PF और PPF का सवाल अब नहीं करेगा परेशान! फटाफट जानें इससे जुड़ी सभी बातें

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Updated: April 26, 2019, 6:52 PM IST
PF और PPF का सवाल अब नहीं करेगा परेशान! फटाफट जानें इससे जुड़ी सभी बातें
PF और PPF का सवाल अब नहीं करेगा परेशान, फटाफट जानें इससे जुड़ी सभी बातें

अगर आपको भी पीएफ (PF) और पीपीएफ (PPF) से जुड़े सवाल परेशान करते हैं तो आपको इससे जुड़े सभी जवाब यहां मिल जाएंगे.

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  • Last Updated: April 26, 2019, 6:52 PM IST
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वित्त मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) के लिए 8.65 फीसदी की ब्याज दर को मंजूरी दे दी है. ईपीएफओ के 6 करोड़ सदस्‍यों को इसका फायदा मिलेगा. वित्‍त मंत्रालय के तहत आने वाले वित्‍तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने ईपीएफओ के 2018-19 के लिए अपने सदस्‍यों को ईपीएफ पर 8.65 फीसदी ब्‍याज देने के निर्णय पर अपनी सहमति दे दी है. लेकिन नौकरी करने वालों के लिए प्रोविडेंट फंड यानी पीएफ की रकम बड़ी मायने रखती है. यह उनकी बचत ही नहीं होती, बल्कि रिटायरमेंट के लिए मिलने वाली एक पूंजी है. लेकिन नौकरीपेशा लोग इसके बारे में बहुत कम जानते हैं. यहां तक कि ज्यादातर लोग PF और PPF के बीच के अंतर को भी नहीं समझ पाते हैं.

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि आमतौर पर नौकरी करने वाले ढेर सारे लोगों को यह सवाल बेहद परेशान करता हैं. इसीलिए आज हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं. आइए जानें इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब...

सवाल: पीएफ (PF) और पीपीएफ (PPF) में क्या अंतर होता है?
जवाब: नौकरी करने वालों की सैलरी से एक हिस्सा पीएफ के तौर पर कटता है. यह रकम आपके PF (Provident Fund) खाते में जमा होती है. यह एक प्रकार का निवेश कहलाता है. आपको बता दें कि एम्प्लॉई प्रॉविडेंट फंड (Employee Provident Fund) यानी EPF यह सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक फायदा देने वाली स्कीम है, जो एम्प्लॉईज़ प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (Employees' Provident Fund Organisation) यानी EPFO द्वारा चलाई जाती है. इसकी ब्याज दरें सरकार तय करती है. मौजूदा समय में खाताधारकों को 8.65 फीसदी का ब्याज मिल रहा है. (ये भी पढ़ें-नौकरी करने वालों के लिए PF से पैसा निकालना हुआ आसान! जानें पूरा प्रोसेस)

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पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (Public Provident Fund) यानी PPF केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाने वाली योजना है. इसे आप अपनी जरूरत के हिसाब से ले सकते हैं. इस लेना अनिवार्य नहीं है. ये ऐच्छिक है. आप चाहें, तो किसी भी राष्ट्रीय बैंक या पोस्ट ऑफिस में PPF खाते खोल सकते हैं. इसके लिए आपको किसी कंपनी का कर्मचारी होना भी ज़रूरी नहीं है. पीपीएफ खाते की ब्याज दरें हर तीन महीने में तय होती है. एक अप्रैल 2019 से 30 जून 2019 तक पीपीएफ खाते पर 8 फीसदी का ब्याज मिलेगा.

>> किसी भी कंपनी में काम करने वाली कर्मचारी की सैलरी कई हिस्सों में बंटी होती है. इसमें बेसिक सैलरी, ट्रैवल अलाउंस, स्पेशल अलाउंस आते है.
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>> हर महीने कंपनी सभी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी से 12 फीसदी पैसा काटकर PF के खाते में डाल देती है. कर्मचारियों के साथ-साथ कंपनी की ओर से भी 12% पैसा उस कर्मचारी के PF खाते में डाला जाता है.(ये भी पढ़ें-सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आपको कितनी मिलेगी पेंशन, यहां करें चेक)

सवाल: पीएफ खातधारकों को और क्या फायदें मिलते हैं?
जवाब: 
पीएफ से जुड़े कई ऐसे फायदे हैं जिनकी जानकारी शायद नौकरीपेशा लोगों को कम ही होती है. इन फायदों को जानना बहुत जरूरी है, क्योंकि पीएफ पर ये फायदे बिल्कुल मुफ्त में मिलते हैं.

