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edelweiss mutual fund offers exposure to gold and silver via a single fund mlks

एक ही फंड में गोल्‍ड एंड सिल्‍वर दोनों, मोटी कमाई के लिए अलग-अलग निवेश की जरूरत नहीं!

विशेषज्ञों का सुझाव है कि पोर्टफोलियो का 5-10% हिस्सा सोना हो सकता है.

विशेषज्ञों का सुझाव है कि पोर्टफोलियो का 5-10% हिस्सा सोना हो सकता है.

एडलवाइस म्यूचुअल फंड 24 अगस्त को भारत की पहली स्कीम लॉन्च करने वाली है, जो सिंगल फंड के जरिए सोने और चांदी में निवेश की पेशकश करेगी. इस फंड ऑफ फंड (FoF) के लिए नये फंड का ऑफर (NFO) 7 सितंबर को बंद होगा.

हाइलाइट्स

एडलवाइस म्यूचुअल फंड सिंगल फंड के जरिए सोने और चांदी में निवेश की पेशकश करेगी.
अभी तक भारत में ऐसा कोई फंड नहीं है, जिसमें निवेश करके दोनों धातुओं में एक साथ निवेश हो सके.
इस स्कीम के तहत अन्य फंड हाउसेज़ के गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ की यूनिट्स में निवेश किया जाएगा.

नई दिल्ली. एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) एडलवाइस म्यूचुअल फंड 24 अगस्त को भारत की पहली स्कीम लॉन्च करने वाली है, जो सिंगल फंड के जरिए सोने और चांदी में निवेश की पेशकश करेगी. एडलवाइस गोल्ड एंड सिल्वर ईटीएफ फंड ऑफ फंड (FoF) के लिए नया फंड ऑफर (NFO) 7 सितंबर को बंद होगा. स्कीम के लिए फंड के मैनेजर भावेश जैन और भरत लाहोटी हैं.

भारत का पहला गोल्ड फंड, निप्पॉन इंडिया ईटीएफ गोल्ड BEES, मार्च 2007 में लॉन्च किया गया था, जबकि सिल्वर का म्यूचुअल फंड पहली बार इस साल जनवरी में पेश किया गया. भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सितंबर में MF हाउसेज को भारतीय बाजार में सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) पेश करने की अनुमति दी थी. आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ETF भारत में चांदी पर आधारित पहला फंड था.

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विशेष रूप से, मोतीलाल ओसवाल MF और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल MF ने क्रमशः फरवरी और दिसंबर में सोने और चांदी के फंड के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक स्कीम्स को लॉन्च नहीं किया है.

दोनों धातुओं को एक साथ किया जाएगा टार्गेट
Edelweiss की नई स्कीम दोनों कीमती धातुओं के समान रूप से टार्गेट करेगी और समय-समय पर इसमें संतुलन बनाया जाएगा. चूंकि AMC के पास एक स्टैंडअलोन गोल्ड या सिल्वर फंड नहीं है, इसलिए इस स्कीम के तहत अन्य फंड हाउसेज़ के गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ की यूनिट्स में निवेश किया जाएगा.
Edelweiss MF की प्रबंध निदेशक और सीईओ राधिका गुप्ता ने लाइवमिंट को बताया, “बाजार में कई सोने और चांदी के उत्पाद हैं, लेकिन अगर आप सोने और चांदी के संयुक्त प्रस्ताव को देखें, तो वे एक-दूसरे के पूरक हैं, और दोनों धातुओं का इक्विटी से कम संबंध है.”

मंदी में सोना तो तेजी में चांदी देती है मुनाफा
स्कीम के मुताबिक, मंदी के दौरान सोना अच्छा प्रदर्शन करता है और कीमती धातुओं की बुल रैली के दौरान चांदी बेहतर प्रदर्शन करती है. दोनों लंबे समय में मुद्रास्फीति के खिलाफ एक अच्छा हेजिंग करते हैं. मतलब महंगाई से लड़ने में सहायक हैं. आंकड़ों से पता चला है कि 2008, 2011 और 2016 में मंदी और बाजार में गिरावट के दौरान सोने में क्रमशः 26.1%, 31.7% और 11.3% की वृद्धि हुई थी. दूसरी तरफ, नए जमाने की तकनीकों जैसे स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक वाहन और सोलर पैनल में चांदी की मांग बढ़ रही है. हालांकि, चांदी ने पिछले 10 वर्षों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है.

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अमेरिकी अर्थव्यवस्था कमजोर हुई तो चढ़ेंगे सोना-चांदी
राधिका गुप्ता का तर्क है, “इतिहास पर नजर डालें तो पाएंगे कि कीमती धातुओं का डॉलर के साथ विपरीत संबंध रहा है, और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के कमजोर होने से डॉलर कमजोर हो सकता है. कीमती धातुओं के फंड के लिए यह एक उपयुक्त समय हो सकता है.

हालांकि, विशेषज्ञों का सुझाव है कि चांदी के फंडों में निवेश करने के लिए धीमी गति से आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘हमें चांदी में आवंटन की जरूरत नहीं है. सोने के आवंटन का मुद्रास्फीति और बाजार में गिरावट के खिलाफ बचाव का इतिहास रहा है. सेबी में पंजीकृत निवेश सलाहकार और माई वेल्थ ग्रोथ के सह-संस्थापक हर्षद चेतनवाला ने कहा, चांदी का औद्योगिक उपयोग बहुत बड़ा है, जिसके कारण यह अस्थिर हो जाता है. विशेषज्ञों का सुझाव है कि सोना पोर्टफोलियो का 5-10% हो सकता है.

Tags: Gold ETF, Gold investment, Investment, Investment and return, Investment scheme, Mutual funds

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