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त्योहारों के बीच खाने का तेल हुआ सस्ता, मोदी सरकार के इस फैसले का हुआ असर

सरकार ने बुधवार को पाम , सोयाबीन और सूरजमुखी के तेल के आयात से बेसिक कस्टम ड्यूटी को खत्‍म करने और कृषि उपकर में कटौती करने का फैसला किया था.

सरकार ने बुधवार को पाम , सोयाबीन और सूरजमुखी के तेल के आयात से बेसिक कस्टम ड्यूटी को खत्‍म करने और कृषि उपकर में कटौती करने का फैसला किया था.

Edible Oil Prices Latest News: केंद्र सरकार ने बुधवार को खाद्य तेल पर आयात शुल्क में कटौती की थी.

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    नई दिल्ली. एडिबल ऑयल (Edible Oil) की बढ़ती कीमतों से उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार द्वारा आयात शुल्क (Import Duty) कम करने से दिल्ली में गुरुवार को लगभग सभी तेल-तिलहनों के भाव में गिरावट देखी गई. वहीं, सरसों की किल्लत के बीच फेस्टिव मांग के कारण केवल सरसों तेल के भाव में सुधार दिखा.

    बता दें कि महंगे खाद्य तेल से आम लोगों की बढ़ रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने बुधवार को पाम , सोयाबीन और सूरजमुखी के तेल के आयात से बेसिक कस्टम ड्यूटी को खत्‍म करने और कृषि उपकर में कटौती करने का फैसला किया था. ये छूट आज से लागू है और अगले साल मार्च तक रहेगी.

    बाजार सूत्रों ने कहा कि इंपोर्ट ड्यूटी कम किए जाने से स्थानीय तेल-तिलहनों के भाव तो टूटे हैं. इससे सरकार ने बाकी तेलों की तेजी रोकने में सफलता पाई है मगर सरसों में तेजी बरकरार है. किसान अपने पास बचे स्टॉक को बहुत सीमित मात्रा में मंडियों में ला रहे हैं. त्योहारी मांग है और अगली फसल आने में लगभग पांच माह की देर है जो मार्च में आने की संभावना जताई जा रही है.

    उन्होंने कहा कि भविष्य में, पिछले ही साल की तरह सरकार को सरसों की खरीद कर कम से कम 5-10 लाख टन का अनिवार्य स्टॉक रखना चाहिए क्योंकि सरसों का कोई विकल्प नहीं है. सूत्रों ने बताया कि एक बड़ी कंपनी हरियाणा से सरसों की खरीद कर रही है लेकिन उन्हें सरसों की किल्लत की वजह से माल नहीं मिल रहा है. सूत्रों ने कहा कि शुल्क घटाए जाने के बाद नेपाल और बांग्लादेश के रास्ते होने वाला आयात अपने आप रुक गया है क्योंकि शुल्क घटकर लगभग 5 फीसदी रह गया है जबकि उक्त रास्ते से लाने में लगभग 10 फीसदी का खर्च आता है.

    ये भी पढ़ें- सस्ता होगा खाने का तेल! केंद्र सरकार ने कच्चे पाम और सोयाबीन तेल पर खत्‍म की बेसिक कस्‍टम ड्यूटी

    सरसों की आवक कम लेकिन मांग ज्यादा
    मंडियों में सरसों की आवक कम है, स्टॉक सीमित है और मांग है. इसलिए शुल्क कम किए जाने का इस पर कोई विशेष असर नहीं आया है. एनसीडीईएक्स के वायदा कारोबार में गुरुवार को सरसों के अक्टूबर डिलिवरी वाला अनुबंध 40 रुपये तेज बंद हुआ है.

    बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
    सरसों तिलहन – 8,720 – 8,745 (42 फीसदी कंडीशन का भाव) रुपये
    मूंगफली – 6,285 – 6,370 रुपये
    मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 14,300 रुपये
    मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,080 – 2,210 रुपये प्रति टिन
    सरसों तेल दादरी- 17,500 रुपये प्रति क्विंटल
    सरसों पक्की घानी- 2,650 -2,700 रुपये प्रति टिन
    सरसों कच्ची घानी- 2,735 – 2,845 रुपये प्रति टिन
    तिल तेल मिल डिलिवरी – 15,500 – 18,000 रुपये
    सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,550 रुपये
    सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,200 रुपये
    सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,100
    सीपीओ एक्स-कांडला- 11,100 रुपये
    बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,350 रुपये
    पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,800 रुपये
    पामोलिन एक्स- कांडला- 11,700 (बिना जीएसटी के)
    सोयाबीन दाना 5,250 – 5,400, सोयाबीन लूज 4,050-5,050 रुपये
    मक्का खल (सरिस्का) 3,825 रुपये

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