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(1) फ्री इंश्योरेंस- पीएफ खाता खुलते ही आपको बाई डिफॉल्ट बीमा भी मिल जाता है. EDLI योजना के तहत आपके पीएफ खाते पर 6 लाख रुपए तक का इंश्योरेंस मिलता है. यह योजना है Employees Deposit Linked Insurance (EDLI). (ये भी पढ़ें-नौकरी करने वालों के लिए खुशखबरी! 1 अप्रैल से बदल सकता है PF से जुड़ा ये बड़ा नियम)

(2) निष्क्रिय खातों पर ब्याज- पीएफधारकों को निष्क्रिय पड़े खातों पर भी ब्याज मिलता है. यानी अगर आपका पीएफ खाता 3 साल से अधिक समय से निष्क्रिय है तो भी आपको इतना ब्‍याज मिलता रहेगा. 2016 में ईपीएफओ ने अपने पुराने फैसले को बदल दिया था.

>> इससे पहले 3 साल से अधिक समय तक निष्क्रिय रहने पर पीएफ के पैसे पर आपको ब्‍याज मिलना बंद हो जाता था. हालांकि, फाइनेंशियल एक्‍सपर्ट का मानना है कि भले ही आपको निष्क्रिय खातों पर भी ब्याज मिल रहा है, लेकिन इन्हें सक्रिय पीएफ खाते में ट्रांसफर करवा लेना चाहिए या निकाल लेना चाहिए.

>>  मौजूदा नियमों के मुताबिक, पांच साल से अधिक समय खाते के लगातार निष्क्रिय रहने पर इससे पैसे निकालने पर टैक्स देना होगा.

(3) आसानी से निकलेगा पैसा- पीएफ से पैसा निकालना भी अब आसान हो गया है. खास परिस्थितियों में आप आसानी से तय सीमा तक रकम निकाल सकते हैं. मकान खरीदने, बनाने, मकान की रीपेमेंट, बीमारी, उच्च शिक्षा, शादी आदि के लिए पैसे की जरूरत होती है. ऐसी जरूरतों के लिए आप अपनी जमा राशि की 90 फीसदी तक रकम निकाल सकते हैं.

(4) ऑटो ट्रांसफर की सुविधा- नई नौकरी ज्‍वाइन करने पर ईपीएफ के पैसे को क्लेम करने के लिए अलग से फॉर्म-13 भरने की अब जरूरत नहीं रह गई है. ईपीएफओ ने एक नया फॉर्म 11 पेश किया है, जो फॉर्म 13 की जगह पर यूज होता है. यह ऑटो ट्रांसफर के सभी मामलों में इस्तेमाल होता है.

(5) पेंशन का भी फायदा- ट्रस्ट ने ईपीएफओ योजनाओं के तहत कवरेज के लिए कर्मचारी संख्या सीमा को मौजूदा 20 से घटाकर 10 करने का भी फैसला किया है. इससे ईपीएफओ अंशधारकों की संख्या 9 करोड़ तक हो जाएगी. ईपीएफ एक्‍ट के तहत कर्मचारी की बेसिक सैलरी प्‍लस डीए का 12 फीसदी पीएफ खाते में जाता है. वहीं, कंपनी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी प्‍लस डीए का 12 फीसदी कंट्रीब्‍यूट करती है. कंपनी के 12 फीसदी कंट्रीब्‍यूशन में से 3.67 फीसदी कर्मचारी के पीएफ खाते में जाता और बाकी 8.33 फीसदी कर्मचारी पेंशन स्‍कीम में जाता है.

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सवाल: PPF खाता खोलने पर क्या फायदे मिलते हैं?
जवाब:  पीपीएफ निवेश और टैक्स बचत के सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक है. इसमें निवेश करने से न सिर्फ आपको इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है, बल्कि इस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी के वक्त मिलने वाली रकम भी टैक्स फ्री होती है.

पीपीएफ खाते में सालाना कम-से-कम 500 रुपये डालने होंगे. एक वित्त वर्ष (अप्रैल से मार्च) में ज्यादा-से-ज्यादा 1.5 लाख रुपये ही डाल सकते हैं. अगर आपने अपने और अपने बच्चे के नाम पर भी अकाउंट खोल रखे हैं तो सारे खाते मिलाकर अधिकतम निवेश की रकम 1.5 लाख रुपये ही रहेगी।.

पीपीएफ स्कीम के तहत आपके निवेश पर सुरक्षा की गारंटी मिलती है. स्कीम के तहत मिलने वाले ब्याज पर इनकम टैक्स नहीं लगता है. इसमें नॉमिनी की भी सुविधा है.

ध्यान रखें! PPF में निवेश के वक्त आपको यह भी ध्यान रखना है कि एक साल में आप इस खाते में 12 बार से अधिक निवेश नहीं कर सकते.

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First published: April 26, 2019, 6:47 PM IST
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