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बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहकों को झटका, अब ज्यादा देनी होगी लोन की EMI, 0.20% तक बढ़ा MCLR

बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda)

बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda)

ज्यादातर कंज्यूमर लोन मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिंग रेट के आधार पर होती है. ऐसे में एमसीएलआर में बढ़ोतरी से पर्सनल लोन, ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

बैंक ऑफ बड़ौदा ने मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिंग रेट को 0.520 फीसदी तक बढ़ा दिया है.
एक साल की अवधि की बेंचमार्क एमसीएलआर को 7.65 फीसदी से बढ़ाकर 7.70 फीसदी किया गया है.
आरबीआई की ओर से रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद कई बैंकों ने अपनी ब्याज दरें बढ़ा दी हैं.

नई दिल्ली. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने पिछले सप्ताह रेपो रेट को 0.50 फीसदी बढ़ा दिया था. इसके बाद कई बैंकों ने अपनी ब्याज दरों में वृद्धि की है.अब इस सूची में एक बड़े बैंक का नाम जुड़ गया है. दरअसल, सार्वजनिक क्षेत्र के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ने अपने ग्राहकों को जोरदार झटका दिया है. बैंक ने विभिन्न अवधि वाले कर्ज के लिए मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिंग रेट यानी एमसीएलआर (MCLR) में 0.20 फीसदी तक की वृद्धि की घोषणा की है.

12 अगस्त से लागू होंगी नई दरें
बैंक ऑफ बड़ौदा ने बुधवार को शेयर बाजार को भेजी जानकारी में कहा कि उसने एमसीएलआर दर में वृद्धि को मंजूरी दे दी है. यह 12 अगस्त से प्रभावी होगी. एक साल की अवधि की बेंचमार्क एमसीएलआर को 7.65 फीसदी से बढ़ाकर 7.70 फीसदी किया गया है. ज्यादातर उपभोक्ता कर्ज की ब्याज दरें इसी के आधार पर तय होती हैं.

एक महीने की अवधि के कर्ज के लिए एमसीएलआर को 0.20 फीसदी बढ़ाकर 7.40 फीसदी कर दिया गया है. वहीं, तीन महीने और छह महीने वाली अवधि के कर्ज के लिए एमसीएलआर को 0.10 फीसदी बढ़ाकर क्रमश: 7.45 और 7.55 फीसदी करने का फैसला किया गया है.

ये भी पढ़ें- रेपो रेट बढ़ने का असर, PNB और ICICI बैंक ने ग्राहकों को दिया झटका, कर्ज लेना हुआ महंगा 

बढ़ जाएगी आपकी ईएमआई
एमसीएलआर में बढ़ोतरी के साथ टर्म लोन पर ईएमआई बढ़ने की उम्मीद है. ज्यादातर कंज्यूमर लोन मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिंग रेट के आधार पर होती है. ऐसे में एमसीएलआर में बढ़ोतरी से पर्सनल लोन, ऑटो और होम लोन महंगे हो सकते हैं.

क्या होता है MCLR?
गौरतलब है कि एमसीएलआर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विकसित की गई एक पद्धति है जिसके आधार पर बैंक लोन के लिए ब्याज दर निर्धारित करते हैं. आरबीआई ने 1 अप्रैल 2016 से देश में एमसीएलआर की शुरुआत की थी. उससे पहले सभी बैंक बेस रेट के आधार पर ही ग्राहकों के लिए ब्याज दर तय करते थे. अब बैंकों द्वारा एमसीएलआर में किसी भी बढ़ोतरी या कटौती का असर नए और मौजूदा लेनदारों पर भी पड़ता है.

Tags: Bank of baroda, Loan, RBI

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