होम /न्यूज /व्यवसाय /ELSS में जुलाई में 48 फीसदी घट गया निवेश, क्‍या आपको अब डालना चाहिए पैसा? क्‍या है एक्‍सपर्ट की राय

ELSS में जुलाई में 48 फीसदी घट गया निवेश, क्‍या आपको अब डालना चाहिए पैसा? क्‍या है एक्‍सपर्ट की राय

ईएलएसएस में किए गए निवेश पर आयकर अधिनियिम की धारा 80 सी के तहत टैक्‍स छूट मिलती है.

ईएलएसएस में किए गए निवेश पर आयकर अधिनियिम की धारा 80 सी के तहत टैक्‍स छूट मिलती है.

ईएलएसएस फंड्स (ELSS mutual fund) लॉन्‍ग टर्म में बड़ा फंड बनाने वाला वो फ्लेक्‍सी कैप फंड. ईएलएसएस में किए गए निवेश पर आ ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

ELSS में जुलाई में 327.85 करोड़ रुपये का पॉजिटिव इनफ्लो रहा है. जून में यह आंकड़ा 640.06 करोड़ रुपये रहा था.
लॉन्‍ग टर्म में बड़ा फंड बनाने और टैक्‍स लाभ लेने के लिए इस ELSS फंड्स में निवेश अब भी फायदे का सौदा है.
हमेशा ही इक्विटी ने अन्‍य एसेट क्‍लास के मुकाबले लॉन्‍ग टर्म में बेहतर रिटर्न दिया है.

नई दिल्‍ली. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इक्विटी म्‍यूचुअल फंड्स (Equity Mutual Funds) में होने वाले निवेश में जुलाई, 2022 में 42 फीसदी की गिरावट आई है. ईएलएसएस फंड्स (ELSS mutual fund) में निवेश में भी 48 फीसदी की गिरावट आई है. ईएलएसएस में जुलाई में 327.85 करोड़ रुपये का पॉजिटिव इनफ्लो रहा है. जून में यह आंकड़ा 640.06 करोड़ रुपये रहा था. ईएलएसएस फंड्स का नेट एसेट्स अंडर मैनेजमेंट जून के 1,34,225.70 करोड़ रुपये बढ़कर 1,47,910.92 करोड़ रुपये रहा है.

ELSS फंड्स लॉन्‍ग टर्म में बड़ा फंड बनाने वाला फ्लेक्‍सी कैप फंड है. ईएलएसएस में किए गए निवेश पर आयकर अधिनियिम की धारा 80सी के तहत टैक्‍स छूट मिलती है. इसका लॉक इन पीरियड तीन साल है. इसका अर्थ है कि इस फंड में की गई राशि की निकासी तीन साल से पहले नहीं की जा सकती. वित्‍तीय सलाहकार लॉन्‍ग टर्म इनवेस्‍टमेंट के लिए ईएलएसएस फंड्स में निवेश की सलाह इसलिए देते हैं क्‍योंकि इनका रिटर्न महंगाई दर से ज्‍यादा तो होता ही है, साथ ही इसमें टैक्‍स लाभ भी मिलता है.

ये भी पढ़ें-  Hybrid Mutual Funds : 3 फंड्स ने 15 साल में किया निवेशकों को मालामाल, बाजार में अस्थिरता पर भी नहीं घटा रिटर्न

क्‍या अब करना चाहिए निवेश?
लाइव मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, ELSS फंड्स के इनफ्लो में जुलाई 2022 में भारी गिरावट के बाद सवाल यह उठता है कि क्‍या अब भी इस फंड में निवेश करना चाहिए? वित्‍तीय सलाहकारों का कहना है कि लॉन्‍ग टर्म में बड़ा फंड बनाने और टैक्‍स लाभ लेने के लिए इस ईएलएसएस फंड्स में निवेश अब भी फायदे का सौदा है.

एप्सिलॉन मनी मार्ट के प्रोडक्‍ट और प्रोपोजिशन हेड नितिन राव का कहना है कि ईएलएसएस फंड में इक्विटी इनफ्लो में गिरावट के कई कारण हैं. इनमें बढ़ती ब्‍याज दरें, रुपये का अवमूल्‍यन, भू-राजनीतिक तनाव आदि शामिल है. इन कारकों ने इक्विटी के प्रति निवेशकों की धारणाओं को प्रभावित किया है.

ये भी पढ़ें-  छप्‍परफाड़ रिटर्न : इन स्‍टॉक्‍स का रिटर्न जानकर आप भी कहोगे- काश! मैंने भी इनमें लगाए होते पैसे

इक्विटी मार्केट होगी मजबूत
राव का कहना है कि एएमएफआई के आंकड़ों से पता चलता है कि इक्विटी में रिटेल निवेशकों की भागीदारी लगातार बढ़ती जा रही है. टोटल सिप अकाउंट अब 55.5 मिलियन हो गए हैं. इससे पता चलता है कि रिटेल इनवेस्‍टर का भरोसा इसमे बढ़ता जा रहा है. राव का कहना है कि लॉन्‍ग टर्म इनवेस्‍टर के लिए इक्विटी में निवेश करने का यह सही मौका है. हमेशा ही इक्विटी ने अन्‍य एसेट क्‍लास के मुकाबले लॉन्‍ग टर्म में बेहतर रिटर्न दिया है. मॉनसून की बारिश ठीक हो रही है, फेस्टिव सीजन आ चुका जिससे खपत में बढ़ोतरी होगी. इन सब कारणों से घरेलू इक्विटी मार्केट को मजबूती मिलेगी.

(Disclaimer: यहां बताए गए स्‍टॉक्‍स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्‍टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)

Tags: Business news in hindi, Investment, Investment tips, Mutual fund

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें