ED ने हवाला कारोबारी नरेश जैन से जुड़ा किया बड़ा खुलासा, विदेशों में हैं 300 से ज्यादा बैंक एकाउंट

 ED ने हवाला कारोबारी नरेश जैन से जुड़ा किया बड़ा खुलासा, विदेशों में हैं अकाउंट
ED ने हवाला कारोबारी नरेश जैन से जुड़ा किया बड़ा खुलासा, विदेशों में हैं अकाउंट

हवाला कारोबारी और अंडरवल्ड के साथ करीबी रिश्ता रखने वाले नरेश चंद जैन के खिलाफ चल रही तफ्तीश में जांच एजेंसी ईडी ये जानने का प्रयास कर रही है की आखिरकार वो कौन-कौन से राजनेता या ब्यूरोक्रेट के साथ इसके संबंध रहे हैं. जिसके इशारे पर और उसकी संरक्षण में वो पिछले कई सालों के अंदर इतना बड़ा हवाला कारोबार का काला सम्राज्य स्थापित किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 5, 2020, 6:17 PM IST
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नई दिल्ली. केन्द्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (Enforcement directorate) नरेश चंद जैन (Naresh Jain) नाम के एक ऐसे हवाला कारोबारी के खिलाफ तफ्तीश कर रही है, जो अब तक देश के इतिहास में सबसे बड़े हवाला कारोबारियों की लिस्ट में शुमार हो सकता है. जिसके बारे में हाल में ही ये एक महत्वपूर्ण जानकारी मिली है की उसके विदेशों में करीब 300 से ज्यादा बैंक एकाउंट और भारत के अंदर करीब 600 से ज्यादा बैंक एकाउंट खोले थे. नरेश जैन के विदेश वाले बैंक एकाउंट के बारे में अगर बताएं तो सिंगापुर, हांगकांग, दुबई सहित कई करीब 20 देशों में फर्जी दस्तावेजों के सहारे बैंक एकाउंट खुलवाए थे.

जिसका एक ही मकसद था विश्व स्तरीय सबसे बड़ा हवाला कारोबारी बनने का ईडी की जांचकर्ताओं को हाल में ही जांच के दौरान एक छापेमारी के बाद इससे जुड़े 450 शैल कंपनियां या फर्जी कंपनियों के बारे में काफी महत्वपूर्ण मिले हैं. जिसके मार्फत से भारत देश के अंदर फैले हवाला नेटवर्क के जरिए करीब 96 हजार करो़ड रूपये को कई राउंड घूमा चुका है और विदेशों में करीब 15 हजार करोड़ रूपये भेज चुका है. जांच एजेंसी ईडी के सूत्रों के मुताबिक देश के कई राज्यों में अपना नेटवर्क स्थापित कर चुके इस हवाला कारोबारी का कई बड़े राजनेताओं और ब्यूरोक्रेट के साथ भी मजबूत कनेक्शन हो सकता है. क्योंकी बिना राजनीतिक कनेक्शन और संरक्षण के इतना बड़ा नेटवर्क स्थापित करना असंभव है. लिहाजा उन तमाम कनेक्शन को खंगालने की कोशिश की जा रही है.

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जांच एजेंसी ईडी ने पिछले कुछ दिनों पहले दिल्ली-एनसीआर में छापेमारी की थी. ये छापेमारी हवाला कारोबारी नरेश जैन के सीएस यानी कंपनी सेक्रेटरी के आवास सहित अन्य लोकेशन पर की गई. छापेमारी के दौरान ईडी को महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूत जांचकर्ताओं के हाथ लगे हैं. जिसकी आगे तफ्तीश की जा रही है. जब ईडी की टीम नरेश जैन के बेहद करीबी रहे इस कंपनी सेक्रेटरी के आवास पर छापेमारी की थी, उसी छापेमारी के दौरान ये सभी सैंकड़ो बैंक एकाउंट सहित विदेशी बैंक एकाउंट के बारे में विस्तार से जानकारी मिली है. ईडी उन तमाम दस्तावेजों को खंगालने के बाद कई और बड़ा खुलासा जल्द ही कर सकती है.
कौन है नरेश जैन और कैसे ईडी के राडार पर आया?
आरोपी नरेश चंद जैन एक अंतराष्ट्रीय स्तर का हवाला कारोबारी और ड्रग्स माफिया है. जिसको कई देशों में जैसे यूके, दुबई, इटली, जर्मनी सहित भारत की पुलिस और जांच एजेसियां तलाश कर रही थी. इसके खिलाफ ईडी में भी बहुत पहले से मामला दर्ज था, लेकिन आखिरकार उसे ईडी की टीम ने पिछले कुछ दिनों पहले गिरफ्तार कर लिया और फिलहाल वो न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में कैद है. हवाला कारोबारी नरेश चंद जैन पर आरोप है की वो करीब 90 हजार करोड़ रूपये शैल कंपनियों के मार्फत देश के अंदर घूमा चुका है, इसके साथ ही करीब 15 हजार करोड रूपये शैल कंपनियों और निर्यात करने के नाम पर विदेश में भेज चुका है. इस मामले में देश और विदेश की कई जांच एजेसियां तफ्तीश कर रही थी. हाल में ही स्कॉटलैंड यार्ड की पुलिस ने भी एक रिपोर्ट बनाकर भारत सरकार को भेजा था और उस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने का अनुरोध किया था. क्योंकी ये आरोपी कई अन्य देशों में अपना काला सम्राज्य स्थापित करने में जुटा हुआ था. इसकी कई शिकायतें दर्ज हो चुकी थी लेकिन पुलिस की गिरफ्त से बाहर था. ये कई बैंक चैनलों का सहारा लेते हुए सामान निर्यात करने के नाम पर ये फर्जीवाडा कर रहा था और देश के पैसों को कालाधन बनाकर विदेश में जमा करवाने में जुटा हुआ था और वहीं पर निवेश भी कर रहा था.

कैसे हवाला कारोबार और गैंगस्टर से जुड़ा इसका नेटवर्क
ईडी के सूत्रों के मुताबिक इस आरोपी नरेश चंद जैन का अंडरवल्ड के कई गैंगस्टर के साथ भी काफी करीबी संबंध है, जिसके बारे में कई शिकायतें देश के अंदर कई राज्यों में दर्ज है. नरेश चंद जैन से अब तक हुई पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं. हिरासत के दौरान हुई पूछताछ के दौरान इस बात की जानकारी मिली थी की नरेश जैन तमाम बैंक एकाउंट खोलवाने के लिए और शैल कंपनी बनवाने के लिए फर्जी दस्तावेज़ों. नकली पहचान पत्र सहित जो तस्वीर भी प्रयोग करता था वो फर्जी होता था. जांच एजेंसियों को तो ये भी पता चला है की कई कई दर्जन ऐसे पहचान पत्रों का ये प्रयोग कर चुका है जिसका काफी समय पहले ही निधन हो चुका है. इसके साथ ही कंप्यूटर की मदद से नकली किसी शख्स की तस्वीर बनाकर उसे बैंक एकाउंट पर लगाता था. लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में बैंक कर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठना लाज़मी है. जो बिना जांचे परखे ही बैंक एकाउंट खोलता रहा और उस बैंक से करोड़ो रूपये के संदिग्ध लेनदेन होने के बावजूद भी समय से साथ उस मामले की तफ्तीश या निगरानी नहीं करवाई गई. इसी का परिणाम है की देश के अंदर और विदेशों में करोड़ों रूपये का नेटवर्क स्थापित कर सका. ईडी के सूत्रों के मुताबिक जल्द ही इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां भी संभव है.
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