आदर्श स्कैम: ED ने दायर किया 50 हजार पन्नों का आरोपपत्र, 124 से ज्यादा लोगों को बनाया गया है आरोपी

आदर्श स्कैम मामले में ईडी करीब 1,489 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अटैच कर चुकी है.

आदर्श स्कैम मामले में ईडी करीब 1,489 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अटैच कर चुकी है.

ईडी के जयपुर ब्रांच में इस मामले को साल 2019 में टेकओवर किया गया था, जिसके बाद राहुल मोदी, मुकेश मोदी, प्रियंका मोदी, आदर्श समूह, आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के कई अधिकारियों और निवेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 31, 2021, 7:06 PM IST
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नई दिल्ली. कई राज्यों में करीब 14 हजार करोड़ से ज्यादा का घोटाला करने वाली आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी (Adarsh Credit Cooperative Society Scam) घोटाला मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए तफ्तीश के बाद जयपुर स्थित ईडी की विशेष कोर्ट में आरोपपत्र दायर कर दिया है. ईडी के इतिहास में ये सबसे ज्यादा पन्नों की आरोपपत्र कहा जा सकता है क्योंकि ये आरोपपत्र करीब 50 हजार पन्नों का है. हालांकि इस आरोपपत्र का मुख्य सार करीब 1500 पन्नों का है लेकिन कुल मिलाकर 50 हजार पन्नों का बनाया गया है. इसके साथ ही इस आरोपपत्र में करीब 124 से ज्यादा लोगों को आरोपी बनाया गया है.

कई राज्य के लोगों ने दर्ज कराई थी शिकायत

इस घोटाले की अगर बात करें तो राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, नई दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा में हजारों लोगों ने इस मामले में शिकायत दर्ज करवाई थी. उसके बाद इस मामले की तफ्तीश के लिए ईडी ने इस केस को टेकओवर किया था. इस मामले में कार्रवाई को अंजाम देते हुए ईडी करीब 1,489 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अटैच कर चुकी है. इस मामले की तफ्तीश के दायरे में सात राज्यों की करीब 19 जिलों से संबंधित मामले को ईडी के जांचकर्ताओं ने खंगाला और तमाम सबूतों को इकट्ठा किया क्योंकि इस घोटाला के अंतर्गत सात राज्यों के अंदर फर्जीवाड़े को अंजाम देते हुए आम लोगों को ज्यादा से ज्यादा ब्याज देने के नाम पर ठगा गया था.

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क्या है आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी घोटाला?

ईडी के जयपुर ब्रांच में इस मामले को साल 2019 में टेकओवर किया गया था, जिसके बाद राहुल मोदी, मुकेश मोदी, प्रियंका मोदी, आदर्श समूह, आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के कई अधिकारियों और निवेशकों के खिलाफ मामला दर्ज करके आरोपपत्र में उन सबों को आरोपी बनाया गया है. ईडी के अधिकारियों के मुताबिक आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी और उसके निदेशकों द्वारा कई राज्यों में हजारों लोगों को चूना लगाते हुए हजारों करोड़ों रुपये का निवेश करवाया गया और लोगों को मार्केट से ज्यादा ब्याज देने का लालच दिया गया, जिसके चलते लोग उस लालच में फंसते चले गए और उस चिटफंड मामले में अपना पैसा निवेश करते चले गए.

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सूत्रों के मुताबिक कंपनी के निदेशकों द्वारा अपने सहयोगियों के साथ मिलकर डिपॉजिटर्स के फंड से पैसा निकाला गया, इंटर लिंक फर्जी लेनदेन के माध्यम से मुकेश मोदी और उसके रिश्तेदारों और सहयोगियों ने फर्जी लोन का लाभ उठाते हुए सोसाइटी से अपने रियल एस्टेट व्यवसाय के नाम पर धन निकालने के उद्देश्य से कई कंपनियों/फर्म को पंजीकृत करवाया गया था.

ईडी ने करीब 100 से ज्यादा लोगों का दर्ज किया बयान

ईडी की जयपुर ब्रांच इस मामले की तफ्तीश कर रही है. तफ्तीश के दौरान जांचकर्ताओं द्वारा करीब 100 से ज्यादा लोगों का बयान दर्ज किया गया उसके बाद ही जांच के दौरान प्राप्त सबूतों,पीड़ितों के बयान और दस्तावेजों के आधार पर करीब 124 आरोपियों के खिलाफ इस आरोपपत्र को दायर किया गया.
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