KVIC के सामने झुकीं Flipkart-Amazon, हटाने पड़े फर्जी खादी प्रोडक्‍ट्स

खादी व ग्रामोद्योग आयोग ने उसके ब्रांड नाम से फर्जी उत्‍पाद बेचने वाली ई-कॉमर्स कंपनियों और स्‍टोर्स को लीगल नोटिस भेज दिया है.
खादी व ग्रामोद्योग आयोग ने उसके ब्रांड नाम से फर्जी उत्‍पाद बेचने वाली ई-कॉमर्स कंपनियों और स्‍टोर्स को लीगल नोटिस भेज दिया है.

खादी व ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने बताया कि अमेजन, फ्लिपकार्ट, स्‍नैपडील और दूसरी ई-कॉमर्स कंपनियों ने खादी ब्रांड नाम से उत्पाद बेचने वाले 160 से ज्‍यादा लिंक हटा दिए हैं. इन ई-कॉमर्स पोर्टल पर खादी मास्क, हर्बल साबुन, शैंपू, कॉस्मेटिक्स, हर्बल मेहंदी, जैकेट, कुर्ता और कई दूसरे उत्पाद बेचे जा रहे थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 19, 2020, 10:07 PM IST
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नई दिल्ली. खादी व ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के दबाव के सामने फ्लि‍पकार्ट (Flipkart), अमेजन (Amazon) जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों को झुकना पड़ा है. केवीआईसी के प्रयासों से ई-कॉमर्स कंपनियों (e-Commerce Companies) ने अपने प्‍लेटफॉर्म से 'खादी' ब्रांड से उत्पाद बेचने वाले 160 से ज्‍यादा वेब लिंक हटा दिए हैं. केवीआईसी ने 'खादी इंडिया' (Khadi India) ब्रांड नाम से अपने उत्पादों की बिक्री करने वाली करीब 1,000 कंपनियों को कानूनी नोटिस (Legal Notice) जारी किया था. आयोग का कहना था कि इससे उसकी छवि को नुकसान पहुंच रहा है. साथ ही खादी कामगार (Artisans) भी प्रभावित हो रहे हैं.

फर्जी खादी उत्‍पाद बेचने वाले स्‍टोर्स भी हुए बंद
आयोग ने बताया कि नोटिस के बाद खादी ग्लोबल (Khadi Global) ने अपनी वेबसाइट www.khadiglobalstore.com का इस्तेमाल बंद कर दिया है. साथ ही ट्विटर, फेसबुक और इंस्टग्राम से अपने सोशल मीडिया पेज (Social Media Pages) हटा दिए हैं. साथ ही उसने इस ब्रांड नाम की सभी सामग्री और उत्पाद हटाने के लिए 10 दिन का समय मांगा है. केवीआईसी ने कहा कि उसकी कार्रवाई के बाद देशभर में फर्जी खादी उत्पाद (Fake Khadi Products) बेचने वाले कई स्टोर बंद हुए हैं.

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आयुष ई-ट्रेडर्स बेच रहा है ज्‍यादातर उत्‍पाद


केवीआईसी की ओर से कहा गया है कि दबाव के बाद अमेजन, फ्लिपकार्ट, स्‍नैपडील और दूसरी ई-कॉमर्स कंपनियों ने खादी ब्रांड नाम से उत्पाद बेचने वाले 160 से अधिक वेब लिंक हटा दिए हैं. इन ई-कॉमर्स पोर्टल पर खादी मास्क, हर्बल साबुन, शैंपू, कॉस्मेटिक्स, हर्बल मेहंदी, जैकेट, कुर्ता और कई दूसरे उत्पाद बेचे जा रहे थे. इससे ऑनलाइन खरीदारी करने वाले लोगों (Online Buyers) को लगता था कि वे 'खादी' के असली उत्‍पाद खरीद रहे हैं. आयोग ने बताया कि ई-कॉमर्स कंपनियों की ओर से हटाए गए ज्‍यादातर उत्‍पाद आयुष ई-ट्रेडर्स (Ayush E-Traders) की ओर से बेचे जा रहे थे.

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आयोग शुरू कर चुका है अपना ई-पोर्टल
आयोग ने कहा कि पिछले कुछ साल से लोग खादी उत्‍पाद को ज्‍यादा पसंद कर रहे हैं. इसका फायदा उठाने के लिए खादी ट्रेडमार्क (Khadi Trademark) के उल्‍लंघन के कई मामले सामने आए हैं. वहीं, ऑनलाइन सेलर्स (Online Sellers) ने किसी भी उत्‍पाद को खादी के नाम पर बेचना शुरू कर दिया. यही नहीं, सैकड़ों शहरों में खादी के फर्जी स्‍टोर खोल दिए गए हैं. इन पर खादी के नाम से कुछ भी बेच दिया जा रहा है. कोरोनाकाल में इस तरह के फर्जी खादी उत्‍पाद बेचने वाले ऑनलाइन सेलर्स की संख्‍या अचानक बढ़ गई है. केवीआईसी के चेयरमैन वीके सक्‍सेना ने कहा कि आयोग खादी बेचने के लिए अपना ई-पोर्टल शुरू कर चुका है. वहीं, फर्जी उत्‍पाद बेचने वालों को कानूनी नोटिस भेज दिया गया है.
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