आर्थिक पैकेज की मदद से पटरी पर लौटेगी अर्थव्यवस्था, लेकिन मजूदरों के घर वापसी से पड़ेगा असर

आर्थिक पैकेज की मदद से पटरी पर लौटेगी अर्थव्यवस्था, लेकिन मजूदरों के घर वापसी से पड़ेगा असर
प्रवासी मजदूरों के पलायन से अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा

वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) को उम्मीद है कि 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज (Economic Package 2.0) के ऐलान के बाद आर्थिक गतिविधियां धीरे-धीरे जोर पकड़ेंगी. हालांकि, प्रवासी मजूदरों (Migrant Labourers) के पलायन की वजह इसपर असर देखने को मिलेगा.

  • Share this:
नई दिल्ली. सरकार के 21 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज (Economic Package 2.0) का प्रभाव तत्काल न हो कर मध्य से लेकर दीर्घकाल में दिखने की चर्चाओं के बीच वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) का विश्वास है कि पैकेज की घोषणा के बाद अब आर्थिक गतिविधियां धीरे धीरे जोर पकड़ेंगी और इसमें घरेलू निवेश को अच्छा समर्थन मिलेगा. मंत्रालय के सूत्रों ने यह संकेत दिया है.

मंजूर हो चुके कर्ज का वि​तरण जल्द
वित्त मंत्रालय को उम्मीद है कि बैंकों ने जिन आठ लाख करोड़ रुपये के कर्ज को मंजूरी दी है उसका वितरण जल्द शुरू होगा. इससे कारोबार तेज होने के साथ ही उद्योग निवेश के लिए आगे आयेंगे और कर्ज का उठाव होगा.

घरेलू निवेश को मिल सकेगा समर्थन
सूत्रों के अनुसार, ‘‘यह सही है कि बैंकों के कर्ज मंजूरी और वितरण के बीच असंतुलन बना हुआ है. यह समय के साथ दूर होगा. आर्थिक गतिविधियां शुरू हो रही है, इसमें कोई समस्या नहीं है. सरकार ने तमाम पक्षों के साथ विस्तृत बातचीत के बाद ही पैकेज को तैयार किया है. इससे घरेलू निवेश को समर्थन मिलेगा.’’ सूत्रों के अनुसार मंत्रालय का पैकेज के क्रियान्यन पर पूरा ध्यान है.



यह भी पढ़ें: 1 जून से बदल जाएगा इनकम टैक्स से जुड़ा ये फॉर्म, जानकर रहेंगे टेंशन फ्री

मजदूरों के पलायन की वजह से आर्थिक ग​तिविधियों पर असर
सूत्रों ने माना कि लॉकडाउन के चलते गतिविधियां अभी पूरी तरह से जोर नहीं पकड़ पा रही है. श्रमिकों के बड़े पैमाने पर पलायन की वजह से भी कहीं कहीं गतिविधियों को बहाल करने में समय लग सकता है. उन्होंने कहा, ‘‘इसका (मजदूरों के पलायन) आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा. इसके लिये राज्यों को आपस में समन्वय बिठाना होगा और चीजों को संतुलित करना होगा.’’

कोरोना वायरस के कारण गत 25 मार्च के बाद से देश में लॉकडाउन जारी है. इस दौरान कई चरणों में लॉकडाउन बढ़ाया गया और धीरे धीरे आर्थिक गतिविधियों को खोलने का काम शुरू किया गया.

पीएम ने की थी 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा करने के लिये 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने बाद में पांच किस्तों में इस पैकेज का ब्यौरा दिया. इसमें छोटे उद्योगों के लिये तीन लाख करोड़ रुपये की आपात कार्यशील पूंजी (Working Capital) उपलब्ध कराने और उन्हें बिना गारंटी कर्ज देने की सुविधा की घोषणा की गइ्र. किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के तहत 2 लाख करोड़ रुपये का रियायती कर्ज उपलब्ध कराने की भी पहल की गई.

यह भी पढ़ें: लॉकडाउन के बीच RBI ने दो बड़े सरकारी बैकों पर एक्शन लेते हुए जुर्माना लगाया

विस्तृत विचार विमर्श के बाद पैकेज का ऐलान
कुछ विश्लषकों का यह मानना है कि सरकार की इस घोषणा से अर्थव्यवस्था पर तुरंत कोई असर नहीं दिखेगा लेकिन आने वाले दो तीन साल में इनका बेहतर प्रभाव दिखाई देगा. वित्त मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि उद्योग एवं व्यापार जगत सहित विभिन्न पक्षों के साथ विस्तृत विचार विमर्श के बाद ही यह पैकेज तैयार किया गया है.

ब्याज दरों में गिरावट को लेकर क्या कहना है?
बैंकों की कर्ज दर में गिरावट के साथ ही जमा की ब्याज दरों में भी गिरावट के मुद्दे पर मंत्रालय सूत्रों ने कहा कि ऐसे समय जब कर्ज पर बयाज दर कम होती है तो जमा पर भी इसका असर होता है. ‘‘इस स्थिति को हमें मूल्य घटबढ की तरह देखना चाहिये. जब किसी आवश्यक वस्तु के दाम गिरते हैं तो खरीदार को उसका लाभ होता है, मध्यम वर्ग को उसका कहीं न कहीं फायदा होता है. हमें इस पहलू को भी ध्यान में रखना चाहिये.’’

यह भी पढ़ें:  घटती ब्याज दरों के बीच ऐसे उठाए नए जमाने की FD का फायदा, मिलेगा मोटा मुुनाफा
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading