Economic Survey 2021 में पश्चिम बंगाल पर निशाना! आयुष्मान भारत लागू नहीं करने के कारण पड़ोसियों से पिछड़ा राज्‍य

शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) में गिरावट क्रमशः 20 फीसदी और 12 फीसदी दर्ज की गई. इस प्रकार पीएमजेएवाई राज्यों में 8 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई.

शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) में गिरावट क्रमशः 20 फीसदी और 12 फीसदी दर्ज की गई. इस प्रकार पीएमजेएवाई राज्यों में 8 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई.

बिहार, असम और सिक्किम में स्वास्थ्य बीमा अपनाने वाले घरों में 2015-16 से लेकर 2019-20 तक 89 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई. जबकि इसी दौरान पश्चिम बंगाल में 12 फीसदी तक की कमी हुई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 29, 2021, 9:16 PM IST
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नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं. केंद्र में सत्त्ताधारी पार्टी भाजपा पश्चिम बंगाल में चुनाव जीतने के लिए पूरा जोर लगा रही है. इसी बीच, शुक्रवार को संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में पहली बार पश्चिम बंगाल का दूसरे राज्यों से पिछड़ने की तस्वीर बताई गई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हुए बताया कि जिन राज्यों ने इस आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना को अपनाया, उन राज्यों में इसका मजबूत सकारात्मक परिणाम सामने आया है. सर्वे में असम, बिहार, सिक्किम और पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मानकों पर तुलना कर इसे दिखाया गया है.

नेशनल डायलिसिस मिशन को पीएमजेएवाई के साथ मिलाने के संकेत

सर्वेक्षण के मुताबिक योजना के तहत महामारी और लॉकडाउन के समय भी डायलिसिस जैसी सुविधाएं बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से जारी रहीं. सामान्य दवाएं, मुख्य रूप से विशेषज्ञ क्लीनिकल सेवाएं लॉकडाउन के दौरान भी सुधार देखा गया. आर्थिक समीक्षा में यह संकेत मिल रहा है कि राष्ट्रीय डायलिसिस मिशन को पीएमजेएवाई के साथ मिलाया जा सकता है. वहीं, पीएमजेएवाई न अपनाने वाले राज्यों में संस्थागत जन्म, सार्वजनिक सुविधा में संस्थागत जन्म और घरों में जन्म के मामले अधिक हैं. जबकि सीजेरियन जन्म देने वालों के मामले पीएमजेएवाई अपनाने वाले राज्यों में इसे न अपनाने वाले राज्यों की तुलना में अधिक है.

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ऐसी है पीएमजेएवाय

पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाय, PMJAY) योजना को लागू नहीं किया है. पीएमजेएवायसरकार की आयुषमान भारत योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसे 2018 में समाज के वंचित एवं कमजोर वर्ग को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था. PMJAY का इस्तेमाल कम मूल्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के सामान्य उपयोग के लिए किया जा रहा है.

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सर्वे के आंकड़ों से समझें कितना पिछड़ गया पश्चिम बंगाल 



  • आर्थिक समीक्षा के मुताबिक बिहार, असम और सिक्किम में स्वास्थ्य बीमा अपनाने वाले घरों में 2015-16 से लेकर 2019-20 तक 89 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई. जबकि इसी दौरान पश्चिम बंगाल में 12 फीसदी तक की कमी हुई है.


  • वर्ष 2015-16 से 2019-20 तक पश्चिम बंगाल में नवजात शिशुओं की मृत्यु दर में 20 फीसदी तक की कमी दर्ज की गई है, जबकि उसके तीन पड़ोसी राज्यों में 28 फीसदी तक की कमी दर्ज की गई है.


  • पश्चिम बंगाल में दो बच्चों के बीच अंतर में कोई महत्वपूर्ण गिरावट नहीं देखी गई है जबकि तीनों पड़ोसी राज्यों में 37 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.




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सर्वे में बताई गई पीएमजेएवाय की कामयाबी



  • शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) में गिरावट क्रमशः 20 फीसदी और 12 फीसदी दर्ज की गई. इस प्रकार पीएमजेएवाई राज्यों में 8 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई.


  • सभी राज्यों में परिवार नियोजन अपनाने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. जिन राज्यों में पीएमजेएवाई को अपनाया गया है वहां पर इसमें महत्वपूर्ण रूप से बढ़त देखने को मिली है.


  • पीएमजेएवाई अपनाने वाले राज्यों में अनियोजित परिवार नियोजन वाली महिलओं में 31 फीसदी तक की कमी दर्ज की गई है, जबकि पीएमजेएवाई न अपनाने वाले राज्यों में यह कमी केवल 10 फीसदी दर्ज की गई.



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