आने वाले दिनों में अब तक का सबसे महंगा अंडा खाने के लिए रहें तैयार, जानिए क्यों

 इस सीज़न में अंडा भी रिकॉर्ड बना सकता है.
इस सीज़न में अंडा भी रिकॉर्ड बना सकता है.

आम आदमी की मुश्किलें रोजाना बढ़ती जा रही है. टमाटर, आलू, प्याज के बाद अब अंडे के दाम भी आसमान छूते दिखाई दे रहे हैं. मुंबई (Mumbai) में एक दर्जन अंडे 80 रुपए में बिक रहे हैं, वहीं पिछले हफ्ते 60-65 रुपए भाव था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 6, 2020, 9:12 AM IST
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नई दिल्ली. अक्टूबर से सर्दियों की आमद तय मान ली जाती है. इसके साथ ही बाज़ारों में जगह-जगह अंडा (Egg Price) भी दिखाई देने लगता है. गर्मी के मुकाबले घरों में भी अंडे की खपत बढ़ जाती है. डॉक्टर भी अंडे को खासा फायदेमंद और ज़्यादा प्रोटीन देने वाली खुराक मानते हैं. लेकिन इस सीज़न में अंडा भी रिकॉर्ड बना सकता है. अक्टूबर में ही 7 रुपये से शुरु हुई अंडे की रिटेल बिक्री 8 रुपये प्रति अंडे तक जा सकती है. साथ ही अंडे के कारोबारियों का दावा है कि फरवरी 2021 तक अंडे के दाम और बढ़ सकते हैं, लेकिन कम नहीं होंगे.

यह है अंडे के दाम बढ़ने के पीछे की वजह-उत्तर प्रदेश के पोल्ट्री फार्म एसोसिएशन के अध्यक्ष नवाब अली ने न्यूज18 से बात करते हुए बताया, “इस साल फरवरी-मार्च से मुर्गियों पर भी कोरोना की आफत गिरनी शुरु हो गई थी. हालांकि किसी भी एक्सपर्ट ने यह नहीं बताया था कि मुर्गियों को भी कोरोना हो सकता है या फिर मुर्गियां और अंडे खाने से कोरोना हो सकता है. बावजूद इसके सोशल मीडिया पर मैसेजों की ऐसी बाढ़ आई की पोल्ट्री कारोबार तबाह हो गया. लोगों ने मुर्गें और अंडे खाने से मुंह फेर लिया.

eggs
एक मध्यम आकार के अंडे में 186 एमजी कोलेस्ट्रॉल होता है, जो कि हमारी रोजाना जरूरत का 62 फ़ीसदी है.




बंद हुए कई पोल्ट्री फार्म -नवाब अली का कहना है कि कोरोना की वजह से लोगों ने मुर्गें और अंडे खाना बंद कर दिया. वहीं लॉकडाउन की वजह से पोल्ट्री मालिकों के पास मुर्गियों को खिलाने के लिए दाना नहीं बचा. ट्रांसपोर्ट भी बंद हो चुका है. ऐसे में जब इंसानों के लिए खाने के लाले पड़े हुए थे तो मुर्गियों के लिए दाना कहां से लाते. नतीजा यह हुआ कि लोगों ने मुर्गियां और उनके बच्चों को जिंदा दफनाना शुरु कर दिया. अंडे भी फेंक दिए. कुछ जगहों पर मुर्गियां फ्री में बांट दी या औने-पौने दाम में बेच दी गईं.

अब अंडा देने वाली मुर्गी हो तो बाज़ार की डिमांड पूरी करें-अध्यक्ष नवाब अली यह भी बताते हैं कि आप किसी भी पोल्ट्री फार्म में चले जाइए वहां अब सिर्फ 40 से 45 फीसदी मुर्गियां ही बची हैं. बाकी की मुर्गी कोरोना काल की भेंट चढ़ चुकी हैं. इस काल में अंडे देने वाली मुर्गियां भी दाना न खिला पाने के चलते बेच दी गईं या ज़मीन में दफना दी गईं. अब सर्दी शुरु होते ही अंडे की डिमांड बढ़ने लगी है, लेकिन पोल्ट्री डिमांड के हिसाब से अंडा सप्लाई नहीं कर पा रही हैं.
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