SBI ने 4 मई तक बेचे 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा के चुनावी बॉन्ड, जानिए इनके बारे में...

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने 5,029 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड (इलेक्ट्रोल बॉन्ड) बेच दिए हैं.

News18Hindi
Updated: May 15, 2019, 7:02 PM IST
SBI ने 4 मई तक बेचे 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा के चुनावी बॉन्ड, जानिए इनके बारे में...
SBI ने 4 मई तक बेचे 5000 करोड़ से ज्यादा के चुनावी बॉन्ड, जानिए इनके बारे में...
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Updated: May 15, 2019, 7:02 PM IST
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने 5,029 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड (इलेक्ट्रोल बॉन्ड) बेच दिए हैं. ये आंकड़ा एक आरटीआई (सूचना के अधिकार) के जवाब में मिला है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मुंबई के मनोरंजन रॉय  को बैंक की ओर से मिले आरटीआई के जवाब में बताया है कि भारतीय स्टेट बैंक ने चार मई तक नौ चरण में 5,029 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 10,494 चुनावी बॉन्ड जारी किए. इस तरह प्रति बॉन्ड औसतन 48 लाख रुपये का रहा. हालांकि, बैंक ने इन बॉन्ड्स को खरीदने वाली कंपनियों या व्यक्ति की जानकारी यह कहते हुए सार्वजनिक नहीं की है कि ये 'तृतीय पक्ष' से जुड़ी जानकारी है. बैंक के मुताबिक आरटीआई अधिनियम की धारा आठ (1)(ई)(आई) के तहत उसे तीसरे पक्ष की जानकारी देने से छूट प्राप्त है.

आपको बता दें कि चुनावी बॉन्ड खरीदकर किसी पार्टी को देने से 'बॉन्ड खरीदने वाले' को कोई फायदा नहीं होगा. न ही इस पैसे का कोई रिटर्न है. ये पैसा पॉलिटिकल पार्टियों को दिए जाने वाले दान की तरह है.



कौन सी पार्टियों को मिलता है बॉन्ड का पैसा- 1951 ऐक्ट के सेक्शन 29A के तहत रजिस्टर हई पार्टियों को बॉन्ड के तहत पैसा मिलता है. वहीं, आम चुनाव में कम से कम कुल वोट के एक प्रतिशत वोट मिलने वाली पार्टी इसमें शामिल हो सकती है.(ये भी पढ़ें: रेल यात्री ध्यान दें! ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने से पहले रेलवे करेगा SMS, आएगा फोन)

 

SBI ने 4 मई तक बेचे 5000 करोड़ से ज्यादा के चुनावी बॉन्ड, जानिए इनके बारे में...

चुनावी बॉन्ड- साल 2017-18 के बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने चुनावी बॉन्ड लाने की घोषणा की थी. यह करंसी नोट की तरह ही होता है जिसके ऊपर इसकी कीमत लिखी होती है. पारदर्शिता बनाए रखने के लिए चंदा देने के लिए इस बॉन्ड का उपयोग किया जाता है. ये चुनावी बॉन्ड 1,000 रुपये, दस हजार रुपये, एक लाख, दस लाख और एक करोड़ रुपये के मूल्य के उपलब्ध हैं.

बॉन्ड में तीन खिलाड़ीपहला- डोनर, जो राजनीतिक दलों को फंड डोनेट करना चाहता है. जो व्यक्ति, संस्था या कंपनी हो सकती है.

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दूसरा- देश के राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दल.
तीसरा- देश का केन्द्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया.

बॉन्ड की मियाद 15 दिनों की होती है, यानी खरीदने के 15 दिन बाद पॉलिटिकल पार्टी को बॉन्ड दे देना है वो भी पंजीकृत राजनीतिक दल को. पार्टी भी इन्हें सिर्फ अधिकृत बैंक खाते के जरिए ही भुना सकेगी. खरीदने वाले का KYC जरुरी होगा. ये बॉन्ड उन्हीं पंजीकृत राजनीतिक दलों को दिए जा सकेंगे जिन्हें पिछले चुनाव में कम से कम एक फीसदी वोट मिला.(ये भी पढ़ें- सरकार की नई योजना, किडनी मरीजों का घर पर होगा मुफ्त इलाज)
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