मेघालय के 1.80 लाख घरों को अब  मिलेगी भरपूर बिजली, एशियन डेवलपमेंट बैंक कर रहा है मदद

केंद्र सरकार मेघालय के 1.80 लाख घरों तक बिजली पहुंचाने की कवायद में जुटी है.
केंद्र सरकार मेघालय के 1.80 लाख घरों तक बिजली पहुंचाने की कवायद में जुटी है.

एशियाई विकास बैंक (ADB) ने बिजली आपूर्ति व्‍यवस्‍था दुरुस्‍त करने के लिए मेघालय (Meghalaya) को 13.28 करोड़ डॉलर का लोन मंजूर कर दिया है. इस रकम से राज्‍य में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक पावर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 4, 2020, 9:12 AM IST
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नई दिल्‍ली. पूर्वोत्‍तर राज्‍य मेघालय (Meghalaya) में बिजली से जुड़ी समस्याओं (Electricity Issues) के बादल अब छंटने वाले हैं. राज्‍य में पावर क्‍वालिटी बेहतर करने के साथ-साथ डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क (Power Distribution Network) को अपग्रेड करने के लिए एशियाई विकास बैंक (ADB) ने 13.28 करोड़ डॉलर के लोन को मंजूरी दे दी है. शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन वाले राज्यों मे शुमार मेघालय में प्रति व्यक्ति बिजली की खपत (Power Consumption) राष्ट्रीय खपत से काफी कम है. साल 2017 के आंकड़ों के मुताबिक, मेघालय में प्रति व्यक्ति बिजली की खपत महज 832 किलोवाट प्रति घंटा ही थी. वहीं, इसका राष्ट्रीय औसत 1122 किलोवाट प्रति घंटा है. यहीं नहीं प्रदेश के दूरदराज इलाकों में बिजली सप्‍लाई की समस्‍या भी है.

मेघालय में आधुनिक पावर इंफ्रास्ट्रक्चर होगा तैयार
मेघालय के सभी बिजली उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक पावर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा. प्रोजेक्ट के तहत 23 सब स्टेशन बनाए जाएंगे. वहीं, 45 सब स्टेशनों को रेनोवेट किया जाएगा. कंट्रोल रूम इक्विपमेंट और प्रोटेक्शन सिस्टम का भी प्रावधान होगा. राज्‍य के 6 में 3 सर्किल के 2214 किमी डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम को इंस्टॉल और अपग्रेड किया जाएगा. सभी इलेक्ट्रोमेक्निकल मीटर्स को स्मार्ट मीटर से बदला जाएगा. दावा किया जा रहा है कि इस पहल से प्रदेश के 1.80 लाख घरों को सीधा फायदा मिलेगा. मेघालय पावर डिस्ट्रिब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPDCL) के लिए डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर और फाइनेंशियल रोडमैप बनाने में भी यह प्रोजेक्ट मदद करेगा.

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लोन की रकम से किए जाएंगे बड़े बदलाव


मेघालय में पुरानी और जर्जर हो चुके पावर डिस्ट्रि्ब्यूशन नेटवर्क को फिर से खड़ा करने में एडीबी की ओर से दिया जाने वाला कर्ज काफी मददगार होगा. प्रदेश में मौजूदा सब-स्टेशनों में पुरानी तकनीक से काम हो रहा है. पावर डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क पर क्षमता से ज्‍यादा बोझ है. इससे एग्रीगेट टेक्नीकल एंड कमर्शियल लॉस काफी ज्‍यादा है. साल 2015 में इस बात पर सहमति बनी थी कि केंद्र सरकार और मेघालय सरकार मिलकर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध, सस्ती, गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति करेंगे. इस पहल से मेघालय की आम जनता के साथ ही इंडस्ट्री और बिजनेस को भी फायदा मिलेगा. उम्मीद की जा रही है कि बेहतर पावर सप्लाई से लोगों की आमदनी बढ़ेगी.
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