आयात शुल्क कटौती के बाद भी खाद्य तेलों की कीमतों पर राहत मिलने की उम्मीद कम, जानें वजह

एक साल में पाम तेल (palm oil) की कीमतें दोगुनी से ज्यादा हो गई हैं.

दुनिया में तिलहन (oilseeds) के उत्पादन में समस्याएं आई हैं. सोयाबीन का स्टॉक सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है.

  • Share this:
    नई दिल्ली. खाने का तेल यानी खाद्य तेल (Edible Oil) की बढ़ती कीमतों से आम आदमी हलकान है. सरसों का तेल दोहरे शतक की ओर है तो पाम तेल (Palm Oil) भी एक साल में दोगुना महंगा हो गया है.
    केंद्र सरकार कीमतों में नरमी लाने के लिए खाद्य तेल के आयात शुल्क (Import Duty) में कमी लाने पर विचार कर रही है. आयात शुल्क में कमी आने से घरेलू बाजार में खाद्य तेल की कीमतों में नरमी आएगी. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ज्यादा अंतर नहीं पड़ेगा. दरअसल, खाद्य तेलों में तेजी की असल वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिलहन फसलों के उत्पादन का संकट है. डिमांड और सप्लाई में अंतर ज्यादा है. गौरतलब है कि भारत अपनी घरेलू जरूरत पूरी करने के लिए हर साल काफी मात्रा में खाद्य तेल का आयात करता है.
    यह भी पढ़ें : कॉफी से लेकर खिलौने हो रहे हैं महंगे, वजह जानकार चौंक जाएंगे आप
    बायोडीजल (biodiesel) का इस्तेमाल बढ़ाने से आई कीमतों में तेजी
    दुनिया में तिलहन (Oilseeds) फसलों के उत्पादन पर संकट छाया हुआ है. सूखे के कारण अमेरिका और ब्राजील से सोयाबीन की सप्लाई घटने से ऐसा हुआ है. अमेरिकी कृषि विभाग (US Department of Agriculture) ने कहा है कि दुनिया में सोयाबीन का स्टॉक सितंबर तक 8.79 करोड़ टन के पांच साल के निचले स्तर पर पहुंच जाएगा. इयी तरह कोरोना की वजह से दक्षिणपूर्व एशियाई देशों में पाम तेल के प्लांटेशन (Plantation) में आई बाधा के चलते इसकी कीमतें बढ़ीं. वहीं, बायोडीजल (biodiesel) का इस्तेमाल बढ़ रहा है. इससे वैश्विक बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में तेजी आई है.
    यह भी पढ़ें :  वेंटीलेटर, एन-95 मास्क और सैनीटाइजर जैसी कई चीजें होंगी सस्ती, जीएसटी दर घटेगी 
    सोया ऑयल फ्यूचर्स (futures) 70 फीसदी से ज्यादा चढ़ा
    सोया ऑयल फ्यूचर्स (futures) 70 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है. जबकि, पिछले साल पाम ऑयल (Palm Oil) की कीमतें 18 फीसदी चढ़ी थीं. दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल इसी तेल का होता है. वैश्विक कीमतें (Global prices) ऊंची रहने से घरेलू बाजार में पाम ऑयल और सोया ऑयल की कीमतें एक साल में दोगुनी से ज्यादा हो गई हैं.
    यह भी पढ़ें :  मोदी सरकार ने पेट्रोलियम का स्टोरेज करने के लिए खेला बड़ा दांव, जानें सब कुछ
    क्रूड, सोने के बाद खाद्य तेल आयात में तीसरे स्थान पर
    खाद्य तेल की कीमतें बढ़ने से भारत का आयात खर्च बढ़ जाएगा. क्योंकि भारत हर साल खाद्य तेलों (edible oils) के आयात पर औसत 8.5 से 10 अरब डॉलर खर्च करता है. क्रूड ऑयल और सोने के बाद खाद्य तेल सबसे ज्यादा आयात वाला तीसरा आइटम है. उद्योग के अनुमान के मुताबिक, सिर्फ दो दशक में भारत का पाम तेल आयात 40 लाख टन से बढ़कर 1.5 करोड़ टन पहुंच गया है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.