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नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खबर, पेंशन पाने के लिए जरूरी होगा ये सर्टिफिकेट, नहीं तो होगा बड़ा नुकसान

News18Hindi
Updated: November 24, 2019, 3:45 PM IST
नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खबर, पेंशन पाने के लिए जरूरी होगा ये सर्टिफिकेट, नहीं तो होगा बड़ा नुकसान
EPF में योगदान करने वाले लोग पेंशन के हकदार होते हैं.

EPF में योगदान करने वाले लोग पेंशन के हकदार होते हैं. EPF नियमों के मुताबिक, पेंशन क्लेम करने के लिए स्कीम सर्टिफिकेट पाना अनिवार्य होता है.

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  • Last Updated: November 24, 2019, 3:45 PM IST
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नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के अधिकतर सब्सक्राइबर्स को शायद नहीं पता होगा कि वो रिटायरमेंट के समय पर पेंशन के हकदार होंगे. लेकिन, अगर ऐसा कोई है तो उन्हें समय रहते EPS स्कीम सर्टिफिकेट जरूरी होगा. कर्मचारी पेंशन स्कीम के तहत करीब 3.3 लाख लोग ऐसे हैं, जो पेंशन योग्य हैं.

नौकरी पेशा लोगों की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (Dearness Allowances) का 8.33 फीसदी कर्मचारी पेंशन स्कीम (Employee Pension Scheme) में जाता है. हालांकि, इसमें 1,250 रुपये का अधिकतम कैप है. आपके पेंशन के बीते 60 महीने की औसत सैलरी को पेंशनेबल सर्विस से गुणा करने के बाद नए योग्य को 70 से भाग देकर निकाला जाता है. इस स्कीम के तहत न्यूनतम 1,000 रुपये प्रति माह का पेंशन प्राप्त कर सकते हैं.

आप 58 साल की उम्र में पेंशन योग्य हो जाता है. अगर कोई 50 साल से लेकर 57 साल की उम्र के बीच नौकरी छोड़ता है तो भी उसे पेंशन का लाभ मिलेगा. हालांकि, यह पेंशन कम होगी.

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वहीं, अगर कोई 58 साल के बाद भी अपना काम जारी रखता है जो EPF में योगदान देता रहता है तो वह 58 साल के उम्र से पेंशन प्राप्त कर सकता है.
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प्रोविडेंट फंड (Provident Fund) में लगातार 10 साल तक योगदान करने वाले लोगों को 58 साल की उम्र के बाद पेंशन की रकम विड्रा कर सकते हैं या फिर पेंशन पेंशन प्राप्त कर सकते हैं. मरणोपरांत, EPFO सब्सक्राइबर का पैसा पति/पत्नी को देय होता है.

अगर किसी व्यक्ति ने 6 माह से कम समय के लिए काम किया है तो ईपीएफओ के नियमों के मुताबिक वो पेंशन की रकम को विड्रॉ नहीं कर सकते हैं.

EPF पेंशन के लिए स्कीम सर्टिफिकेट क्या है?
यह पेंशन के लिए एक तरह की पॉलिसी है जो नौकरी बदलने पर पेंशन अकाउंट को ट्रांसफर करने की सुविधा देती है. पेंशन का क्लेम करने के लिए आवेदक के पास यह सर्टिफिकेट देना अनिवार्य होता है.

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EPF के नियमों के मुताबिक, वो लोग जिन्होंने कम से कम 10 साल के EPFO में योगदान दिया है और उनकी उम्र 58 साल से कम है तो अनिवार्य रूप से उनके लिए यह सर्टिफिकेट जारी किया जाता है.

अगर किसी व्यक्ति ने 10 साल से कम अवधि के लिए योगदान दिया है तो उनके लिए स्कीम सर्टिफिकेट की सुविधा के तहत ही पेंशन जारी की जाएगी. इस प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य है. अगर इस स्कीम का लाभार्थी की मौत हो जाती है तो इसके बाद परिवार को पेंशन दिया जाएगा.

कब प्राप्त करें EPS सर्टिफिकेट?
नौकरी बदलने के बाद प्रोविडेंट फंड सब्सक्राइबर्स को EPF पोर्टल के माध्यम से अपनी सेवाएं ट्रांसफर कर लेनी चाहिए. अगर, जहां आपने नई नौकरी कर रहे हैं और वह ईपीएफ के दायरे में नहीं आता है तो आपको स्कीम सर्टिफिकेट लेना जरूरी होगा. ऐसा नहीं करने पर आपको पेंशन नहीं मिलेगा.

अगर कोई 50 से 58 साल की उम्र के बीच है और उन्होंने 10 साल से अधिक समय तक ईपीएफओ में योगदान दिया है तो वो इसका स्कीम सर्टिफिकेट की मदद से पेंशन प्राप्त कर सकते है.

कैसे मिलेगा EPF स्कीम सर्टिफिकेट?
इसके लिए आपको फॉर्म 10सी भरना होगा, जिसमें आपकी तरफ से विड्रॉल फायदे के लिए क्लेम किया जाएगा.

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First published: November 24, 2019, 3:41 PM IST
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