VIDEO: यूनिवर्सिटी एजुकेशन के लिए कहां और कैसे मिलेगा लोन, जानें सबकुछ

अगर आप देश में रहकर या फिर विदेश जाकर उच्च शिक्षा हासिल करना चाहते हैं तो जानें एजुकेशन लोन कैसे, कहां और किस तरह लिया जा सकता है.

News18Hindi
Updated: April 13, 2018, 7:42 AM IST
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Updated: April 13, 2018, 7:42 AM IST
कुछ ही दिनों में कॉलेज एडमिशन की मारामारी शुरू हो जाएगी. हायर एजुकेशन की कॉस्ट लगातार बढ़ रही है. ऐसे में पैरेंट्स और स्टूडेंट्स को इसके खर्च के बारे में भी काफी सोचना पड़ता है. लेकिन इस समस्या का भी सॉल्यूशन है. बैंकों से एजुकेशन लोन लिया जा सकता है. भारतीय बैंक उन छात्रों को एजुकेशन लोन देते हैं, जो यहां के नागरिक हैं और देश या विदेश में ग्रेजुएट, पोस्ट-ग्रेजुएट या प्रोफेशनल कोर्सेज की पढ़ाई करना चाहते हैं. इस लोन का रीपेमेंट कोर्स समाप्त होने के 1 साल बाद या छात्र को नौकरी मिलने के 6 महीने बाद (जो भी पहले हो) शुरू होता है. भारत में पढ़ने के लिए किसी छात्र को अधिकतम 10 लाख और विदेश में पढ़ाई के लिए 20 लाख रुपए का लोन मिल सकता है. अगर आप देश में रहकर या फिर विदेश में जाकर उच्च शिक्षा हासिल करना चाहते हैं तो फटाफट अपने काम की बातें जान लीजिए.

योग्यता की शर्तें- एजुकेशन लोन स्कीम का फायदा उठाने के लिए स्टूडेंट को भारतीय होना चाहिए. साथ ही अप्रूव्ड प्रोफेशनल या टेक्निकल कोर्स में वह एडमिशन ले चुका हो. कुछ बैंकों ने एजुकेशन लोन के लिए उम्र की सीमा भी तय की है. यह 16-35 साल है. कुछ मामलों में पिछले क्वालिफाइंग एग्जाम में मिनिमम मार्क्स की शर्त भी होती है.

4 लाख रुपए से ज्यादा के लोन के लिए भारत में पढ़ाई करने पर बैंक 5 फीसदी और विदेश में 15 फीसदी मार्जिन मनी काटते हैं. जो स्टूडेंट्स इतनी रकम का इंतजाम खुद नहीं कर सकते, उनका लोन एप्लिकेशन अपने-आप रिजेक्ट हो जाता है. मार्जिन मनी वह रकम होती है, जो एप्लिकेंट को डाउन पेमेंट के तौर पर देनी पड़ती है. क्या स्कॉलरशिप को मार्जिन मनी माना जा सकता है? इस बारे में लीडिंग इंस्टीट्यूशंस से सवाल करना न भूलें. एजुकेशन लोन के लिए जरूरी बात यह भी है कि इसमें कमाने वाले पैरेंट, पत्नी या अभिभावक को को- एप्लिकेंट बनना पड़ता है.

क्या होता है शामिल-एजुकेशन लोन में एकोमोडेशन चार्जेज, बुक्स और इक्विपमेंट खरीदने का खर्च, एग्जामिनेशन और लाइब्रेरी फीस, ट्रैवल का खर्च और छात्र के लिए इंश्योरेंस प्रीमियम शामिल होते हैं.

डॉक्युमेंट्स-ऐप्लिकेशन फॉर्म के साथ फीस स्ट्रक्चर और एडमिशन लेटर, केवाईसी डॉक्युमेंट्स, उम्र, पहचान और पते का सबूत, बैंक स्टेटमेंट, सैलरी स्लिप और आईटी रिटर्न जैसे इनकम डॉक्युमेंट्स जमा करने होते हैं.

4 लाख रुपए तक के लोन के लिए सिक्युरिटी की जरूरत नहीं पड़ती. 4 से 7.5 लाख रुपए तक के लोन के लिए लोन वैल्यू की 100 फीसदी थर्ड-पार्टी गारंटी की जरूरत होती है. अगर आपके लोन की वैल्यू 7.5 लाख रुपए से ज्यादा है, तो इसके लिए सिक्युरिटी देनी होगी.

इनका ध्यान रखें- एजुकेशन लोन के लिए प्रोसेसिंग चार्ज नहीं है. इनके लिए इंटरेस्ट रेट्स बैंक के संबंधित बेस रेट्स और एक विशेष मार्क-अप से तय होते हैं, जिनका फैसला बैंक करता है. महिलाओं को कम से कम इंटरेस्ट रेट पर आधा फीसदी की छूट मिलती है. बॉरोअर या को-बॉरोअर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80 (ई) के तहत टैक्स बेनेफिट ले सकता है.
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