तेल कंपनियों ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए बदली रणनीति, बैटरी चार्जिंग के झंझट से मिलेगी मुक्ति

तेल कंपनियों ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए बदली रणनीति, बैटरी चार्जिंग के झंझट से मिलेगी मुक्ति
EV बैटरी की चार्जिंग के झंझट से मुक्ति

तेल कंपनियों ने शुरुआत में पेट्रोल पंप पर चार्जिंग स्टेशन लगाए हैं. चार्जिंग में लगने वाले समय को देखते हुए तेल कंपनियों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है. अब वो चार्जिंग स्टेशन के बजाए बैटरी स्वैप पर फोकस कर रहे हैं.

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नई दिल्ली. अगर आपके पास इलेक्ट्रिक गाड़ी (Electric Vehicle) है या खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यह आपके काम की खबर है. नए नियमों के मुताबिक, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के लिए ये जरूरी है कि वो पेट्रोल पंप (Petrol Pump) पर क्लीन एनर्जी का कम से कम एक सोर्स जरूर रखें. उसी को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय (Petroleum Ministry) के निर्देश को देखते हुए तेल कंपनियों ने शुरुआत में पेट्रोल पंप पर चार्जिंग स्टेशन (Charging Station) लगाए हैं. चार्जिंग में लगने वाले समय को देखते हुए तेल कंपनियों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है. अब वो चार्जिंग स्टेशन के बजाए बैटरी स्वैप (Battery Swap) पर फोकस कर रहे हैं.


IOC, HPCL और BPCL ने बैटरी स्वैप का मॉडल अपनाया
चार्जिंग स्टेशन तैयार करने पर 5 लाख रुपए का खर्च आता है और गाड़ी की बैटरी चार्ज करने में कम से कम एक घंटे का सयम लगता है. इसे देखते हुए तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (HPCL) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने बैटरी स्वैप करने पर फोकस किया है.


आईओसी ने चंडीगढ़ में इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर दिया है. चंडीगढ़ में पेट्रोल पंप पर बैटरी स्वैप की सुविधा शुरू हो गई है और यह भी कहा जा रहा है अगले 10 से 15 दिनों में वसंत विहार में बैटरी स्वैप की सुविधा शुरू होगी. यहां पर ग्राहक अपने डिस्चार्ज बैटरी को देकर फुल चार्ज बैटरी ले जा सकेंगे. इसके लिए उनको इंतजार करने की भी जरूरत नहीं होगी. कीमत बैटरी की साइज और कैपेसिटी के हिसाब से देना होगा. (प्रकाश प्रियदर्शी, संवाददाता- CNBC- आवाज़)
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