ई-व्‍हीकल निर्माताओं ने कहा- बिना बैटरी के वाहनों की बिक्री को लेकर तस्‍वीर साफ करे सरकार

ई-व्‍हीकल निर्माताओं ने कहा- बिना बैटरी के वाहनों की बिक्री को लेकर तस्‍वीर साफ करे सरकार
ई-व्‍हीकल निर्माताओं सरकार से बिना बैटरी के इलेक्ट्रिक वाहन बेचने के फैसले को लेकर कुछ स्‍पष्‍टीकरण मांगे हैं.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ई-व्‍हीकल्‍स (E-Vehicles) की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए कहा है कि वाहन निर्माता (Manufacturers) बिना बैटरी (Without Batteries) के दो और तिपहिया वाहन बेच सकते हैं. इससे इलेक्ट्रिक वाहन बनाने की उनकी लागत (Cost) कम हो जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 15, 2020, 10:57 PM IST
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मुंबई. केंद्र सरकार (Central Government) ने हाल में फैसला लिया है कि इलेक्ट्रिक वाहन (E-Vehicles) निर्माता बिना प्री-फिटेड बैटरी (Without Pre-fitted Batteries) वाले व्‍हीकल्‍स बनाकर बेच सकते हैं. इसकी ई-व्‍हीकल मैन्‍युफैक्‍चरर्स ने तारीफ करने के साथ ही कुछ सवालों के जवाब स्‍पष्‍ट करने को कहा है. ई-वाहन निर्माताओं ने पूछा है कि अगर वे बिना बैटरी के व्‍हीकल्‍स बनाते हैं तो खरीदारों को सब्सिडी (Subsidies) कैसे दी जाएगी.

ई-वाहन की बैटरी की पावर के आधार पर ग्राहकों को दी जाती है सब्सिडी
वाहन निर्माताओं का कहना है कि मौजूदा योजना में ई-व्‍हीकल के खरीदारों को वाहन में लगी बैटरी की पावर (Power of Batteries) के आधार पर छूट का लाभ दिया जाता है. ऐसे में सरकार ई-वाहनों की बिक्री को लेकर पूरी योजना स्‍पष्‍ट करे. दरअसल, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ई-व्‍हीकल्‍स की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए कहा है कि वाहन निर्माता (Manufacturers) बिना बैटरी (Without Batteries) के दोपहिया और तिपहिया वाहन बेच सकते हैं. इससे इलेक्ट्रिक वाहन बनाने की उनकी लागत (Cost) कम हो जाएगी.

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'वाहन निर्माता या एनर्जी सर्विस प्रोवाइडर्स अलग से बेच सकते हैं बैटरी'


मंत्रालय ने कहा है कि वाहन निर्माता या एनर्जी सर्विस प्रोवाइडर्स बैटरी अलग से बेच सकते हैं. इससे बैटरी को बदलने का नया रास्‍ता खुल जाएगा, जिसके तहत ई-वाहन मालिक को बैटरी खरीदनी नहीं पड़ेगी. वे पारंपरिक वाहनों में ईंधन भरवाने की ही तरह बैटरी किराये पर ले सकेंगे. निर्माताओं का कहना है कि केंद्र की तेजी से ई-वाहनों के निर्माण और लोगों तक पहुंचाने की रणनीति के दूसरे चरण (FAME-2) के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों के खरीदारों को 10,000 रुपये प्रति किलोवाट की बैटरी बिजली की सब्सिडी (Subsidy) दी जाती है. वाहन निर्माताओं ने सरकार से पूछा है कि बिना वैटरी के वाहन बेचने पर ग्राहकों को इस सब्सिडी का लाभ कैसे दिया जाएगा.

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देश में बैटरी बदलने की अच्‍छी व्‍यवस्‍था नहीं होने से बिक्री होगी प्रभावित
सोसायटी ऑफ मैन्‍युफैक्‍चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्‍हीकल्‍स के महानिदेशक सोहिंदर गिल ने कहा कि ई-वाहनों से बैटरी अलग करने से पहले काफी कुछ करना बाकी है ताकि ग्राहकों को फायदा मिल सके. उन्‍होंने कहा कि हमने सरकार से योजना के विभिन्‍न पहलुओं पर सरकार से स्‍पष्‍टता की मांग की है. उम्‍मीद है कि सरकार जल्‍द ही हमारे तमाम सवालों और शंकाओं के जवाब दे देगी. साथ ही उन्‍होंने कहा, 'इस समय बैटरी बदलने या किराये पर देने की उतनी अच्‍छी व्‍यवस्‍था भी नहीं है कि तत्‍काल बिना बैटरी के वाहन बनाने शुरू कर दिए जाएं. इससे ग्राहक बिना बैटरी वाले ई-वाहन लेने से कतराएंगे. हालांकि, लंबे समय में ये योजना फायदेमंद साबित हो सकती है.
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