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर करीब 5 लाख रुपये तक का खर्च आएगा.

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    ऐलोवेरा जूस के प्‍लांट में कितनी होगा खर्च
    ऐलोवेरा की खेती कम उपजाऊ जमीन पर होती है. साथ ही कम खाद में भी इसका बेहतर उत्पादन लिया जा सकता है. अच्छी उपज के लिए खेत को तैयार करते समय 10-15 टन सड़ी हूए गोबर की खाद प्रति हेक्टेयर इस्तेमाल करनी चाहिए. ऐलोवेरा से मोटी कमाई के लिए आपको पहले खेती की लगात और फिर प्लांट, लेबर, पैकेजिंग में खर्च करना होगा. कम लागत में हैंडवाश या ऐलोवेरा सोप का बिजनेस भी शुरू कर सकते है. कॉस्मेटिक, मेडिकल और फार्मास्यूटिकल्स के फील्ड में ऐलोवेरा की मांग काफी ज्यादा है. ग्राहकों के बीच ऐलोवेरा जूस, लोशन, क्रीम, जेल, शैम्पू सभी चीज की बड़ी मांग है. आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सा में सालों से ऐलोवेरा का इस्तेमाल होता आया है.

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    किस मौसम में होती है सबसे ज्‍यादा पैदावार
    ऐलोवेरा की खेती शुष्क क्षेत्रों से लेकर सिंचित मैदानी क्षेत्रों में की जा सकती है. हालांकि, आजकल इसकी खेती देश के सभी भागों में की जा रही है. राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में इसका कमर्शियल लेवल पर उत्‍पादन हो रहा है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे बहुत ही कम पानी और अर्द्ध शुष्क क्षेत्र में भी असानी से उगाया जा सकता है. ऐलोवेरा की बेहतर खेती के लिए सबसे उपयुक्त तापमान 20 से 22 डिग्री सेंटीग्रेड होता है. हालांकि, यह पौधा किसी भी तापमान पर अपने को बचाए रख सकता है. इसकी किस्‍मों में आईसी 111271, आईसी 111280, आईसी 111269 और आईसी 111273 का कमर्शियल उत्पादन किया जा सकता है. इनमें पाई जाने वाली एलोडीन की मात्रा 20 से 23 फीसदी तक होती है.

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