EPF balance: बहुत आसानी से Calculate कर सकते हैं पीएफ फंड और ब्याज, जानें सबकुछ

आसान तरीका जिससे आप भी कर सकते है ईपीएफ और ब्याज की गणना.

आसान तरीका जिससे आप भी कर सकते है ईपीएफ और ब्याज की गणना.

पीएफ और उस पर मिलने वाले ब्याज काे लेकर लाेगाें में सही जानकारी नहीं हाेती. लाेग समझते हैं कि जितना पैसा कर्मचारी भरता है उतना ही नियाेक्ता. फिर साल के अंत में पैसा क्याें कम लगता है ताे जानते हैं कि इसका कैलकुलेशन कैसे हाेता है.

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नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सेंट्रल ट्रस्‍टी बोर्ड ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए ईपीएफ सब्‍सक्राइबर के खातों में 8.50% वार्षिक ब्याज जमा करने की सिफारिश की है. ईपीएफओ सालाना आधार पर ईपीएफ के लिए ब्याज दर तय करता है. यह ब्याज दर बाजार की स्थितियों पर निर्भर करती है. साथ ही वित्त मंत्रालय इसकी पुष्टि करता है. ब्याज दर की गणना या तो step method या formula method से की जा सकती है. ऐसे में कई लोगाें के मन में सवाल आता है कि आखिर वे पीएफ और उस पर मिलने वाले ब्याज काे कैसे समझें. इसलिए हम आपकाे आसान तरीके से इसे समझाने की कोशिश करते हैं.



उदाहरण के लिए मान लेते हैंं कि आपकी सैलेरी व भत्ते मिलाकर आपकाे 15,000 रुपये मिलते हैं. अब इस पर मिलने वाला ब्याज कैलकुलेट करते हैं  -



बेसिक सैलेरी + डीए - 15000 रुपये



कर्मचारी की ईपीएफ में सहयाेग राशि - 12 प्रतिशत


15000 का 12 प्रतिशत हुआ - 1800 रुपये



नियाेक्ता द्वारा जमा की जाने वाली राशि - 8.33 प्रतिशत



15000 का 8.33 प्रतिशत हुआ - 1250 रुपये





ईपीएफ के प्रति नियोक्ता का योगदान = कर्मचारी का योगदान - ईपीएस के लिए नियोक्ता का योगदान हाेता है. इस हिसाब से



ईपीएफ के प्रति नियोक्ता का योगदान हुआ - 1800- 1250 = 550 रुपये



इस लिहाज से हर महीने जमा हाेने वाला ईपीएफ = 1,800 +  550 = 2,350 रुपये



ब्याज की दर ईपीएफ पर इस साल के लिए 8.5 प्रतिशत है. अब यदि हर महीने मिलने वाले ब्याज की गणना करें ताे वाे इस तरह हाेगा



8.50%/12 = 0.7083%



- पहले महीने में किया गया ईपीएफ कंट्रीब्यूशन- 2350



अप्रैल के लिए ईपीएफ अंशदान पर ब्याज = शून्य (पहले महीने के लिए कोई ब्याज नहीं)



इस लिहाज से ईपीएफ अकाउंट बैलेंस अप्रैल के अंत में - 2350



मई महीने में किया गया ईपीएफ कंट्रीब्यूशन - 2350



मई तक हुआ कुल ईपीएफ कंट्रीब्यूशन - 4700



मई तक ईपीएफ कंट्रीब्यूशन में मिलने वाला ब्याज - 4,700 * 0.7083% = 33.29 रुपये



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निष्क्रिय ईपीएफ खातों पर ब्याज दर


कानून के अनुसार, एक भविष्य निधि (पीएफ) खाता उस समय निष्क्रिय हो जाता है, जब कर्मचारी 55 वर्ष की आयु के बाद सेवानिवृत्त हो जाता है या स्थायी रूप से विदेश चला जाता है या उसकी माैत हाे जाती है और उसके संचित शेष राशि को वापस लेने का आवेदन 36 महीने के भीतर नहीं किया जाता है. ऐसे समय तक पीएफ कॉर्पस पर ब्याज राशि जमा होती रहेगी. 



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वर्ष 2021 के बजट में सरकार ने 2.5 लाख से अधिक के योगदान पर अर्जित ब्याज पर कर लगाने का प्रस्ताव किया था. वर्तमान में पीएफ अंशदान पर अर्जित ब्याज कर-मुक्त है. यहां तक कि संचित पीएफ बैलेंस को कर से मुक्त किया जाता है यदि किसी व्यक्ति ने पांच साल या उससे अधिक समय तक निरंतर सेवा प्रदान की है.

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