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नौकरी करने वालों के लिए बड़ी खबर! बदल सकता है PF के साथ कटने वाली पेंशन निकालने का नियम

News18Hindi
Updated: October 21, 2019, 11:07 AM IST
नौकरी करने वालों के लिए बड़ी खबर! बदल सकता है PF के साथ कटने वाली पेंशन निकालने का नियम
Employees Provident Fund Organisation (EPFO) पेंशन से जुड़े एक बड़े नियम में बदलाव की तैयारी कर रहा है.

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) पेंशन से जुड़े एक बड़े नियम में बदलाव की तैयारी कर रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेंशन के लिए उम्र की सीमा को 58 साल से बढ़ाकर 60 साल किया जा सकता है. इसका असर 6 करोड़ पीएफ (PF) खाताधारकों पर होगा.

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  • Last Updated: October 21, 2019, 11:07 AM IST
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नई दिल्ली. ईपीएफओ यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organisation-EPFO) पेंशन से जुड़े एक बड़े नियम में बदलाव की तैयारी कर रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेंशन के लिए उम्र की सीमा को 58 साल से बढ़ाकर 60 साल किया जा सकता है. अगर आसान शब्दों में समझें तो मौजूदा समय में अलग-अलग जगह नौकरी करते हुए भी आपकी सर्विस हिस्ट्री 10 साल की हो जाती है तो आप पेंशन पाने के हकदार बन जाते हैं और 58 साल की उम्र होने पर आपको मासिक पेंशन के तौर पर पैसा मिलने लगता है. अंग्रेजी के बिजनेस न्यूज पेपर इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, EPFO अब उम्र की सीमा को 58 साल से बढ़ाकर 60 साल कर सकता है.

क्यों हो रहा है पेंशन के नियम में बदलाव- ईटी की खबर के मुताबिक, EPF एक्ट 1952 में बदलाव की तैयारी है. इसे बदलने के पीछे बड़ा कारण दुनियाभर में तय की गई उम्र को बताया जा रहा है. दुनिया के ज्यादातर पेंशन फंड में पेंशन की उम्र 65 साल तय की गई है, इसीलिए इसे बदलने की तैयारी है.

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>> अगले महीने EPFO सेंट्रल बोर्ड ट्रस्ट की बैठक में इस पर विचार हो सकता है. इस फैसले से पेंशन फंड को 30 हजार करोड़ रुपये की राहत मिलेगी. साथ ही नौकरीपेशा लोगों की रिटायरमेंट उम्र भी 2 साल बढ़ सकती है.बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव कैबिनेट अप्रूवल के लिए लेबर मिनिस्ट्री को भेजा जाएगा.

EPFO members may get option to draw pension after 60 years know about Employees Pension Scheme

PF के साथ कटने वाली पेंशन के बारे में जानिए- आपको बता दें कि नौकरीपेशा लोगों की सैलरी से कटने वाली रकम दो खातों में जाती है. पहला प्रोविडेंट फंड यानी EPF और दूसरा पेंशन फंड यानी EPS होता है. कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 12 फीसदी हिस्सा ईपीएफ में जमा हो जाता है. इसके अलावा कंपनी की ओर से 3.67 फीसदी EPF में और बाकी 8.33 फीसदी हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जमा होता है.

>> ईपीएफ के लिए सैलरी की अधिकतम सीमा अभी 15,000 रुपये प्रति माह है. इसलिए ईपीएस में अधिकतम योगदान 1250 रुपये प्रतिमाह है.
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>> ईपीएस एक्ट में 1996 में हुए एक संशोधन के बाद कर्मचारी को पेंशन में योगदान बढ़ाकर सैलरी (बेसिक और डीए) का 8.33 फीसदी करने का विकल्प मिल गया. ईपीएस में योगदान बढ़ाने के लिए नियोक्ता के सहमति पत्र के साथ कर्मचारी को ईपीएफओ के पास आवेदन करना पड़ता है.

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कब निकाल सकते हैं EPF पेंशन का पैसा- अपने PF खाते की रकम को कोई भी कर्मचारी एक तय समय के बाद निकाल सकता है, लेकिन पेंशन की रकम निकालने के लिए नियम सख्त है, क्योंकि यह अलग-अलग स्थिति में तय होते हैं.

>>अगर नौकरी 6 महीने से ज्यादा और 9 साल 6 महीने से कम है, तो फॉर्म 19 और 10c जमा करके पीएफ के साथ पेंशन की रकम भी निकाली जा सकती हैं. लेकिन, इसके लिए आपको मैनुअल तरीके से ही पीएफ ऑफिस में आवेदन करना होगा.

>>ऑनलाइन प्रोसेस में अभी पेंशन फंड निकालने की सुविधा को शुरू नहीं किया गया है. फॉर्म भरने के बाद इन्हें एम्प्लॉयर यानी EPFO के कार्यालय में ही जमा करना होगा.

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First published: October 21, 2019, 10:04 AM IST
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